कॉलेज में पहली चुदाई होगयी

हेलो दोस्तो, मेरा नाम निधि है। मैं हिसार हरियाणा की रहने वाली हूँ। मेरी शादी को एक साल हो गया है। मैंने मेरे पति को कई बार कहानी पढ़ते हुए देखा है। शादी से पहले मैं इंटरनेट का बहुत कम प्रयोग करती थी। यहाँ आकर इंटरनेट का प्रयोग भी बढ़ गया। अब मैं अपने पति के साथ बैठ कर अश्लील साइटें देख लेती हूँ। वैसे मैं किशोरावस्था से ही बहुत कामुक रही हूँ।

यह घटना मेरे जीवन की बहुत ही यादगार घटना है, जब मुझे पहली बार काम-पिपासा शांत करवाने का मौका मिला। बात लगभग 5 साल पहले की है जब मैं बी ए सेकेंड ईयर में थी। मेरी एक बेस्ट फ़्रेंड थी अलीशा, बचपन से साथ ही पढ़ते आ रहे थे हम लोग। हम दोनों हर बात एक दूसरे से शेयर करते थे। अलीशा क्लास के ही एक लड़के सुमित से प्यार करती थी। मुझे उन दोनों के बारे में इससे ज़्यादा कुछ नही पता था कि वो किस
हद तक प्यार करते हैं। मुझे अलीशा ने भी सिर्फ़ इतना बताया हुआ था कि वो सुमित के साथ कई बार डेट पर जाती है और कुछ चूमा-चाटी तक ही बात बढ़ी है। लेकिन उस दिन मैं तो हैरान रह गई जब अलीशा ने मुझसे गर्ल्स टॉयलेट के पीछे ले जाकर कहा- निधि, आज अगर तुम्हारे घर पर कोई सेटिंग हो सके तो हमें मिलना है।

उस दिन भी मेरे मम्मी-पापा गाँव गये हुए थे और भाई जयपुर, तो मैंने कहा- नो प्रॉब्लम यार, तुम्हारा ही घर है, बुला लो।

अलीशा बोली- सुमित कई दिन से ज़िद किए हुए है कि मेरी किसी फ़्रेंड के घर पर मिला जाए, तो मैंने तुमसे पूछा है।

मैंने कहा- कोई दिक्कत नहीं अलीशा, बुला लो सुमित को।

मैंने उन्हें दोपहर दो बजे का टाइम देकर अपने घर बुला लिया। अलीशा मेरे घर एक बजे ही आ गई। चाय-वाय पीकर अलीशा बोली- निधि, वीट है क्या?

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मैंने कहा- हाँ, पर क्यूँ?

बोली- काफ़ी दिन से टाइम नही मिला, थोड़ी सफाई करनी है नीचे की।

मैंने कहा- आज ही क्यूँ भई? कोई ख़ास बात है क्या, या सुमित को दर्शन करवाएगी अपनी चिड़िया के?

अलीशा हंस कर बोली- यार तू टाइम खराब मत कर और जल्दी वीट दे और हेल्प कर सकती है तो कर दे।

मैंने चुपचाप अलमारी से हेयर रिमूवर निकाल कर उसे दे दिया। वो मुझे भी बाथरूम में पकड़ कर ले गई। हम दोनों अक्सर एक दूसरे की सफाई किया करते थे। बाथरूम में जाकर हम दोनों ने कपड़े उतार दिए और अलीशा की सफाई मैं करने लगी, उसके बाद अलीशा बोली- तू भी कर ले निधि, देख तो सही कितनी काली लग रही है तेरी चिड़िया।

मैंने भी अलीशा से सफाई करवा ली। तब तक मेरे दिमाग़ में वही बात चल रही थी कि अलीशा ने आज सफाई क्यूँ करवाई है? मैंने उस से फिर से पूछा तो बोली- आज तेरे घर मेरी सुहागरात है निधि।

मैं सब समझ गई, पर अब मुझे डर सा लगने लगा कि सुमित मेरे बारे में क्या सोचेगा? तभी घंटी बजी, मैंने दरवाजा खोला, सुमित ही था। उसके अंदर आने के बाद लगभग 15 मिनट चाय-पानी और कुछ आम बातों में निकल गए।

फिर सुमित बोला- निधि, क्या हम दोनों अंदर चले जायें? तुम बाहर थोड़ा ध्यान रख लेना।

मैं शर्म से पानी पानी हो रही थी कि पहली बार कोई लड़का मुझसे सरेआम पूछ रहा है कि मैं अपनी गर्ल-फ़्रेंड के साथ सेक्स कर लूँ क्या?

मैंने बिना कुछ सोचे उसे कहा- जाओ कर लो।

इतना सुनते ही सुमित और अलीशा दोनों मेरे बेडरूम में चले गये। मैं वहीं सोफे पर बैठ गई, पर मुझे चैन कहाँ था, मेरे दिमाग़ वहीं था कि आज तो दोनों खूब मस्ती करेंगे। मैंने सोचा कि सुनकर तो देखें अंदर क्या चल रहा है।

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मैंने दरवाजे पर कान लगाया तो मैं हैरान हो गई, सुमित अलीशा से कह रहा था- अलीशा, निधि को पहले बुलाओ आज।

अलीशा बोली- निधि थोड़ी शर्मीली है यार, एक बार मुझे कर दो, फिर बुला लूँगी।

यह सुनकर मेरे पैरों के नीचे ज़मीन खिसक गई। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

सुमित बोला- “अलीशा, देखो आखरी बार कह रहा हूँ, निधि की दिलवा दो पहले, वरना मैं तुम्हे छोड़ के कहीं दूर चला जाऊँगा, फिर बैठी रहना उंगली डाल कर !

यह सब सुन कर मुझे हैरानी भी हो रही थी, डर भी लग रहा था और अच्छा भी लग रहा था। मैं इसी सोच में थी कि दरवाजा खुला और अलीशा मुझे पकड़ के अंदर ले गई। अंदर जाते ही अलीशा बोली- देख निधि, सुमित मुझे कब से तंग कर रहा है, कहता है कि निधि के सामने करेंगे आज तो !

मैं शरमा रही थी, पर मेरी चिड़िया गीली हो गई थी। पूरे शरीर में करंट सा लग रहा था। मैं कुछ नहीं बोली तो अलीशा बोली- कोई दिक्कत हो तो बाहर चली जाओ निधि, यहाँ रह कर शरमाओ मत।

मैंने थोड़ा सा हौंसला करके कहा- कर लो, यहीं हूँ मैं।

तभी मैंने देखा कि सुमित उठा और उसके कदम अलीशा की तरफ बढ़ने लगे। मेरे मन में अजीब सा हो रहा था, अलीशा बोली- निधि थोड़ी हेल्प करो ना, इधर आ जाओ।

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