गर्लफ्रेंड चुत का उद्धघाटन

दोस्तो नमस्कार, में राहुल कानपुर के पास का रहने वाला हूँ. अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी कहानी है जो मेरी और मेरी गर्लफ्रैंड की है. अगर इसमें कोई भूल हो जाये तो क्षमा करिएगा।
सबसे पहले में अपने बारे में बता देता हूं. मेरी हाइट 5’3″ है. जैसा लोग स्टोरी में बोलते है मेरा 9″ का है या 8″ का है तो मैं मानता हूँ हो सकता है. लेकिन मेरा लिंग साइज 6″ लंबा है.
चलिए अब ज्यादा बोर न करते हुए स्टोरी पे आता हूं.

यह बात 2015 के आस पास की है उस टाइम मैं अपना मकान बनवा रहा था. तो पूरे दिन कोई काम नहीं होता था बस प्लाट पे बैठ रहो और देख भाल करते रहो.
तो मैं फेसबुक चलाता रहता था.

एक दिन मुझे मेरी होने वाली गर्लफ्रैंड प्रिया (काल्पनिक नाम) मिली तो मैंने उसे फेसबुक पे रिक्वेस्ट भेज दी. यहाँ मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं उसको पहले से जानता था लेकिन कभी फेस टू फेस मिला नहीं था बस एक बार उससे फ़ोन पे बात हुई थी क्योंकि प्रिया का रिश्ता मेरे कज़िन भाई से शादी के लिए आया था.

कुछ समय बाद प्रिया ने मेरी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और उससे बातें होने लगी. इन बातों में काफी टाइम निकल गया.

फिर एक दिन मैंने उससे उसका फ़ोन नंबर मांगा तो उसने दे दिया लेकिन मैंने उसको कॉल नहीं किया और व्हाट्स एप्प से बातें होने लगी.
उसने बताया कि व्हाट्स एप्प में कालिंग फीचर्स भी होता है. यह मुझे मालूम ना था और उस टाइम जिओ था नहीं जिससे फ्री बातें हो सकें. उसने मुझे व्हाट्स पे कॉल किया लेकिन उस टाइम मैं सो चुका था.

सुबह मैंने उसकी कॉल देखी तो फ्री होकर कॉल किया तो वो ऑफिस जा रही थी. दोस्तो यहीं से मेरी पहली बार उससे फ़ोन पे बात हुई.
फिर धीरे धीरे नार्मल बात उसके बाद हल्की फुल्की डबल मीनिंग बातें होने लगी.

एक दिन उससे मुझे याद नहीं किस बात पे लड़ाई हो गयी तो मैंने फ़ोन कट कर दिया. और मॉर्निंग में उसने कॉल की तो रोने लगी.
मैंने पूछा- क्यों रो रही हो?
तो वो बोली- मालूम नहीं मुझे कि मैं क्यों रो रही हूँ.

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फिर मैंने मिलने के लिए बोला तो तैयार हो गयी लेकिन मैं यहाँ घर पे और वो दिल्ली में।

लेकिन कुछ दिन बाद मेरे पिता से कुछ कहा सुनी हो गयी तो मैंने जॉब ढूंढ ली नोएडा के हॉस्पिटल में. मुझे जॉब सर्च करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई क्योंकि मैं पहले दिल्ली के अच्छे नामी हॉस्पिटल में जॉब कर चुका था.

तो मैंने जाकर जॉब जॉइन कर ली और उसके कुछ समय बाद में उससे एक मॉल में मिला. मैं उसके लिए एक चोकलेट लेकर गया था. मैंने चॉकलेट उसके हाथ में देने के बजाये टेबल पे रख दी.
तो वो कहने लगी- हाथ में देनी होती है.

फिर मैंने चोकलेट उसके हाथ में दे दी.

उसके बाद हमने मूवी देखी और मैं वापस अपने रूम पे आ गया.

कुछ दिन ऐसे ही निकल गए और मैंने किसी कारणवश जॉब छोड़ दी. मैं अपनी मौसी के घर आ गया जहाँ से उसका घर बहुत पास था.

फिर मैंने करोल बाग के पास एक हॉस्पिटल में इंटरव्यू दिया. मेरा सिलेक्शन हो भी गया.
शाम को जब हॉस्पिटल से निकला तो मैंने उसे कॉल किया.
उसने बताया- ऑफिस में हूँ, बस निकलने वाली हूँ.

दोस्तो, आप विश्वास नहीं करोगे मेरी किस्मत ने साथ दिया. जहाँ वो काम करती थी, उसके एकदम सामने मेरा हॉस्पिटल था. जब मैंने यह बात उसे बतायी तो वो बहुत खुश हुई.

फिर आया मेरा मिलन का दिन!
एक दिन मौसी को लोनी में शादी में जाना था तो मैंने उसको बताया कि मैं घर में अकेला हूँ और भूख लग रही है. कुछ घर से बना के ले आओ.
तो वो थोड़ी देर बाद खाना लेकर आ गयी. वो जब आयी तो मैंने उसको गले लगाया और उसके माथे पे किस किया.

वो कहने लगी- खाना खा लो.
हम दोनों ने खाना खाया और हम लेट गए.

धीरे धीरे मैं उससे चिपकने लगा तो उसने करवट ले ली। मैंने उसके बाल हटा के उसकी पीठ पर किश किया और कान पे भी!
वो गर्म होने लगी.

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मैंने उसको पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और प्यार से उसके चेहरे को सहलाया. उसने अपनी आंखें बंद कर रखी थी। मैंने उसके माथे पे किस किया, आंखों पे भी किया. उसके बाद अपने अंगूठे से उसके होंठों को सहलाया.

फिर मैंने उसके बूब्स, जो 32″ साइज के थे, को धीरे से दबाया और उसकी गर्दन पे किस किया. वो आह मम्मम करने लगी. फिर मैंने उसके हाथों पे, पेट पे किस किया.
धीरे धीरे मैं नीचे आता गया और उसके पैरों पे और उसके पैरों के अंगूठे को चूसा.

वो लगातार सांसें भर रही थी और मेरे सिर के बालों में हाथ फिरा रही थी.

उसके बाद मैंने अपनी टी शर्ट निकाली और बनियान भी! उसके बाद फिर उसके ऊपर लेट गया और उसके पूरे बदन पे किस कर डाली. वह लगातार उम्म आह उम्म कर रही थी.
फिर मैंने उसको उठाया तो उसने अपनी आंखें खोली और शर्माने लगी.

उसके बाद मैंने उसकी कुर्ती उतारी. जैसे ही मैंने उतारी तो वो अपने बूब्स हाथों से ढकने लगी।
मैंने उसको लिटाया और उसके क्लीवेज को अपनी जीभ से चाट के गीला कर दिया। उसने मुझे देखा तो मुस्कराने लगी। फिर मैंने धीरे से उसके एक हाथ से बूब्स दबाये और दूसरे हाथ से उसकी लेगी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाया.

उसकी लेगी चूत के पानी से गीली हो चुकी थी और वो अपना सिर मस्ती की वजह से इधर उधर करने लगी। उसका बदन मस्ती के मारे काम्प रहा था.

फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अंडर वियर में आ गया. मैंने उसकी लेगी भी उतार दी. फिर प्रिया को पलट के पूरी पीठ पे किस किया. उसकी पीठ पे एक तिल भी था जो उसकी पीठ को और भी खूबरसूरत बना रहा था।

उसके बाद मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया जिससे उसके 32″ के चुचे फुदक के बाहर आ गए। उसके निप्पल भूरे रंग के थे. मैंने जैसे ही उसके निप्पल को अपने मुँह में लिया, वो आहें भरने लगी और उचकने लगी।

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