दीपा दीदी की भरपूर चुदाई

हेलो मित्रो,

मै राहुल मल्होत्रा, २१ साल का गबरू जवान, लंबाई ५’११ इंच तो सीना चौड़ा, रंग सांवला तो मूसल लंड ७-८ इंच लम्बा और २ इंच मोटा, लंड भी औरत की मुंह हो या चूत या गान्ड जल्दी झड़ने वाली नहीं है, फिर भी बुर की कीमत ही अनमोल होती है, चाहे वो जवान लड़की की हो या फिर औरत की । इन दिनों मै दिल्ली में था तो कभी दीपा दीदी को चोद लेता तो कभी उनकी सहेली राखी को, पिछले दो दिनों में दीदी को हाथ तक नहीं लगाया था, आज सुबह जब सोकर उठा तो जीजा काम पर निकाल चुके थे और मै फ्रेश होकर डायनिंग हाल की ओर गया, दीदी सोफ़ा पर बैठकर एक मैगजीन पढ़ रही थी, मुझे देखकर किचन कि और गई और मै वहीं बैठा रहा, दीदी वापस चाय लेकर आई और मुझे हाथ में कप थमाकर जाने लगी, तो मै बोला…. “दीदी बैठो ना कुछ बात करनी है

(दीदी गुस्से में) जाकर राखी के यहां पड़े रहो तुमको

(राहुल) ओह दीपा चलो इधर आओ. ” वो आकर मेरे बगल में बैठ गई तो मै उसको निहारता हुआ चाय पीने लगा, फिर मै दीपा के गोलाई पर हाथ लगाया और नाईटी के ऊपर से ही उनका स्तन थामकर मसलने लगा, वो मेरे करीब खिंसक गई तो मै उसके चूची को दबाता हुआ ओंठ चूमा….. “आज का पूरा दिन दीपा के नाम, जो बोलोगी करूंगा

(दीपा) बस काम करते रहो, दो दिन में तो हाथ तक नहीं लगाए

(राहुल) ओह तो क्या रात मै जीजा तुम्हे नहीं चोदते

(दीपा मेरे बरमूडा को कमर से नीचे करने लगी) तुम्हारे जीजा को बस चोदने आता है और मै बस अपना टांग फैलाकर लेट जाती हूं

(राहुल) चिंता नहीं राहुल का अब काम देखो ।”

मै अब दीपा के नाईटी को कमर तक कर दिया और वो ख़ुद ही नाईटी को गले से बाहर कर दी, उसके दोनों स्तन को मसलता हुआ उसे अब अपने जांघ पर बिठा लिया तो दीदी मेरे गले में बाहें डालकर ओंठ गाल चूमने लगी, २६ साल की नवयुवती मेरे गोद में थी और मेरे ओंठ को चूसते हुए अपना स्तन मेरे छाती से रगड़ने लगी, तभी मै दीपा के जीभ को मुंह में लेकर चूसने लगा तो वो मुझे जकड़ कर बैठी थी, उसकी सांसे तेज हो चुकी थी तो आंखे बंद थी और दोनों काम वासना की दुनिया में खो चुके थे, दोनों अपने रिश्ते को भूलकर जिस्मानी संबंध बना रहे थे।कुछ देर बाद वो मेरे मुंह से जीभ निकाल दी तो मै उसे सोफ़ा पर बिठाकर उसके स्तन पर मुंह लगाया और स्तनपान करते हुए मस्त थे, दीदी मेरे नग्न लंड को थामे हिला रही थी, उनकी सिसकी मेरे कान में गूंज रही थी”ओह आह ऊऊम्म राहुल और तेजी से चूची चूसो ना आह कितनी गुदगुदी बुर में हो रही है ” तभी मै उसके दूसरे स्तन को चूसता हुआ मस्त था, पल भर बाद दीपा मेरे सामने ज़मीन पर बैठ गई और लंड को चूमने लगी, लंड को चूम चूम कर लाल कर दी, फिर लंड के सुपाड़ा को अपने चिकने चेहरे पर रगड़ने लगी, लंड तो खंबा हो चुका था तभी वो लंड के सुपाड़ा को अपने ओंठ पर रगड़ने लगी।मुझसे नजर मिलाते हुए दीदी लंड को मुंह में भर ली तो सुपाड़ा गले तक जा पहुंचा था, फिर वो अपने सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो मै दीपा की चूची को दबाने लगा, वो लंड को मुंह से निकालकर जीभ से चाटने लगी तो मै अब उसे चोदने को आतुर था।पल भर बाद मै दीदी के सामने ज़मीन पर बैठा और उनके दोनों जांघ को दो दिशा में करके अपना मुंह बुर पर लगाया, सही में दीपा की चूत पिछले दो साल में चुद्वाकर फूल चुकी थी, मै बुर पर चुम्बन देने लगा तो वो”आह यूयूम्म ओह राहुल ये को अब बुर को अब चाटो” कहकर बुर को फालका दी तो मै अपने जीभ से दीपा की बुर को चाटने लगा, उसकी बुर की गहराई और लोच बढ़ चुकी थी तो मै कुत्ते की भांति बुर को चाटने लगा, वो मेरे बाल को कसकर थामे सर को अपने बुर कि और धंसाने लगी तो मै बुर के फांक को मुंह में लेकर चूसने लगा, कुछ देर तक दीदी की चूत को चूसा तो वो चिंख्ने लगी…. “अबे साले कुत्ते बुर ही चूसता रहेगा की चोदेगा भी आह अभी चूस ना तेरी मुंह मै ही मुतुंगी. ” ये सुनकर मै बुर को चूसता ही रहा और पल भर बाद दीदी मेरी मुह में छर छरर मूतने लगी, गरम पिसाब को अमृत की तरह पीकर बाथरूम भागा तो वो भी आकर फ्रेश हुई और फिर जब वापस आया तो दीदी एक बियर का बोतल लेकर आई, दोनों बियर पीने लगे तो वो मेरे लंड को सहलाने लगी….. “आज खाने का ऑर्डर कर देती हूं.

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(राहुल) क्यों नहीं आज तुझे दिन भर चोदना है ।” वो अपने मोबाइल से एक फूड प्लाजा में फोन की और खाने का ऑर्डर कर दी ।

अब दोनों ज़मीन पर बैठे थे, एक बिस्तर डालकर दोनों नग्न अवस्था मै ही बेड पर बैठे रहे और मै दीपा की चूची को मसलता हुआ बोला….. “चल कुतिया की तरह हो जा. ” दीपा अपने कोहनी और घुटने के बल हो गई तो मै उसके गान्ड के सामने बैठा, फिर लंड को थामे उसकी बुर में सुपाड़ा सहित आधा लंड अंदर पेल दिया, दीदी पीछे मुड़कर देखी तो मै कमर को कसकर पकड़ा और एक जोर का धक्का बुर में दे दिया तो मेरा पूरा लंड उसकी बुर में था और वो चीनख उठी”ओह आह बाप र कितना मोटा लंड तुम्हारा हो गया है जरा आराम से चोदो. ” मै दे दनादन लंड को बुर में पेलता हुआ उसके स्तन को पकड़ा और दबाने लगा, दीपा अपने चूतड़ को आगे पीछे करते हुए चुदाई के मजे को बढ़ाने लगी तो मेरा मूसल लंड बुर को पूरे गति से चोद रहा था।दीपा अब गान्ड हिला डुला कर हांफने लगी तो मै ५-७ मिनट तक उसको चोदा और बुर से रस निकल आईं तो मै अब उसको चित लिटाकर बुर पर मुंह लगाया और बुर को जीभ से चाटने लगा तो दीदी मेरे बाल को सहला रही थी, फिर दोनों चुदाई मै लग गए, दीपा को चित लेटने बोला और बैठे बैठे उसकी बुर में लंड पेल दिया, अब दीदी को तेजी से चोदता हुआ उसकी चूची मसलने लगा तो वो आंहे भर रही थी, उनकी सिसकारी “आह उह ओह राहुल और तेज चोदो”मेरे लंड को उग्र कर रही थी तो मै उसके जिस्म पर सवार होकर चोदता हुआ मस्त था, दीपा मुझे जकड़ कर अब अपने चूतड़ को ऊपर नीचे करने लगी तो मै उसके ओंठ चूमता हुआ से दना दन लंड पेल रहा था, अब दोनों चुदाई के चरम पर थे तो वो चिनखने लगी”ओह उम्म आह राहुल अब बुर में आग लगी हुई है अपना माल झाड़ो “तो मै चोदता हुआ हांफने लगा”आह ओह उम्म दीपा ये को मेरे लंड का रस, आह मेरा झड़ा ” ये कहते हुए लंड बुर के अंदर वीर्यपात कराकर शांत पड़ गया तो दीपा मेरे ओंठ को चूम ली…. “सही में तुम गबरू जवान हो और तेरा लंड देर तक टिकता है. ” फिर दोनों साथ में स्नान किए और मै दीदी के बेड पर ही सो गया।

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