चचेरी बहन कामना की कामुकता

हेलो दोस्तो,

मै राहुल मल्होत्रा आप लोगो को अपने और मेरी चचेरी बहन कामना कि जिस्मानी रिश्ते को बताने जा रहा हूं, मेरी बड़ी चाची सुनीता की एक बेटी और एक बेटा है, बेटी की उम्र २२_२३ साल के आसपास और बेटा १७_१८ साल का है।मै आजमगढ़ गया हुआ था और पहुंचते के साथ ही उस शाम बड़ी चाची को चोदने का मौका मिला, रात के ०९:०० बजे कामना दीदी घर वापस आईं तो मुझे आश्चर्य हुआ कि चाची उसको कुछ नहीं बोली और मै कामना दीदी को देखकर हाथ जोड़ा तो वो मुझे अपने से लगाकर गाल चूम ली….. “प्राचीन युग में हो की प्रणाम करते हो. ” मै थोड़ा शरमाया तो दीदी मेरे गाल को पुचकारी और अपने रूम चली गई, कामना टाईट जिंस और टॉप्स में मस्त माल लग रही थी, वैसे वो मुझे अपने से चिपकाकर चूची का एहसास मुझे दी थी।मै डायनिंग हाल में बैठकर टी वी देखने लगा तो चाची किचन मै खाना बना रही थी और कामना दीदी अपने रूम से निकली तो मेरा होश उड़ गया, वो घुटने से ऊपर तक के बरमूडा और एक ढीला टॉप्स पहन रखी थी।कामना आकर मेरे करीब बैठी और मै
टी वी देखने में मसगुल था तो कामना मेरे जांघ पर हाथ फेरने लगी।मेरा तो दिमाग ही उड़ गया आखिर अपने घर में अपने मम्मी के रहते ये ऐसा कर रही है तो ये रात ०९:०० बजे तक बाहर रहकर क्या गुल खिलाती होगी, ये मै समझ सकता था।

मै कामना के कलाई को पकड़ कर उसका हाथ अपने लंड के उभार पर रख दिया, तो वो मुझे निहारते हुए बोली….. “आज रात तुम्हे मै अपना स्वाद चाखाऊंगी

(राहुल) ठीक है दीदी ।” रात के १०:०० बजे तक सारे लोग खा पीकर अपने कमरे में सोने चले गए, मै कामना दीदी के ठीक सामने वाले कमरा में था, सोचा कि रात १२:०० बजे के आसपास कामना के रूम में जाऊंगा, फिलहाल बेड पर मोबाइल लिए लेटा था और थकावट के मारे मुझे नींद आ गई तो मै तकिया के बगल में मोबाइल रखकर सो गया।तकरीबन एक घंटे के बाद मेरी नींद खुली तो देखा कि सब कुछ नार्मल है ।रात के ११:३० बज रहे थे और मै सोच रहा थी की कामना के रूम में जाऊं या उसका इन्तज़ार करू, संयोग से तभी कामना दीदी आ पहुंची, वो दरवाजा को बंद करके मेरे बगल में आईं और बेड पर बैठ गई।मै कामना के गोल गोल रस से भरे चूची को टॉप्स पर से घुर रहा था, तभी वो मेरे करीब खिसकी और गले में बाहो का हार डालकर मेरे गाल और ओंठ चूमने लगी, उसकी चूची मेरे छाती से चिपकने लगी तभी मै दीदी के रसीले ओंठ को चूसने लगा और उसके कमर पर हाथ लगाया तो कामना मेरे गोद में टांग फैलाए बैठ गई, अब दोनों की सांसे आपस में टकरा रही थी तो दीदी अपने जीभ को मेरे मुंह में घुसा दी तो मै जीभ चूसता हुआ उसके पीठ को सहलाने लगा, कुछ देर बाद वो जीभ को बाहर खींचकर बोली…. “पहले कभी लड़की या औरत को चोदे हो (राहुल) हां कामना ।” और मै कामना को बेड पर लिटा दिया, अब झुककर उसके टॉप्स को गले से बाहर करने लगा, उसके दोनों स्तन काले रंग के ब्रा में कैद थी, अब मै उसके एक चूची को मसलने लगा तो दूसरे चूची के ऊपरी नग्न भाग को चूमने लगा, कामना खुद ही ब्रा खोली और मेरे मुंह में अपना चूची भर दी तो मै चूची चूसता हुआ दूसरा स्तन को जोर जोर से दबाने लगा ।कामना मुझे अपने छाती से लगाकर दूध पीला रही थी तो मेरा लंड खंबा हो चुका था, दूसरे स्तन को चुभलानें लगा तो वो सिसक रही थी”आह ओह ऊं राहुल मेरी बुर में गुदगुदी हो रही है चोदो ना”, बिल्कुल ही बेशर्म लड़की की तरह कामना मुझे उग्र कर रही थी तो मै उसके सपाट पेट से कमर तक को चूमने लगा और उसके बरमूडा को कमर से नीचे करने लगा, वो खुद भी अपने को नंगा करने के लिए बरमूडा को पैर से बाहर कर दी तो मै कामना के मोटे चिकने जांघ को चूमने लगा ।

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अब का नजारा कुछ अलग था, उनके गान्ड के नीचे तकिया डालकर उनके जांघों को दो दिशा मै किया और बुर को देखता हुआ हाथ फेरने लगा, दीदी की चिकनी मानंसल चूत पर बार नहीं थे तो बुर का दोनों फांक ब्रेड पकोड़े की तरह थी, अब मै दीदी की बुर पर अपना मुंह लगा दिया और चूमने लगा तो वो मेरे बाल को कसकर थामे मेरे मुंह को अपने बुर की ओर धंसाने लगी, मै बुर को पल भर चूमा और उसको फैलाकर जीभ से बुर चाटने लगा तो वो “अबे साले कुत्ते जीभ निकाल अपना लंड पेल ना आह ओह कितनी गुदगुदी हो रही है “, मै कुछ देर तक कामना की बुर को चाटा और फिर फांक को मुंह में भरकर चूभलानें लगा…. “अबे निखट्टू मुंह में मुत्वाएगा क्या आह अब निकाल….. ” वो तड़प रही थी और मै बुर चूसकर बाथरूम भागा।दोनों फ्रेश हुए और मै बेड पर आया तो कामना दीदी मेरे सामने आकर बैठ गई, दोनों नंगे थे तो वो लंड को सहलाने लगी और फिर मुझे लिटाकर मेरे लंड के ऊपर चेहरा झुका ली, अब सुपाड़ा को ओंठों पर रगड़ने लगी, मेरा मूसल लंड उनके ओंठो का प्यार पा रहा था, वो सुपाड़ा को अपने चिकने चेहरे पर रगड़ने लगी और फिर आधा लंड मुंह में लेकर मुखमैथुन करने लगी, कुछ देर तक मुंह का झटका लंड पर देती रही और फिर लंड को मुंह से निकालकर जीभ फेरते हुए पल भर तक चाटी, अब बारी मेरी थी और कामना को चित लिटाकर मै उसके जांघो के बीच घुटने के बल बैठा, उसके बुर में सुपाड़ा सहित आधा लंड तो आराम से अन्दर हो गया, फिर मै कामना के कमर को पकड़े एक जोर का धक्का बुर में दे दिया और पूरा लंड बुर के अंदर था, तो मै पूरे गति के साथ दीदी को चोदता हुआ चूची मसलने लगा और वो “ओह आह ऊं राहुल बहुत मोटा और कड़ा लंड है तेरा. ” तो मै झुककर उनके जिस्म पर सवार हुआ और चोदने लगा, अब तो उसके बूब्स मेरे छाती से रगड़ खा रहे थे….. “आप कितने साल से चूत कूटवा रही है दीदी (कामना) अबे साले दीदी मत बोल, दो साल से चूत में लंड जा रही है, लेकिन तेरा लंड जबरदस्त है. ” मै दीदी को तेज गति से चोद रहा था, तो वो अपने नितम्ब को ऊपर नीचे करते हुए मेरे ओंठ को चूम रही थी, कुछ देर बाद कामना कि बुर रसीली हो गई तो मै अपना मुंह बुर पर लगाकर रस चाटने लगा, फिर कामना बाथरूम गई ।

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अब हम दोनों बेड पर चुदाई के आखरी चरण में थे, दीदी कामना बिस्तर पर घुटने और कोहनी के बल हो गई तो मै उसके गोल गुंबदाकार गान्ड के सामने लंड पकड़े बैठा था, अब मै बुर में लंड को पेला और दीदी की कमर थामे जोर का धक्का बुर में दे दिया तो पूरा लंड रसीली चूत में दौड़ लगाने लगी और वो खुद अपने चूतड़ को हिलाते हुए सिसक रही थी”ओह आह राहुल और तेज चोदो मेरी बुर फ़ाड़ दो ” तो मै उसके सीने से झूलते स्तन को पकड़कर दबाने लगा और वो चुतर को आगे पीछे करते हुए पेलवां रही थी, मेरा फौलादी लंड बुर में मजे ले रहा था और कामना की खूबसूरत जिस्म और ३२-२४-३६ का फिगर मै भोग रहा था, वो गान्ड को तेजी से हिला रही थी और मै चोद चोदकर हांफने लगा दोनों चुदाई के क्लाइमैक्स पर थे और मै उनके बुर चोदता हुआ बोला…. “आह ओह अब मै झडूंगा कामना आह मेरा निकला… ” और मेरा लंड उसकी बुर में दम तोड दिया तो उसकी चूत वीर्य से भर गई, फिर दीदी मेरे लन्ड को चूसकर वीर्य का स्वाद ली और दोनों अपने अपने बेड पर सो गए।

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