दोस्त ने मेरी मा को बहुत बहरहमी से चोद

सुनील : साले मादरचोद बता मुझे तेरी वो रंडी मम्मी कहाँ है, आज तो में उसको बहुत मारूँगा और तुझे भी..

मम्मी : अरे यह सब क्या है कौशल क्या हुआ है तुम्हें? सुनील क्या तुमने मारा है कौशल को?

सुनील : साली भोसड़ी, आज तो में तुझे रुला रुलाकर मारूंगा और चोदूंगा भी..

दोस्तों सुनील बहुत गुस्से में था और उसने आज अपने मन में ठान ही लिया था कि वो मेरी मम्मी से उसके थप्पढ़ का बदला जरुर लेगा और वो मेरे साथ साथ आज उन्हें भी मारेगा..

मम्मी : तुम यह क्या बोल रहे हो बेशर्म हरामी?

दोस्तों सुनील तो मेरी मम्मी को देखकर पागल ही हो रहा था.. वो मेरी मम्मी के तने हुए बूब्स को लगातार गंदी गंदी नजरों से घूरता ही जा रहा था.. वो मेरी मम्मी को खा जाने वाली नजरों से देख रहा था और मुझे उससे बहुत डर लग रहा था.. तभी उसने मुझे एक साईड में दोबारा धक्का देकर वो मेरी मम्मी पर टूट पढ़ा और उसने तुरंत मम्मी को एक थप्पढ़ मारकर नीचे ज़मीन पर गिरा दिया और वो अब उसके ऊपर लेट गया और वो मेरी मम्मी को अब मेरे ही सामने बहुत बेरहमी से चूमने लगा था, उसने एक ही जोरदार झटके से मेरी मम्मी की मेक्सी को फाड़कर निकाल दिया था, जिसकी वजह से अब मेरी मम्मी सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी और मुझसे यह सब देखा नहीं जा रहा था.. में सुनील को रोकने के लिए उसको पकड़कर दूर करने लगा, लेकिन उसकी ताक़त के सामने में कुछ भी नहीं कर सका और उसने मुझे एक मुक्का मार दिया.. अब वो मम्मी को और मुझे घसीटकर बेडरूम में ले गया, वहां पर उसने मम्मी को बेड पर फेंक दिया और मुझे पकड़कर सामने वाली कुर्सी पर बाँध दिया, जिसकी वजह से में अब बिल्कुल भी हिल नहीं पा रहा था.. फिर वो मम्मी को बेड पर ले जाकर वो खुद उनके ऊपर लेट गया और वो अब मम्मी को बहुत बेरहमी से मारने लगा, लेकिन में कुछ भी नहीं कर सकता था.. फिर उसने अपने कपढ़े उतार दिए, वो सिर्फ़ अंडरवियर में था और उसका लंड इतना टाईट हो गया था कि उसकी अंडरवियर टेंट की तरह खड़ी हो गई थी और अब वो मम्मी के ऊपर कूद पढ़ा और मम्मी ज़ोर ज़ोर से रोए जा रही थी..

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मम्मी : प्लीज मुझे माफ़ कर दो, प्लीज मुझसे ग़लती हो गई थी, प्लीज तुम मेरे साथ ऐसा मत करो..

सुनील : नहीं भडवी तेरे जैसी चीज़ मुझे कहाँ मिलेगी..

अब उसने मम्मी की ब्रा का हुक खोलने की कोशिश की, लेकिन मम्मी उसे नहीं खोलने दे रही, तभी उसने ब्रा को एक जोरदार झटका देकर तुरंत फाड़ दिया, जिसकी वजह से अचानक से उनके दोनों बड़े आकार के बूब्स बाहर निकल आए.. दोस्तों जो मैंने उस समय देखा वो क्या मस्त नज़ारा था? मुझे बिल्कुल भी मालूम नहीं था कि मेरी मम्मी के इतने बड़े बड़े बूब्स होंगे, क्योंकि मैंने आज तक उन्हें कपढ़ो के अंदर ही देखा था और बाहर से में आज पहली बार देख रहा था, मेरी आखें उन्हें देखकर बहुत चकित थी..

सुनील : वाह मेरी रंडी तेरे यह बड़े बड़े बूब्स तो आज मेरी जान ही ले लेंगे, में आज पहली बार इतने सुंदर बड़े आकार के मुलायम बूब्स देख रहा हूँ, वाह मज़ा आ गया..

फिर उसने ज़ोर से बूब्स को पकड़ा और मसलने लगा, वो बहुत बेरहमी से बूब्स को निचोड़ने लगा था, जिसकी वजह से दोनों बूब्स एकदम लाल हो गये थे और मम्मी रोते हुए उससे बोल रही थी..

मम्मी : हुउऊउ आहहह प्लीज अब तो मुझे छोड़ दो, आह्ह्ह अब मत करो, मेरे बूब्स में बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज छोड़ दो उनको आईईइ मम्मी मर गई.. दोस्तों ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है..

दोस्तों लेकिन सुनील ने मम्मी की एक भी बात नहीं सुनी और उसने दबाकर मसलकर उनके बूब्स को पूरे लाल कर दिए थे.. तभी कुछ देर बाद उसने बूब्स का पीछा छोड़ दिया और अब वो नीचे की तरफ बढ़ने लगा और फिर उसने तुरंत मेरी मम्मी की पेंटी को उतार जिसकी वजह से मेरी मम्मी की चूत अब उसके ठीक सामने थी और वो लगातार चूत को घूर घूरकर देख रहा था, उसकी नजर चूत से हटने को तैयार नहीं थी और में भी अपनी मम्मी की चूत को देखकर चकित हो गया, क्योंकि वो एकदम साफ चमकती हुई और उभरी हुई थी, जिससे थोड़ा थोड़ा पानी बाहर आ रहा था..

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सुनील : अफ वाह क्या मजेदार है तेरी यह मुलायम चूत, आज देख में कैसे इसको चोद चोदकर इसका भोसड़ा बनाता हूँ, इसको चोदने में तो मुझे वाह मज़ा ही आ जाएगा, वाह क्या चूत है तेरी एकदम मस्त..

दोस्तों अब वो मम्मी की चूत में उंगली डालकर शुरू हो गया, वो बहुत बेरहमी से ज़ोर ज़ोर से अपनी उंगली को चूत में अंदर बाहर कर रहा था और मम्मी उस दर्द से चीखते हुए करहाते हुए तड़पने लगी थी, लेकिन उसके ऊपर कोई भी असर नहीं था, वो तो अपनी मस्ती में मस्त था..

मम्मी : आहहह उफ्फ्फ्फ़ में मर गई नहीं प्लीज अब बस करो, मुझे माफ़ कर दो माफ़ कर दो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, आह्ह्ह अब में कभी भी ऐसा नहीं करूंगी, मुझे माफ़ कर दो..

दोस्तों सुनील उसकी कोई भी बात को ना सुनते हुए चूत को लगातार चाटता, चूसता जा रहा था और उंगली भी कर रहा था, मम्मी आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मम्मी मर गई कि आवाजे निकालती हुई अपनी चूत को उससे चटवा रही थी.. दोस्तों कुछ देर बाद मैंने गौर किया कि मम्मी का विरोध करना अब धीरे धीरे सिसकियों में बदल रहा था, वो अब शांत होती जा रही थी, शायद उनको अब अपनी चूत को उससे उसकी जीभ से चुदवाने में थोड़ा मज़ा आने लगा था और वो मेरे वहां पर होने की वजह से थोड़ा सा नाटक उछलकूद कर रही थी, क्योंकि उसने मेरी मम्मी की चूत को बहुत जमकर जोश में आकर चूसा, जिसकी वजह से अब मम्मी भी गरम होने लगी थी.. फिर सुनील ने सही मौका देखकर अपनी अंडरवियर को उतार दिया तो मम्मी की आखें एकदम से बाहर आ गई थी, क्योंकि अंडरवियर से बाहर निकला वो लंड करीब 7 इंच बड़ा था, जिसको देखकर उनकी आखें फटी की फटी रह गई थी..

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