कुछ हसीं यादें कॉलेज लाइफ की

वो मदहोश होने लगी और उसकी आंखें बंद होने लगी मैंने उसकी कुर्ती और ब्रा उतार दी और उसके बूब्स चूसने लगा और धीरे से उसका नाड़ा खोल दिया और पयज़ामा उतार दिया वो बस सिस्करियां ले रही थी। मैंने उसकी चड्ढी भी उतार दी। वो भी अब मेरे कपड़े उतारने लगी मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतार दिये और उसकी चूत पर हाथ रख कर रगड़ने लगा और फिर एक उंगली उसकी चूत में डाल दी वो मछली की तरह छटपटाने लगी और अपने हथों से मेरा लंड टटोलने लगी मेरा लंड पूरे जोश में आ गया था और पूरा खड़ा हो कर लोहे जैसा सख्त हो गया था वो मेरा लंड पकड़ कर जोर जोर से हिलाने लगी। मैंने धीरे से अपने होंठ उसकी चूत पर रख दिये वो तिलमिला उठी, उसकी चूत एक दम गुलाबी रखी थी और चूत पर एक भी बाल नहीं थे, उसकी चूत एक दम लाल सुर्ख हो गई थी ऐसी इच्छा हो रही थी कि उसकी चूत खा जाऊं।

मैं ६९ की पोजीशन में आ गया। उसने मेरा लंड पकड़ा और मुँह में लेकर चूसने लगी तबी वो काँपने लगी और उसने अपने चूत का पानी छोड़ दिया और मैं उसका सारा पानी पी गया तभी मेरा लंड अकड़ गया और मैंने सारा पानी उसके मुँह में छोड़ दिया, वो भी मेरा सारा पानी पी गयी हम वैसे ही नंगे लेटे रहे थोड़ी देर बाद बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने उसकी टांग चौड़ी की और उसके ऊपर चढ़ गया और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रख कर रगड़ने लगा वो फिर सिस्करियां भरने लगी। मैंने धीरे से अपना ९” और ३” मोटा लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में घुसा दिया वो चिल्लाने लगी “प्लीज़ धीरे करो, मैं मर जाउंगी”। मैंने धीरे से उसे प्यार से सहलाने लगा और उसके बूब्स चूसने लगा और वो सिस्कारियां भरने लगी और उसका दर्द भी कम हो गया। मैंने फिर जोर से एक झटका मारा और ३’ लंड अंदर घुस गया उसकी आंख से आंसू निकल आये थे। मैं फिर रुक गया और उसे प्यार से सहलाने लगा और एक जोर के झटके के साथ पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया वो जोर से चिल्लायी “मर गई”। मैं बोला अब दर्द नहीं होगा मजा आयेगा। जब थोड़ी देर में वो नोर्मल हो गई तब मैं धीरे धीरे लंड आगे पीछे करने लगा।

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अब उसका दर्द भी खत्म हो गया था और वो जोश में आ रही थी और अपनी कमर हिलाने लगी, उसकी चूत में से खून बाहर आ रहा था जो इस बात का सबूत था कि उसकी चूत अभी तक कुंवारी थी और उसकी शील मैंने तोड़ी है। उसकी चूत बहुत टाइट थी और मेरा लंड बहुत मोटा इस लिए बहुत मजा आ रहा था और हम एक दूसरे में पूरे तरीके से समा गए थे। वो जोर जोर से अपने पुट्ठे हिला रही थी और मैं तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था। करिब १ घंटे की चुदाई में वो ३ बार झड़ चुकी थी और एक बार और झड़ने वाली थी तभी हम दोनो एक साथ अकड़ गये। एक साथ जोर जोर से धक्के मारने लगे और एक दूसरे में झड़ गये और सातवें आसमान पर पहुंच गये। उसे दिन हमने ३ बार और चुदाई की और ये सिलसिला ३ साल तक चला। फिर मैं इंदौर आ गया।

आप लोगों को मेरी ये आपबीती कैसी लगी प्लीज़ मुझे बतायें

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