एक चुडासी बीवी की सुहागरात की कहानी

हेलो दोस्तो, आप सब ठीक होंगे और अपने लुंडो से छूट की खूब चुदाई करते होंगे ऐसी मुझे आप सब अपने दोस्तो से उमीद है और मेरी सारी फीमेल दोस्त अपनी छूट मे बड़े और लंबे लंड लेती होंगी.

आप सब ऐसे ही चुदाई के मज़े लेते रहिए क्योकि ज़िंदगी 4 दिन की है. मैं आप का सब का दोस्त राज आज फिर से आप के लिए अपनी एक सेक्सी स्टोरी ले कर आया हूँ. ये कहानी मुझे मेरी दोस्त शालिनी जो की मुझे एक दिन इंटरनेट पर छत करते वक़्त मिली थी. उससी ने मुझे ये कहानी लिखने को खि. दोस्तो ये कहानी उसकी सुहग्रात की है जो की मैं अपने हाथो से आप सब के लिए लिख रा हूँ.

तो चलिए शुरू करते है. मैं आपकी शालिनी, मेरी उमर 32, मेरा फिगर 36- 32- 38 जो की सब के दिलो मे बसा हुआ है और लुंडो का पानी निकालने के लिए बहोट है जिसने सबसे ज़्यादा अट्रॅक्ट करने वाले मेरे गोल – गोल बूब्स. दोस्तो, मैं आपको अपनी शादी के बारे मे बीटीये डून की मेरी शादी हुई 8 साल हो गये है और मैं अपनी ज़िंदगी मे बहोट खुश हूँ और मेरी एक 6 साल की लड़की है और मैं अब दूसरी बार प्रेग्नेंट हूँ.

वेसए दोस्तो, मैने अब तक 10 लुंडो का सवद चक्क रखा है पर ये सब मैने अपने पति के लंड के सवद लेने के बाद ही चक्का है. मेरे पति का लंड भी 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है और वो बहोट ही मस्त चुदाई करते है. पर मैं उनकी बॅंक जॉब से थोर्दी परेशन आ रखी हूँ क्योकि वो इस चक्कर मे 3 – 4 दिन तो बाहर ही रहते है और मेरी छूट को तो डेली लंड खाने की जेसे आदत ही हो गयइ है.
अब आप ही ब्ताओ मैं करू तो क्या करू! दोस्तो, छूट है ही एक ऐसे चीज़ अगर इससे एक बार लंड की हवा लग जाए तो बार- बार लेने का दिल करता है. पर दोस्तो मैं इतनी भी दगाबाज न्ही हूँ की अपने पति को ढोकका दूँगी. मेरी 6 साल की बेटी पिहु मेरे पति की ही अमानत है और अब जो पाएट मे पल रा है बचा वो भी पति का ही है.

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चलो दोस्तो मैं अब आपको अपनी ज़िंदगी के पिछले पॅलो मे ले जाती हूँ जब मेरी शादी न्ही हुई थी और मैं अपने मम्मी – पापा साथ जोधपुर मे रहती थी और ब.आ फाइनल एअर मे थी. दोस्तो जब मैं ब.आ फाइनल एअर मे थी तब 2004 एअर चल रा था. मैं अपनी ज़िंदगी मे बहोट मज़े किए है खूब कॉलेज के बंक लिए है और सिनिमा हॉल मे मोविए देख के आई हूँ.

मैने ज़िंदगी के खूब मज़े लिए है, तभी एक रिश्तेदार ने मम्मी – पापा से बात से मिल कर एक लड़के के बारे बात करी तो टा चला की उस लड़के का नाम राज है और लंबा – छोड़ा, स्मार्ट बॉय और बॅंक की जॉब करता है, जाईपुर का रहने वाला है. मेरे घर वालो को लड़का बहोट पसंद आया और मेरी हाँ सुनने के लिए उन्होने मुझसे पूछा तो मैने भी हाँ करदी और फिर कुछ समये बाद मेरी सगाई हो गयइ और अब शादी है.

मेरी एक बहोट अची फ्रेंड है जिसका नाम निश्ी है और वो बहोट ही सुंदर और हास-मुख है. मेरी और उसकी बहोट बनती है, हम एक दूसरे के साथ ही कही जाते है और मेरी शादी के कुछ समये पहली ही उसकी शादी हुई है और उसका ससुराल भी जोधपुर मे ही है. निश्ी की शादी मे मैं भी गयइ थी और निश्ी का हज़्बेंड यानी मेरे जीजू बहोट ही ज़्यादा स्मार्ट है.

जब मेरी फ्रेंड की शादी हो गयइ थी और वो जब मुझसे मिल कर आओनी सुहग्रात को पूरी दस्ता बतती थी तो उसकी बाते सुन कर मेरी छूट पूरी गीली हो जाती थी और मेरा मान भी छूट मरवाने को करता था पर मेरा कोई फ्रेंड भी न्ही था और अब तो मेरी शादी भी होने वाली थी.

एक दिन मेरी फ्रेंड नीशी ने अपनी रेणु भाभी से बात करी जिनका ब्यूटी पार्लर है की वो शालिनी की शादी के लिए यानी मेरे लिए ही मेरे घर मुझे टायर करने आजाए. रेणु भाभी ने निश्ी की बात मान ली. वेसए दोस्तो, मैं आपको बीटीये डून की हमारे य्चा एक रिचुयल की है शादी से 9 दिन पहले तक लड़की को बाहर न्ही भेजा जाता और ना ही लड़की को खि जाने देते है इसलिए शादी के दिन निश्ी अपनी भाभी के साथ सुबह ही मेरे घर पहॉंच गयइ.

नीशी – रेणु भाभी मेरी सहेली शालिनी को ऐसे टायर करना जिससे देख जीजू की आँखे फटी की फटी रह जाए और बेहोश जाए.

रेणु – तुम चिंता मत कर, तेरी शादी मे भी तुझे मैने ही टायर किया था और भूल गयइ अपना टाइम जब सुहग्रात पर नंडोइया ने तेरा क्या हाल किया था, वेसए भी शालिनी को मैं इतना सुंदर टायर करूँगी की वो तुझसे भी ज़्यादा मज़े लेगी.

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नीशी – अछा शालिनी, मैं अब चलती हूँ क्योकि मेरी सारी का ब्लाउस अभी स्टिच न्ही हुआ है जो की मैने तेरी शादी मे डालना है और जब तक टेलर के सिर्र पर बेत के न्ही कार्ओौगी तब तक मेरा ब्लाउस बनेगा भी न्ही.

ये कहते ही नीशी कमरे से चली गयइ और रेणु भाभी ने दरवाजा बंद कर दिया और अपने मेकप बॉक्स को खोलना शुरू कर दिया तभी दरवाजे पर नॉक हुई तो आवाज़ निश्ी की थी और वो बोली – भाभी दरवाजा खोलना मैं एक चीज़ तो शालिनी को देना भूल ही गयइ. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ र्हे है.

तभी भाभी ने दरवाजा खोला और निश्ी ने भाभी को आँख मरते हुए मेरे पास आ कर मुझे एक बॉटल पकड़ा गयइ जिस पर लिखा था एलेक्षन कमिशन और पकड़ा कर बोली – मैं अपनी मम्मी के पर्स से बहोट मुश्किल से चुरा कर लाई हूँ.

मैं उसकी बात सुन कर बोली – ऐसी भी क्या क्रीम है जो स्पेशल तेरी मम्मी पर मिलती है.

मेरी बात सुन कर दोनो हंस पड़ी और अब भाभी ने नीशी को धक्का मार कर बाहर निकल दिया और दरवाजा बंद कर दिया.

नीशी – भाभी आपको याद है ना ! मुझे फोटो चाहिए इसलिए आचे से टायर करलेणा.

नीशी के जाने के बाद अब भाभी मुझे टायर करने मे लग गयइ. अब भाभी ने मेरा पेदिकुरे, मॅनिक्यूवर, वॅक्सिंग और भी टा न्ही क्या क्या किया. और अब भाभी ने मुझे बिल्कुल नंगी कर दिया और हेर रिमूविंग क्रीम से मेरी झांतो के बाल भी सॉफ कर दिए और बाल सॉफ होते ही मुझे मेरी छूट एक दम चिकनी माखन, मलाई जैसी लगने लग गयइ.

रेणु – शालिनी मैने आज तक लगभग 30 दुल्हनो को टायर किया होगा पर आज तक तेरी जैसी मस्त छूट मैने किसी की न्ही देखी. सच मे तेरा पति बहोट ही खुश किस्मत है जिसे ऐसे मस्त छूट मिल र्ही है.

भाभी की बात सुन कर मैं मान मे सोचने लग गयइ की वो सच मे मुझे खूब पायर करेंगे.

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