कुछ हसीं यादें कॉलेज लाइफ की

मैंने सोचा चलो छोड़ो किसी और को पटा लेंगे चुदाई तो करनी है पर अफसोस भी था कि इतना अच्छा माल हाथ से चला गया। अब हमारी बात बंद हो गई थी और कुछ दिनों के बाद सेमेस्टर ब्रेक में इंदौर आ गया और इंदौर में गर्लफ़्रेंड की खूब चुदाई की १ महीने बाद मैं वापस मंदसौर गया। अब तक रुचि मेरे दिमाग से उतर चुकी थी अब मैं कोलेज में अपनी नयी जूनियर को पटाने में लगा था और घर सिर्फ़ सोने के लिये ही आने लगा और रुचि को देखता भी नहीं था एक दिन मैं छत पर गया तो देखा रुचि भी छत पर ही खड़ी है मैं वापस नीचे आ गया थोड़ी देर बाद मेरे मोबाइल पर एक फोन आया मैंने नम्बर देखा तो मैं चौंक गया नम्बर रुचि का था। कुत्ते दिमाग में एक आइडिया आया मैंने फोन काट दिया थोड़ी देर बाद फिर फोन आया मैंने फिर काट दिया और सोचने लगा अबके बार फोन उठा लूँगा मेरी किस्मत फिर गांडू निकली फोन नहीं आया मैं खुद को गाली देने लगा कि फोन क्यों नहीं उठाया।

दूसरे दिन जब मैं कोलेज जाने लगा तो मुझे रुचि के पापा ने आवाज देकर बुलाया मेरी तो गांड ही फट गई मैं डरते हुए उनके पास गया तो वो बोले बेटा मेरा एक काम कर दो प्लीज़ आज पी एम् टी के फ़ोर्म मिलने की आखरी तरीख है और मुझे झरूरी काम से बाहर जाना है प्लीज़ तुम रुचि का फ़ोर्म दिला दो और रुचि को भी साथ ले जाओ लड़कियों की लाइन कम रहती है रुची भी वहीं खड़ी थी तो मैंने थोड़ा नाटक दिखाया फिर तैयार हो गया। रुचि मेरी गाड़ी पर बैठ गई और हम फ़ोर्म लेने चल दिये रास्ते भर हमारी कोई बात नहीं हुई और न ही मैंने कोई ब्रेक लगाया। मैं सोचने लगा पहले मैं नहीं बोलूंगा। करीब दो घंटे लाइन में लगने के बाद हमें फ़ोर्म मिल गया हम वापस घर आ गये पर हमने कोई बात नही की।

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मैंने उसे २ बजे घर छोड़ा और जाने लगा तब उसके घर पर कोई नहीं था तब वो बोली पानी तो पी लो मैंने कहा नो थैंक्स और अपने घर चला गया १५ मिनट बाद मैं चाय के लिये दूध लेने के लिये बाहर निकला तो देखा रुचि धूप मैं बाहर ही बैठी थी। मैंने पूछा तो बोली मैं अपनी चाबी ले जाना भूल गई थी और पापा मम्मी अपनी चाबी रतलाम ले गये हैं मैंने सोचा यही सही टाइम है और बोला यहाँ कब तक बैठोगी, चलो मेरे घर चलो और बैठो मैं दूध लेकर आता हूँ। मेरे घर पर कोई भी नहीं था मेरे रूम पार्टनर आशीष, अनुज, प्रतीक कोलेज गये हुए थे और ६:३० – ७:०० बजे तक। वो मेरे घर पर चली गई थोड़ी देर में मैं दूध लेकर आ गया। मैंने उसे पानी दिया और चाय बनाने चला गया थोड़ी देर बाद मैं चाय बना लाया। हम दोनो ने चाय पी और मैंने खाना लगा लिया क्यों कि सुबह से हम दोनो ने ही कुछ नहीं खाया था मैं मन ही मन सोचने लगा इस बार मैं कुछ नहीं करुंगा। मैंने उसे कहा तुम इस कमरे में आराम कर लो। मैं दूसरे कमरे में हूँ।

मैं दूसरे कमरे जाकर लेट गया और रुचि को कैसे चोदुं सोचने लगा तभी रुचि कमरे में आयी और मेरे पास आकर बैठ गई मैं भी उठ कर बैठ गया और पूछा क्या हुआ तब वो रोते हुए बोली विकास क्या अपन दोनो अच्छे दोस्त नहीं रह सकते हैं। मैं तुम से बात करे बगैर नहीं रह सकती मैंने सोचा अब फसी और बोला प्लीज़ रुचि मैंने बड़ी मुश्किल से अपने दिल को समझाया है, प्लीज मुझसे ऐसी बात मत करो अगर मैं तुमसे बात करता रहा तो मैं तुम्हें भुला नहीं पाउंगा और मैं कुछ कर बैठूँगा इसलिये प्लीज़ मुझसे अब कोई भी रिश्ता मत बनाओ। वो जोर जोर से रोने लगी और बोली क्या वाकई तुम मुझसे इतना प्यार करते हो, मैं भी रोने का नाटक करने लगा और बोला अपनी जान से भी ज्यादा वो मुझसे लिपट गई और बोली “आई लव यू टू जान”।

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इन २ महीनो में मुझे पता चला कि मैं भी तुम्हारे बगैर नहीं रह सकती आई लव यू। मैं मन ही मन सोचने लगा मैं इस मक्खन मलाई आइटम को पटक कर चोद दूं पर फिर सोचा जल्दी करने से माल हाथ से निकल भी सकता है थोड़ा इन्तज़ार कर। वो मुझसे चिपक कर रो रही थी तभी मैंने उसका सिर पकड़ कर उसके माथे पर एक किस किया और बोला आई लव यू जान और फिर उसके होंठों पर किस कर दिया वो शरमा गई। मैंने फिर से उसके होंठों को पकड़ के किस किया और चूसने लगा वो भी अब मेरे होंठ चूसने लगी और बोली आई लव यू जान। मैंने धीरे से अपनी जुबान उसके मुँह में डाल दी और वो उसे भी चूसने लगी और अपनी जुबान मेरे मुँह में डाल दी। मैं भी उसकी जुबान चूसने लगा

अब वो गरम होने लगी थी। मैंने उसे धीरे से बिस्तर पर लिटा दिया और एक हाथ उसके बूब्स पर रख कर उसे दबाने लगा और उसकी जीभ चूसता रहा वो और गरम होने लगी मैंने धीरे से एक हाथ उसकी कुर्ती में डाला और ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स दबाने लगा वो सिस्कारियां लेने लगी तभी मैंने उसकी ब्रा के हुक खोल दिये और दोनो कबुतरों को आज़ाद कर दिया और उन्हें पकड़ कर मसलने लगा वो बहुत गरम हो चुकी और जोर जोर से सिस्कारियां ले रही थी और मेरे सर पर हाथ फेर रही थी और होंठ चूस रही थी। मौके की नज़ाकत को समझते हुए मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया और ऊपर से ही रगड़ने लगा

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