घरवाली की ग्रुप चुदाई दो लोगो से

हैल्लो दोस्तों.. में आज आप लोगों से अपनी कहानी शेयर कर रही हूँ जो मेरे साथ अभी कुछ समय पहले हुई एक सच्ची घटना है। मेरा नाम शोभा है और मेरी उम्र 33 साल है.. लेकिन में अपने चहरे से लगती नहीं कि मेरी उम्र इतनी है। में बहुत खूबसूरत और सेक्सी औरत हूँ और मेरा बहुत अच्छा फिगर है। मेरे बूब्स बहुत बड़े बड़े है और जब भी मेरे पति को समय मिलता है.. वो हमेशा मुझे चोदते है और मेरे बूब्स से तो वो रोज़ ही खेलते है। जब भी मेरे पति घर पर रहते है.. तो मेरे बूब्स हमेशा व्यस्त रहते है। मेरे दो बच्चे है.. एक बेटी और एक बेटा, उनकी उम्र 6 और 12 साल है और हम पटना के रहने वाले है।

एक दिन हमारे घर मेरे पति का भतीजा रहने आ गया.. वो हमारे घर अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए गावं से आया.. क्योंकि गावं के आस पास में कोई भी अच्छा कॉलेज नहीं था और था तो बहुत दूरी पर था। उसका नाम दीपक है वो करीब 20 साल का है.. लेकिन मेरे पास वो पहले भी रह चुका है। जब हम गावं में अपने घर पर रहते थे.. लेकिन तब दीपक बहुत छोटा था और उसकी उम्र लगभग 13-14 साल की थी और हमेशा वो मुझे घूरता रहता था। फिर जब में मेरी बेटी को दूध पिलाती तो उसकी नज़रे मेरे बूब्स से नहीं हटती थी.. उसने कई बार मेरे नंगे बदन को देखा है। हमारे घर में एक कमरा खाली है.. हमने उसे वहां पर रख लिया।

दीपक मुझसे ज़्यादा बात नहीं करता था.. लेकिन उसकी नज़रे हमेशा मेरे बूब्स पर ही रहती थी। मुझे ज़्यादातर बिना कपड़ो के रहने की आदत थी और में घर पर पेटिकोट ही पहनती हूँ। दीपक ज़्यादातर घर पर ही रहता था.. क्योंकि उनकी ज़्यादा क्लासेज नहीं होती थी और वो एक सप्ताह में दो, तीन दिन ही कॉलेज जाता था और दिन के वक़्त बस हम दोनों ही घर पर रहते है। वो गर्मियों के दिनों में हमेशा बिना टी-शर्ट के रहता था और में उसका नंगा बदन देखती थी। एक बार में नहाने के बाद बाथरूम से निकली और मैंने अपने बूब्स पर सिर्फ टावल बांध रखा था और नीचे सिर्फ़ पेटिकोट पहना हुआ था और जब मैंने बाहर देखा तो दीपक मेरे बेटे के साथ खेल रहा था और जब में उन लोगों की तरफ से गुज़री तभी अचानक मेरे बेटे ने मेरा पेटीकोट नीचे खींच दिया और पेटीकोट को बचाने के चक्कर में मेरा टावल भी नीचे जमीन पर गिर गया और मेरा पूरा शरीर साफ साफ दिखने लगा। तभी मेरी नज़रे दीपक की तरफ गयी और मैंने देखा कि उसकी आँखें मेरे बूब्स से हट ही नहीं रही थी.. क्योंकि मेरे बूब्स अब हवा में झूलने लगे थे और वो नीची निगाह से मेरी चूत के दर्शन भी कर रहा था और घूर रहा था और फिर मैंने पेटिकोट ऊपर खींच लिया।

तभी अचानक मैंने दीपक के लंड की तरफ देखा.. उसका लंड मेरे नंगे जिस्म को देखकर खड़ा हो गया था और उसकी पेंट के ऊपर उसके लंड का आकार उभर आया था और में कुछ नहीं बोली और अपने रूम में चली आई। फिर एक रात दीपक में और मेरे दोनों बच्चे टीवी देख रहे थे और तभी मेरा बेटा मेरी गोद में आ गया और वो मेरे बूब्स को दबा रहा था और उनसे खेल रहा था। फिर धीरे से उसने मेरे ब्लाउज को खोल दिया और मेरे बूब्स पूरे नंगे हो गए और वो मेरे नंगे बूब्स को मसल रहा था.. लेकिन मैंने उसे नहीं रोका और फिर मैंने देखा कि दीपक की आँखें टीवी पर नहीं मेरे बूब्स पर है। तो मैंने अपने बेटे से कहा कि अब बस कर देख तेरे भैया मेरे बूब्स घूर घूरकर देख रहे है.. तभी अचानक मेरा बेटा दीपक से बोला कि भैया क्या आपने कभी इनका बूब्स दबाया है यह बहुत मज़ेदार है.. लेकिन दीपक कुछ नहीं बोला बस चुप था और थोड़ी देर बैठकर अपने रूम में चला गया। फिर एक दिन घर पर कोई नहीं था। सिवाए मेरे और दीपक के.. में उस वक़्त सोकर उठी थी और में दीपक के रूम में गयी.. उसके रूम का दरवाज़ा खुला था और जब मैंने अंदर जाकर देखा तो दीपक मुठ मार रहा था। वो अपने लंड को अपने एक हाथ में पकड़कर ज़ोर ज़ोर से हिला रहा था और पहली बार मैंने उसका लंड देखा.. वो बहुत बड़ा था और फिर दीपक ने भी मुझे देख लिया और मेरी नज़रे बस उसके लंड पर ही थी.. लेकिन उसने झट से अपनी अंडरवियर में लंड को डाल लिया और में उससे कुछ ना कह सकी बस चुपचाप चली आई।

और कहानिया   रात भर दीदी की चुदाई

फिर एक बार मैंने ध्यान दिया कि बाथरूम से कई बार मेरी ब्रा पेंटी गायब रहती है और मेरा शक सीधे दीपक पर ही था और एक बार मैंने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया.. वो मेरी ब्रा को तकिये पर पहना के उसके ऊपर से दबा रहा था और साथ में मुठ मार रहा था। तो में सीधे अंदर गयी और उसे बहुत डांटा.. लेकिन उसने अचानक मेरे बूब्स को मेरे ब्लाउज के ऊपर से दबाया और मुझे अपने बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर खुद चड़ गया और उसने अपना लंड मेरी नाक में सुंघाया। तो मैंने उसे पीछे धकेला और चिल्लाने लगी.. तभी वो मुझसे आग्रह करने लगा कि वो मुझे एक बार चोदना चाहता है और में उसकी बात मान जाऊँ.. लेकिन में नहीं मानी और में वहाँ से चली गई। फिर कुछ देर बाद वो मेरे रूम में आया और फिर आग्रह करने लगा। तब मैंने यह सब बातें उसके चाचा को बताने की धमकी दी और वो फिर से माफी माँगने लगा और चला गया।

उस दिन के बाद से हम दोनों की थोड़ी भी बात नहीं होती थी। फिर एक रात मुझे सपना आया जिस में वो मुझे बहुत चोद रहा था। उसके बाद कई बार वो मेरे सपनों में आने लगा.. उसके लंड की तस्वीर मेरे मन में बस गयी थी और में उसके लंड को देखना चाहती थी.. लेकिन में उससे बोल नहीं पा रही थी। फिर एक दिन में उसके रूम में गयी और उससे अपने रूम को साफ करने में मदद माँगी.. तो वो झट से मेरे रूम में आ गया। उस दिन घर पर कोई भी नहीं था.. फिर कुछ ही मिनट साफ सफाई का काम करके मैंने अपना ब्लाउज उतार दिया और मेरे बूब्स उसके सामने लटकते हुए दिखने लगे। मैंने अपनी ब्रा पहनी और टावल लपेटा और पेटीकोट पहन लिया और अब उसकी नज़रे मुझ पर ही टिकी थी.. तो मैंने उसे एक स्माईल दी और अब शायद वो समझ गया था कि में उससे क्या कहना चाहती हूँ। तो उसने मुझे अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया और मेरे होठों को चूमने लगा और मैंने भी उसे जवाब दिया..

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

shares