चाची और लॉक्कडोवन्

नमस्कार दोस्तो, ये कहईने एकदम साची है. ये जब के बात जब मे अपने का के पढ़ाई के लिए अपने चाचा के घर आया हुआ था जो देल्ही मे रहते है. चाचा चाची के कोई बचा नही है.

जब मेरे पढ़ाई चल र्हे थी तभी लॉक्कडोवन् लग गया और मे वही र्हे गया. मई आपको अपने बारे मे बता डू. मेरा नाम राहुल है और मई 22 साल का एक जवान लड़का हू. और मेरे चाचजी एक डॉक्टर है और मेरे चाची एक हाउसवाइफ है. वो एक आइटम की तरह दिखते है, उनकी उमर लगभग 35 साल होगी. पर आज भी वो किसी 18 साल की लड़की से कम नही लगते.

मैने जब उन्हे देखा तो मेरा 7.5 इंच का लंड उन्हे सलामी दे रहा था. मैने अपने लंड को उनके मुते से के बड़ा करा है. मुझे उनके साथ सेक्स करने का मोका लॉक्कडोवन् मे मिला. जैसे मैने बताया मेरे चाचा एक डॉक्टर है तो वो हॉस्पिटल मे रहते है. और घर मई और चाची हे रहते थी.

मेरे और चाची की अची दोस्ती हो गयी थी. हम सेक्स और चाची की सुहग्रत की बाते भी करते थी.

एक दिन चाची ने पूछा तूने किसे लड़की के साथ सेक्स किया है? मैने कहा नही चाची. फिर उन्होने कहा तुझे मई कैसी लगती हू? मैने तोड़ा सोचा मुझे लगा की चाची को टा चल गया है की मई उन्हे पसंद करता हू.

मैने डरे डरे कहा की सेक्सी लगती हो. फिर उन्होने कहा आछा अगर मई तुझे अपनी एक चीज़ दिखौ तो तू देखेगा ना?

ये बात उन्होने हेस्ट हुए कहा. मैने कहा दिखाओ. फिर उन्होने अपने ब्लाउस के हुक खोल दिए. उस दिन चाची ने ब्रा नही पहनी थी. उनके गोल गोल बूब्स किसी फुटबॉल के कम नही लग र्हे थी.

मैने नाटक करते हुए कहा ये आप क्या कर र्हे हो, ये सब ग्लात है. पर मेरे लंड ने सारे नाटक पर परदा गिरा दिया. वो एक दूं खड़ा हो गया और मेरे लोवर मे सॉफ सॉफ दिख रहा था. चाची बोले ये तो कुछ और कह रहा है, लंड की और इशारा करके बोले.

वो मेरे पास आए और नीचे बैठ गये और मेरा लंड हाथ मे लेकर हिलने लगे. और 5 मिनिट्स बाद मूह मे ले लिया. थोड़ी देर के बाद मई झाडे वाला था. तो मैने कहा, कहा झाड़ू चाची? उन्होने कहा मेरे मूह मे झाड़ जाओ.

मैने सारा माल चाची के मूह मे डाल दिया. फिर अचानक चाची को नानी का फोन आ गया और वो चले गये. पर मैने फोन काट दिया और बोला जो कम शुरू किया है उसे ख़तम तो करो. चाची हास पड़ी और बोले चल ख़तम करते है.

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वो बेडरूम मे चले गये और लेट गये. मई उनके उपर था और उनके होतो पर किस करने लगा और बूब्स भिच रहा था. मुझे ये एक सपने के जैसे लग रहा था पर ये सच था.

फिर चाची के पूरे बदन को चट्टा हुआ मई उनकी छूट को चाटने लगा. उनकी छूट गुलाबी रंग की थी जो पानी छोड़ रही थी. फिर मैने लंड पर कॉंडम छड़या और उसे चाची की छूट मे डाल दिया. वो आधा सा गुशा था और चाची चीक पड़ी, निकालो निकलाओ…

पेर मैने नही सुनी और सीधा दूसरे शॉर्ट मे पूरा अंदर दल दिया. फिर थूक के सहारे उनकी मारने लगा. करीब 20 मिनिट्स बाद चाची 3 बार झाड़ गये और मई भूत तक चुका था.

फिर हम दोनो अलग हो गये फिर मैने चाची से पूछा आपको मेरे साथ सेक्स करने का आइडिया कब आया?

तो उन्होने बताया की एक रोज़ जब मई नहा रहा था तब उन्होने मुझे हिलाते हुए देख लिया था. तब से वो मेरे साथ सेक्स करना चाहते है. उन्होने कहा मेरे चाचा का लंड छोटा है और 15 मिनिट मे हे वो झाड़ जाता है. और वो उन्हे कोई बचा भी नही कर सकते.

फिर मैने चाची को कहा कोई बात नही मई हू ना. वो सारे सुख मई आपको दूँगा जो एक पति देता है अपनी पत्नी को. फिर मैने चाची को लीप पेर किस किया और फिर चाची ने कहा तुम मुझे चाची मत कहो, मेरा नाम लो.

मेरी चाची का नाम रचना था. और कहा गली देकर भी बूलौऊ? क्यूकी चाचा रचना को गली देकर ही बुलाते है. फिर मैने कहा ठीक है म्सी जैसी तेरी मर्ज़ी.

फिर वो उठे और कपड़े पहनने लगे. तो मैने कहा चाची कपड़े मत पहनो, आज से आप नंगी रहोगे जब तक आप और मई इस घर मे अकेले होंगे, ठीक है?!

तो उन्होने सारी साइड मे कर दी और और मेरा अंडरवेर भी उतार दिया. और कहा आप भी नंगे रहेंगे पातिदेव और मुस्कुराने लगी. फिर वो उठकर रसोई मे चली गयी और मई सो गया.

जब शाम को मेरी अख खुली तो देखा चाची मेरे लंड को मूह मे लेकर आयेज पीछे कर र्हे है. फिर मैने कहा चाची आपकी गांद मारनी है, बड़ी मोटी है. तो चाची फॉरेन घोड़ी बन गयी और मैने पीछे लंड उनके गांद मे डाल दिया.

उनकी गंद एक बार भी नही चूड़ी थी. मैने जैसे हे लंड डाला वो भूत ज़ोर से छीकी. मैने कहा ब्स्दक चुप रह पड़ोसी सुन लेंगे. तो वो चुप छाप मारवती रही.

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करीब 45 मिनिट बाद मई चाची की गांद मे हे झाड़ गया और अलग हट गया. फिर तो रत भर मैने चाची को 4 बार पेला. जब चाचा घर आजाते तब चाची कपड़े पहन लेती. वरना मेरे सामने उन्होने कभी कपड़े नही पहने.

मैने उन्हे हर जाग छोड़ा है बातरूम से लेकर बेडरूम, किचन, टेरेस, सोफा. फिर दो एक साल बाद उन्होने एक बेटे को जानम दिया. चाची कहते थी की वो मेरा हे खून है. पर सब के सामने चाचा का बेटा बताते है.

आज भी रोज रात को चाची और मई एक होते है. अब मेरी एक आदात थी की रोज सुबा मुझे चाची के गांद चाहिए तभी मई बिस्तर छोड़ता था.

एक दिन चाची की एक दोस्त घर आई थी. जिसका नाम सिमरन था. जब उसे चाची ने मेरे और उनके बीच होने वाली बात बताई. तो वो भी मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी.

फिर जब मई दोफर मे चाची को छोड़ रहा था तब वो आ गयी और मेरे लंड को हिलने लगी. मैने जैसे हे देखा मे चॉक गया. उसके बूब्स तो चाची से भी बड़े थी और छूट बिल्कुल सील पॅक थी.

फिर मैने चाची और उसके दोस्त को बारी बारी छोड़ा. उसके बाद चाची और उसकी दोस्त मेरे साथ कश्मीर गयी जब लॉक्कडोवन् खुल गया. मेरा और चाची का बेटा करीब 1.5 साल का हो चुका था.

मैने चाची को और सिमरन को कभी कमरे मे, कभी छत पर, तो कभी बर्फ मे छोड़ा. फिर एक रात की बात थी मई सिमरन को छोड़ रहा था. चाची की छूट खुज़ला रही थी. मई और सिमरन च्चत पर थी. चाची को लंड के ज़रूरत थी तो चाची ने किसी और से चूड़ने का सोचा.

उन्होने अपने एक्स बाय्फ्रेंड को फोन लगया जो कश्मीर मे हे रहता था. चाची के बुलाने पर वो आ गया और चाची रात भर उससे चूड़ी.

फिर चाची और उसको मैने पकड़ लिया और उसे बहुत मारा. चाची को मैने भूत सुनाया और पूछा की बेहन के लौदी तू मेरे और चाचा के साइवा और किस किस से चूड़ी है??!!

तो उसने कहा की वो मेरे और चाचा के साइवा अपने इस बाय्फ्रेंड और दो लड़को से चूड़ी है, कुल मिला कर 5 जाने. फिर मैने चाची और कहा की तू सिर्फ़ मेरी है और मुझसे ही चूड़ेगी, समझी?!

फिर मैने चाची को जब मर्ज़ी छोड़ा. सिमरन वापस कानपुर चले गयी पर जब वो आती मई और वो चुदाई करते, चाची भी मुझसे बहुत खुश थी.

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