घर में बहु नहीं रंडी आयी है भाग 1

मैं एक मध्यम वर्गीय फेमिली से हूँ, दो वर्ष शादी को हो चुके हैं और इस समय मेरी आयु सत्ताइस वर्ष के ऊपर चल रही है, मेरे पति की आयु उनतीस वर्ष है, वह एक बड़ी कंपनी में अच्छे पद पर हैं और अपने काम के सिलसिले में महीने में पंद्रह या बीस दिन शहर से बाहर रहते हैं,

मेरे पति एक हेंडसम और स्मार्ट ब्यक्ति हैं, उनका ब्यवहार भी अच्छा रहता है, वे जब भी टुर से लौटते हैं तो ढेर सारी अन्य चीजों के साथ विभिन्न तरह के सौंदर्य प्रसाधन आदि ले आते हैं, दरअसल वे एक कामुकता प्रिय ब्यक्ति हैं, कामुकता में भी उन्हे हर बार कुछ नया ही चाहिये, वे एक ही जैसी क्रियाओं से बोर हो जाते हैं, उनके नये नये स्टाईलॉ और भांति भांति के आसनों से मुझे भी काफी आनंद आता है और मैं उनके ऐसे क्रिया कलापों में ऐतराज नहीं करती हूँ,

मेरे पति ऑफिस गए हुवे थे कल ही वे टुर से आये थे, आज मेरा छोटा भाई जिसकी आयु उन्नीस वर्ष है वह आ गया था, शाम का टाइम था, मैं और मेरा छोटा भाई बैडरूम में बैड पर बैठ कर टी.वी…… देख रहे थे, टी.वी. पर एक हिंदी फिल्म आ रही थी, मैनें साडी ब्लाउज पहना हुआ था और मेरा छोटा भाई पेंट – शर्ट में था, वह बैड के एक कोने पर बैठा था जबकि मैं बैड की पुश्त से पीठ लगाये दोनों हांथों को सिने पर बांधे बैठी थी, सात बजने जा रहे थे, तभी कॉल-बेल बजी,

मेरे उठने से पहले ही मेरा छोटा भाई उठा और दरवाजा खोल आया और बैड पर आकर बैठ गया वहीँ जहां पहले बैठा था,

कौन आया है….मैनें पूछा,

जीजाजी आये हैं…..उसने सामान्य स्वर में उत्तर दिया,

मेरे पति बाहर के दरवाजे को लोंक कर के बैडरूम में आकर मेरे निकट बैड पर बैठ गए,

देर नहीं हो गई आज आपको आने में…मैनें अपनी आँखों में कृत्रिम क्रोध लाकर कहा,

देर वाले काम ही में तो मजा आता है जानेमन….मेरे पति नें मेरे गालों पर किस करते हुवे कहा,

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उनका एक हाँथ मेरे ब्लाउज के ऊपर पहुँच गया था, ब्लाउज के ऊपर ही से उन्होंने मेरे स्तन पर चिकोटी काटी तो मेरे होंटों से हलकी सी कराह फुट पड़ी,

मेरी कराह पर टी.वी. देखते मेरे भाई की द्रिष्टि मेरी ओर हुई और फिर टी.वी. की ओर हो गई,

मैनें अपनें ब्लाउज से अपने पति का हाँथ हटाया और आँखें तरेर कर बोली- आपको सब्र होना चाहिये मेरा भाई भी बैठा है और आप उसकी उपस्थिति में भी ऐसी हरकतें कर रहें हैं, मेरा स्वर इतना धीमा था की जो सिर्फ मुझे और मेरे पति को ही सुनाई दे सकता था,

ओ…के….तुम जाओ और मेरे लिए एक बढ़ियां सी चाय बनाओ, मैं हाँथ मुह धो कर आता हूँ…मेरे पति ने इतना कहा और फिर धोखे से मेरे होंठों को चूम कर मेरे निकट से उठ गये,

मैं बडबडाती हुई उठी, मेरे भाई ने कनखियों से उनकी ये हरकत्त देख ली थी, इसी कारण उसके पतले पतले होंठों पर मुस्कान आ गई थी, थोड़ी देर बाद मैं चाय बना कर ले आई तो पति को बैड पर अपने स्थान पर बैठे पाया, मैनें चाय का कप उनको पकडा दिया और उनके निकट बैठ गई,

टी.वी. पर एक कैबरे गीत आ रहा था जिसमें नायिका नें काफी कम कपडे पहन रखे थे और वह उत्तेजक अंदाज में नाच रही थी,
हाय…क्या फिगर है…कैसे पतली कमर को झटका देकर देखनें वालों को हार्ट- अटैक दे रही है ये…क्यों..जानेमन …क्या ऐसा डांस कर सकती हो तुम…मेरे पति चाय पीते हुवे बोले,

तुम चुप रहोगे की नहीं….मैं धीमे स्वर में बोली,
अमां…साले साब…देख रहे हो तुम्हारी बहन हमें कुछ बोलने ही नहीं दे रही….अब अगर हमने इस कैबरे डांस की तारीफ़ कर दी तो इसमें क्या गलत बात हो गई….मेरे पति ने मेरे भाई से कहा, मेरा भाई मुस्करा कर रह गया,
फिर चाय ख़त्म करने तक मेरे पति कुछ नहीं बोले किन्तु उनका हाँथ मेरे ब्लाउज पर आ गया और वो मेरे स्तनों को मसलने लगे, मैं अपने भाई की उपस्थिति का ख्याल करके उनके हाँथ अपने हांथों से हटाने का प्रयाश करने लगी लेकिन फिर भी उन्होंने मेरे ब्लाउज के दो तीन बटन खोल कर मेरे ब्लाउज के भीतर हाँथ डाल दिया और ब्रा के नीचे से मेरे निप्पल इतनी सख्ती से मसला की मैं तीब्र स्वर में कराह उठी,

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मेरी कराह नें मेरे भाई का ध्यान हम दोनों की ओर खिंचा, वह छण भर को हम दोनों को देखता रहा उसकी जिज्ञाशु दृष्टी मेरे ब्लाउज पर जम गई फिर वह अपनी आँखें नीची किये बैडरूम से बाहर जाने के लिये मुड़ने लगा तो मेरे पति ने उसका हाँथ पकड़ कर उसे बेड पर अपने नजदीक बैठा लिया और अपना हाँथ बिना मेरे ब्लाउज में से निकाले बोले-

अरे यार….ये सामान्य पति पत्नी की नोंक झोंक है तुम कहाँ चले, अच्छा मैं तुमसे एक बात पूछता हूँ जवाब सही सही देना,

मेरा भाई असमंजस के भाव से कभी उनकी आँखों में देखने लगता तो कभी मेरी आँखों में, वह कुछ बोल नहीं पाया,

ये बताओ….क्या तुमने किसी जवान औरत के स्तन देखें हैं…आज से पहले….यह कहते हुवे उनके हाँथ नें मेरे ब्लाउज को थोडा और खोल कर मेरा स्तन ब्रा के कप में से बाहर ही जो निकाल दिया, मेरा भाई भी स्तब्ध था और मैं भी, हम दोनों ही इस स्थिति से सर्वथा अपरिचित थे,

मुझे मालुम है….तुमने न तो अबसे पहले औरत का स्तन देखा है और न ही छुवा है….अपना हाँथ इधर लाओ….मेरे पति उन्मुक्त भाव से उसके हाँथ को पकड़ कर मेरे स्तन पर रख कर बोले-लो….देख लो..कैसा होता है स्तन….देखा कैसा होता है स्तन…शर्माओ मत,

मेरे पति ने मेरे भाई का मुख मेरे बायें स्तन के बिलकुल नजदीक कर दिया और बायें स्तन का गहरे गुलाबी रंग का निप्पल उसके होंठों के पास करके बोले- होंठ खोलो और इसे चुसो….लेकिन मेरे भाई नें होंठ नहीं खोले, वह तो फटी फटी आँखों से यह सब देख रहा था तब मेरे पति नें मेरे दायें स्तन को भी मेरे ब्लाउज और ब्रा में से निकाल दिया और उसके निप्पल को चूसने लगे,
मैं उत्तेजना में बहने लगी,

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