अपना चुत देकर नौकरी लेली

हेल्लो दोस्तों मैं आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।
मेरा नाम निखिल है। मै सूरत में रहता हूँ। मेरी उम्र 35 साल है। मै देखने में बहुत ही हैंडसम लगता हूँ। मेरा लंड 11 इंच का है। मेरा कद 5 फ़ीट 9 इंच का है। लड़कियों की फूली चूंची देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जात है। मुझे लड़कियों की मटकती गांड देखने में बहुत मजा आता है। मै चोदने में तो अच्छी अच्छी रंडियों को भी रुला दिया है। मुझे 34,28,36 का फिगर बहुत ही पसंद है। जब भी मुझे कोई लड़की देखती है मेरा मन उसे चोदने को करने लगता है। पड़ोस की लड़कियां मुझपे मरती है चुदवाने को। कॉलेज के दिनों में भी मैंने कई लड़कियों को पटाकर उनकी चूत को फाडा। अब अपनी कहानी पर आता हूँ। दोस्तो मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ। मैं यहां एक कंपनी में मैनेजर हूँ। यहां कपडे का काम किया जाता है। यहां एक से एक लड़कियां काम करने के लिए आती है। मैं जब भी उनको देखता हूँ तो मेरी नियत खराब हो जाती है।
एक दिन मेरी कम्पनी में एक लड़की आई। उसने मुझसे कहा- “सर यहां कोई जॉब मिलेगी”
मेरी तो नियत ही डोल गयी। लंड उसे देखते ही खड़ा हो गया। मेरे सामने एक 26 साल की गोरी लंबे कद की लड़की खड़ी हुई थी। मै उसे गौर से देखने लगा। वाह क्या मस्त माल थी जिसको देखकर इन्द्र भी अपना होश खो दे। मैंने आज तक ऐसी लड़की नहीं देखी थी। जी करता था उसका रेप ही कर डालूं। उसके दोनो चुच्चे बहुत ही सॉलिड लग रहे थे। मुझे वो पसन्द आ गई। वो खूबसूरती की बला मेरे सामने खड़ी थी। उसके हाथों में कुछ फाइल वगैरह थी। उसके बाल रेशम जैसे सिल्की सिल्की थे। वो बालो को बिखराये हुए थी। जब भी अपने बालों को आँखों के सामने से हटाती तो मेरा लंड चैन फाड़कर बाहर आने को बेकरार ही जाता। उसने आँखों में काजल लगाया हुआ था। जैसे नौकरी के लिये नहीं धंधा करने के लिए आयी हो। गालो पर ढेर सारी क्रीम लगाये हुए थी।
मैं उसके एक एक अंग को नीचे से ऊपर तक देख रहा था। उसकी होंठो पर गुलाबी रंग का लिपस्टिक लगा हुई थी। लिप लाइनर तो होंठो पर चार चांद लगा रही थी। उसने काले रंग की सलवार समीज पहनी हुई थी। मै भी उसकी खूबसूरती में डूब गया और मंत्र्मुघ्द होकर उससे बैठने को कहा। वो मुझसे बैठ कर बाते करने लगी। मै बार उसके चुच्चे को देख रहा था। वो भी समझ गई की ये मुझे चोदना चाहता है। उसकी समीज में चुच्चो में गड्ढा दिख रहा था। मैं उसकी चूंचियो को किसी भी कीमत पर पीना चाहता था। मैने उसे नौकरी पर रख तो लिया। लेकिन उससे पहले अकेले में अपने साथ मिलने को कहा। वो भी दर दर की मारी लग रही थी। उसने मुझसे मिलने का वादा भी कर लिया। दूसरे दिन रविवार था।
मैने उसे अपने घर का पता देकर आने को कहा। वो दूसरे दिन 10 बजे तक घर पर आ गई। दोस्तों सूरत में मै अकेले ही रहता हूँ। मेरे घर के सारे लोग गांव में रहते है। मैंने उसे अंदर बुलाया। कामवाली ने चाय लाकर दी। पीकर हम दोनो बात करने लगे। कामवाली को भी मैंने खूब चोद कर मजा ले चुका था। आपको भी पता होगा की कोई स्त्री अपनी हो या किसी दूसरे की वो एक बार पसन्द कर ले तो किसी लड़की के साथ देख कर जल जाती है।
ऐसा ही कुछ कामवाली भी कर रही थी। मैंने उससे उसका नाम पूछा। उसने अपना नाम राधिका बताया। मै तो उसके चूंचियो को ही बार बार देख रहा था। मैंने उसे नौकरी के बदले में कुछ अपनी भी मांगे रखी। मैंने उससे कहा- “मै तुम्हारी जरूरत को पूरा करता हूँ। तुम मेरी जरूरत को पूरा कर दो। उसके बाद मैं तुम्हे नौकरी दे दूंगा” उसने पूछा- “सर आपकी कौन सी जरूरत पूरी करनी होगी”
मैं- “हर लड़के की कुछ जरूरत होती है। जो सिर्फ लडकियां ही पूरा कर सकती हैं”
राधिका- “मै कुछ समझी नहीं आप कहना क्या चाह रहे हैं”
मैंने सब कुछ साफ़ साफ़ बता दिया। “तुम्हे एक रात मेंरे साथ सोना होगा। नौकरी लेनी हो तो ये तुम्हे मंजूर करना होगा” वो कमसिन कली बार बार मुझे देखती और कुछ बोल नहीं पका रही थी। कुछ देर बाद
राधिका- “आपने ऐसा सोच कैसे लिया की मैं चुदवाऊँगी। मै कोई ऐसी वैसी लड़की नहीं हूँ”
मै- “तो ठीक है मेरे यहां कोई जगह खाली नहीं है। तुम कही और ढूंढ लो”
राधिका- “हाथ जोड़ते हुए। आप ऐसा न करे सर मै बहुत ही मजबूर हूँ”
मै- “अगर तुम एक रात चुदवा लोगी तो कुछ चला नहीं जायेगा। चमड़े का है घिस नही जाएगा। एक दिन चुदवाने से कुछ नही होगा। और तुम जैसे अपने बॉयफ्रेंड से करती हो बस एक ही रात मेंरे साथ भी कुछ वैसा ही कर लो”
उसने बहुत ही हाथ जोड़ा मनाया लेकिन मैं नहीं माना। अंत तक वो चुदने को राजी हो गई। वो शाम को आने का वादा करके बाहर से चली गई। मै शाम का इंतजार करने लगा। बाहर गया और कुछ खाने पीने का सामान लेकर आया। फ्रीज में सब रख दिया। दोस्तों मेरी सेक्स टाइमिंग हस्तमैथुन करते करते कम हो गई है। जब भी मुझे किसी को चोदने का मौका मिलता है। मैं गोलियां खाकर टाइम बढ़ाता हूँ। मुझे याद आया तो मैं पास के मेडिकल से vigora100 एक टेबलेट लेकर आया। साथ में ही चॉकलेट फ्लेवर का कंडोम भी ले आया। लड़कियों को चॉकलेट कुछ ज्यादा ही पसन्द होती है। मैं घर आया उसके कुछ ही देर बाद वो खूब सज कर आ गई।

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पार्लर से लगता था होकर आई है। भौंहे सेट कराकर एक रापचिक माल दिख रही थी। मेरी तो आज किस्मत खुल गई थी। मैंने उसे झट से घर में अंदर करके कुण्डी बंद किया। उसके कपडे लाइट के सामने आते ही चमचमाने लगे। वो बहुत ही जबरदस्त लग रही थी। उसने उस दिन लाल रंग की लैगी और डिजाइनर गोल फ्राक पहने हुई थी। मैंने दवा खा ली। उसको भी सारा लाया हुआ सामान खाने को कहा। उसने कुछ नहीं खाई। मैने उसे अपने बेडरूम में जाकर बिस्तर पर बिठाया। वो बैठ कर मुझे बहुत ही कातिलाना नजरो से देख रही थी। मैंने उसे पूछा- “कभी तुमने चुदवाया है”

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