एक विवाह ऐसा भी 3

मैने निप्पल को रगडते हुये चुचियों
को मसलना शुरु किया। लडका अभी
भी डर रहा था।
मैंने एक चुची को मुँह भर कर चुसना
शुरु किया और लडके को भी इशारा
किया के वो भी चुसना शुरु करे।
मेरी बात मानकर उसने भी एक चुची
मुँह में भरकर चुसना शुरु किया।
मामी जी से रहा नहीं जा रहा था। वो
चाह रहीं थी के उठे पर खेल बिगड
जायेगा इस डरसे वो चुपचाप लेटी
रही।
काफी देर चुचियाँ चुसने के बाद हम
दोनों ने मिल कर उनके कपडे उतार
दिये और हम खुद भी नंगे हो गये।
मैंने मामी जी के बगल मे लेट कर
उनकी चूत सहलाते हुये उन्हें अपनी
तरफ खिच लिया और अपना लंड धीरे
धीरे करके उनकी चूत में घुसाड दिया।
दुसरी तरफ से लडके को इशारा
किया उसने भी थुक लगाते हुये
अपना लंड उनकी गांड में ठूस दिया।
हम दोनों के बीच मामी जी का
सँडविच बन गया था।
हम दोनों ने एक रिदम सेट करके
अपनी कमर अहिस्ते अहिस्ते
हिलानी शुरु की।
‘आ आ अ’, की आवाज करते हुए
मामी जी ने नींद से जागने का नाटक
किया।
ए क्या कर रहे हो तुम दोनों .?. – वो
गुस्सा दिखाती पुछ ली।
लडका डर गया पर मैंने उनको जकड
कर किस करना शुरु किया और कमर
हिलाते रहा।
मेरी डेरिंग देख कर लडके ने भी कमर
हिलाना जारी रखा।
कुछ देर की किसिंग और चुदाई के
बाद मैंने मामी जी को आजाद कर
दिया।
ये तुम लोग गलत कर रहे हो… – मामी
जी कैद से छुटते ही बोली।
मजा तो आ रहा हैं ना आपको भी .?.
– कहते हुये मैंने फिर किस किया।
थोडी देर इसी तरह चुदाई करने के
बाद हमने पोझिशन चेज कर दी।
लडका चूत की तरफ आया और मैं
गांड की तरफ गया।
दोनों ने फिर अपने अपने लंड अपनी
तरफ के छेदों में डाल दिये।
क्या मस्त गांड थी मामी जी की हर
शॉट को मजा आता।
मामी जी भी अब ‘आ उ आ एस’ करते
हुये बडे मजे से चुदाई का मजा ले रहीं
थी।
काफी देर, हम लोग ऐसे ही चुदाई
करते रहे।
फिर मामी जी ने कहा – मैं सीधा होना
चाहती हूँ।
हम लंड निकाल लिये और मामी जी
सीधा लेट गई।
तू इनमें डाल मैं तुझ में डालता हूँ कहते
हुये मैंने लडके को मामी जी की चूत
चोदने का इशारा किया।
लडका तुरंत उनकी चूत में लंड घुसेड
कर उन पर लेट गया।

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