घर में ग़ुस्से चोरो ने की चुदाई

इतने में एक ने मेरी साड़ी खोल दी और मेरे पेटीकोट का नाड़ा ढूँढने लगा और जब उसे नाडा नहीं मिला तो उसने मेरा पेटीकोट मेरी जांघों से ऊपर तक उठा दिया. मैंने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी तो मेरी चिकनी चूत देखकर उन दोनों की आँखे फट गयी, अब वो दोनों पागल हो गये थे. वो दोनों खड़े हुए और उन दोनों ने अपनी पेंट उतार दी, उन दोनों का लंड उनका अंडरवेयर फाड़कर बाहर की तरफ आ रहा था. जैसे ही उन दोनों ने अपने अंडरवेयर खोले, तो मेरी आँखे फटी की फटी ही रह गयी एक का लंड 9 इंच का तो दूसरे का 8 इंच से कम नहीं होगा.

एक चोर ने मुझे बेड पर सीधा लेटाकर अपना 9 इंच लंबा लंड मेरी चूत के लिप्स पर रख दिया और दूसरे ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया. अब में उसका लंड लॉलीपोप की तरह चूसने लगी थी. अब वो दूसरा वाला धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत में डालता जा रहा था. अब में दर्द से पागल हो रही थी मगर में चीख भी नहीं सकती थी, क्योंकि एक लंड मेरे मुँह में था.

उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और आगे पीछे धक्के मारने लगा. अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और अब मेरे मुँह से उम्म्म्म, आह की आवाजे आने लगी थी. अब मुझे उसका लंड चूसना अच्छा लग रहा था, ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है.. अब पूरे कमरे में छप-छप की आवाजे आने लगी थी. कुछ देर के बाद एक चोर ने मेरे मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया मगर नीचे वाला फुल स्पीड में अंदर बाहर कर रहा था.

उसने भी एक ज़ोरदार झटका मारकर अपना वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और ऊपर वाले चोर का वीर्य मेरे गले के अंदर जा रहा था. कुछ देर तक लेटे रहने के बाद में बाथरूम की तरफ भागी कि कहीं में सच में गर्भवती ना हो जाऊं. जब में वापस आई तो मैंने देखा कि वो दोनों चोर अपने कपड़े पहनकर वहाँ से भाग चुके थे.

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अब मुझे अपने आपसे शर्म और हँसी दोनों आ रही थी. मैंने ज़िंदगी में भी नहीं सोचा था कि इस तरह दो चोर मुझे

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