मेरी बेहन गरिमा की चुदाई

हेलो दोस्तो, मई मनीष आज आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हू. आशा है आप इस कहानी को पसंद करेंगे और अपने पॉज़िटिव रेस्पोन्से से मुझे अवगत करवाएँगे.

तो मई मनीष 28 साल का हू और नागपुर मे अपनी फॅमिली के साथ रहता हू. मेरी फॅमिली मे मेरी विधवा मा 52 और मेरी छोटी बेहन 25 साल की है.

हम दोनो भाई बेहन इट सेक्टर मे जॉब करते है और मॅमी अक्सर अपने रिश्तेदारो के यहा आती जाती रहती है. जिसके कारण हम दोनो अक्सर घर पर अकेले होते है.

ऐसी ही एक शाम हम दोनो घर मे अकेले थे और डिन्नर के बाद अपने अपने कमरे मे थे. रात करीब 11 बजे के आस पास मई पानी लेने उठा तो मुझे मेरी बेहन के कमरे से कुछ आवाज़ आई. वो फोन पर अपनी किसी सहेली से बात कर रही थी.

मुझे जो सुनाई दिया वो कुछ ऐसा था – हा ना जानती हू पर मई चाहती हू मेरा कोई ब्फ मुझे बहुत प्यार करने वाला हो, रोमॅंटिक हो. जो मस्ती करे और शरीर का एक एक अंग हिला दे. उसे तो मई अपना पूरा बदन खुद खोल कर डू और बोलू – ले जो करना है कर ले, जब तक करना है करले, जहा करना है कर ले. पर क्या करू मई इतनी काली और छोटी हू की कोई मुझे भाव ही नही देता. जो मिलता है बस बिस्तर पर ले जाने के बाद भूल जाता है.

(मैने कुछ इतनी ही बात सुनी थी, फिर शायद उसने फोन रख दिया.)

मेरी बेहन की ऐसी प्यारी और काम भारी बात सुनकर मेरे अंदर का प्रेमी और बेहन का आशिक़ जवान हो गया. अरे हा मई आपको अपनी बेहन से इंट्रोड्यूस तो करवाना ही भूल गया.

मेरी बेहन गरिमा 25 साल की है उसकी हाइट 5 फीट से थोड़ी कम है और रंग भी तोड़ा लाइट डार्क है. फेस कट बहुत प्यारा है और बदन के उभर कुछ थोड़े ज़्यादा है.

गरिमा ने फोन रखा तो मैने उसका डोर नॉक किया अंदर से आवाज़ आई-

बोलो भाय्या कुछ काम है?

मई – हा बहुत ज़रूरी काम है

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गरिमा – आती हू, और उसने डोर ओपन किया और बोली – हा भाय्या बोलो क्या काम है

(मैने गरिमा को उपर से नीचे तक देखा, उस वक़्त वो एक चड्दे और टॉप मे थी बाल का जुड़ा बना था और आँखो मे हवस और प्यास दोनो सॉफ दिख रही थी)

गरिमा फिर बोली – बोलो ना भाय्या क्या काम है?

मई – अरे वो कुछ नही, बस ऐसे ही तुझे देखने का मॅन किया तो.

गरिमा – अच्छा आपको अलग मज़ा आ रहा है आज, परेशन मत करो और जाओ सोने दो मुझे भी और आप भी सो जाओ.

मई – अरे मज़ाक नही यार सच मे तुझे देखने का दिल कर रहा था.

गरिमा – (मुस्कुराते हुए) अच्छा फिर मेरी बेज़्ज़ती करोगे की तू बहुत काली है.

मई – अरे नही बेटा, काला रंग तो सुंदरता की निशानी है और वैसे भी तू बहुत सुंदर है.

गरिमा – आप ना फिर मेरी गंदी वाली बेइज़्ज़ती करोगे जाओ परेशन मत करो.

मई – अरे नही गरिमा, सच मे तू बहुत अच्छी लड़की है (और मैने उसका एक हाथ पकड़ लिया).

गरिमा – मुझे पता है अब आप मेरी बहुत मज़ाक उधने वेल हो.

मई – अरे नही ना यार तू कभी मेरे दिल की भी सुन, भाई होने के साथ मई एक लड़का भी तो हू.

गरिमा – भाय्या आप तो ना आज बहुत मूड मे लग रहे हो.

मई – काश तू मेरी गर्लफ्रेंड होती तो मज़ा आ जाता.

गरिमा थोड़ी मेरे पास आई और बोली – आप मज़ाक तो नही कर रहे है ना भाय्या?

मैने गरिमा को अपनी तरफ किचा और अपने सिने से लगा कर कहा – मेरी प्यारी बेहन मज़ाक नही कर रहा तू मुझे सच मे बहुत पसंद है.

गरिमा – क्या सच मे भाय्या?

मई – हा मेरी प्यारी बेहन आज तुझे मई ज़न्नत की सैर करवाता हू देखना.

अब मैने धीरे से गरिमा के गाल पर किस किया फिर उसके कान के पीछे किस किया, मेरी बेहन मेरी बहो मे कसमसने लगी.

मैने अपने होत गरिमा के होतो पर रखे और उसके लिप्स को अपने मूह मे लेकर चूसने लगा. मेरी बेहन भी मेरे होतो को चूस रही थी कभी वो अपनी जीभ मेरे मूह मे डालती. तो कभी मई मेरे दोनो हाथ मेरी बेहन की पीठ पर थे और मई अपने हाथ से उसकी पीठ दबा रहा था.

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अब मैने अपने हाथ गरिमा की पीठ से उपर किए और उसकी ब्रा के हुक खोल दिए. धीरे से उसका टॉप उपर किया और उसे उपर से पूरी नंगी कर दिया. मैने अपने दोनो हाथो से उसके बूब्स मसले और उसके होतो को फ्री किया.

उफफफफफ्फ़ गरिमा के बूब्स बहुत सॉफ्ट और ढीले थे जिनको दबाने पर एसा लग रहा था मानो हाथो मे कोई कॉटन हो. अब मैने अपने बेहन के निप्पल पर किस किया और बारी बारी से उसके बूब्स चूसने लगा.

गरिमा – उफफफ्फ़ अहह भाय्या अहह उफफफ्फ़ खा लो अपने बेहन के बूब्स को

अब मैने उसे धक्का देकर बिस्तर के पास ले गया और उसके चड्दे को पकड़ कर पनटी के साथ ही खोल दिया. उफफफफ्फ़ मेरी बेहन बिस्तर पर नंगी थी. मेरी बेहन शरम से अपना मूह छुपा रही थी.

मैने कहा – क्या हुवा गरिमा?

गरिमा – मुझे शरम आ रही है ऐसे आपके सामने..

मई – खुल के बोल मेरी बेहन की तू आज अपने भाई के सामने नंगी है.

गरिमा – हा भाय्या.

मैने अपने कपड़े खोले और नंगा हो गया. मेरा लंड एक दम कड़क था और मेरी बेहन को सलामी दे रहा था. ये देख गरिमा मेरा लंड तुझे सलामी दे रहा है. मेरी बेहन ने नज़रे उठा कर मेरे लॉड को देखा तो मैने कहा आ जा गरिमा चूस ले अपने भाई के लॉड को.

मेरी बेहन बिस्तर से उठी और मेरे लॉड को मूह मे लाकर चूसने लगी. उसने मेरे लंड की चाँदी नीचे की और लेते टोपे पर अपनी जीभ फेरने लगी.

उफफफफफ्फ़ मदारचोड़ कुटिया अहह बहनचोड़ मज़ा ला दिया आअज तूने रंडी मेरे मूह से गालिया सुनकर मेरी बेहन का जोश और भी बढ़ गया और वो अपने हाथ से मेरी बॉल्लस दबाते हुए मेरे लॉड को मूह मे लेकर अंदर बाहर करने लगी.

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