चाचा ने की माँ की चुदाई

तभी मैंने देखा कि मेरी मम्मी की चूत पर बहुत सारे झांट के बाल थे। चाचा ने अपना एक हाथ मेरी मम्मी की चूत पर रख दिया और अपने हाथ से सहलाने लगे। मम्मी धीरे धीरे सिसकारियां लेने लगी। फिर चाचा ने मेरी मम्मी की पेंटी निकाल दी और मेरी मम्मी की पेटी को सूंघने लगे और अपनी दो उंगली उन्होंने मेरी मम्मी की चूत में घुसा दी और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगे, मम्मी अह्ह्ह्ह मर गई इस तरह की आवाजे निकालने लगी उईईईईईई ओफफफफ कर रही थी।

चाचा धीरे धीरे उंगली करते रहे, फिर उन्होंने मेरी मम्मी से पूछा भाभी मज़ा तो आ रहा है ना मम्मी ने कहा बहुत मज़ा आ रहा है प्लीज़ और करो आआआअ प्लीज़ उईईईई चाचा उसी तरह धीरे धीरे अपनी उंगली मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर करते रहे अब चाचा ने मेरी मम्मी की चूत को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया मम्मी की सिसकारिया तेज़ होने लगी चाचा ने अपनी दो उंगली से मेरी मम्मी की चूत को फैला दिया था।

मैंने देखा कि मेरी मम्मी की चूत बिल्कुल लाल थी। चाचा ने मम्मी से पूछा देख भाभी मेरा लगाया हुआ लाल रंग अभी तक आपकी चूत में लगा हुआ है। मम्मी ये बात सुनकर शरमा गई। चाचा ने कहा कोई बात नहीं आज में इसे चाटकर साफ कर दूँगा और ये कहकर वो मेरी मम्मी की चूत को चाटने लगे। मम्मी खुशी से पागल हो रही थी। फिर चाचा ने मेरी मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और पेटीकोट को मम्मी के बदन से अलग कर दिया।

फिर मेरी मम्मी बिल्कुल नंगी चाचा के सामने थी, तभी चाचा गये और बगल की अलमारी से कंडोम निकालकर ले आए। उन्होंने मेरी मम्मी से कहा आप पहना दो, तभी मम्मी ने कंडोम का पेकेट फाड़ा। मैंने देखा कि चाचा का लंड मुरझा गया था। चाचा वहीं बेड के बगल में खड़े हो गये और मेरी मम्मी बेड पर बैठी थी। तभी मेरी मम्मी ने अपने हाथों में चाचा का लंड पकड़ा और सहलाने लगी। थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि चाचा का लंड खड़ा होने लगा, अब चाचा का लंड तनकर खड़ा हो गया था। मेरी मम्मी ने अपने हाथों से चाचा के लंड पर कंडोम लगाया।

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फिर मम्मी लेट गई और चाचा सामने आकर अपने घुटनो के बल बैठ गये, उन्होंने मेरी मम्मी की चूत पर थोड़ा थूक लगाया। फिर एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर मेरी मम्मी की चूत पर रगड़ने लगे। मेरी मम्मी चाचा की तरफ देख रही थी। तभी उन्होंने चाचा से कहा दर्द होगा धीरे से करना, चाचा ने कहा आप चिंता मत करो भाभी में बहुत प्यार से करूँगा, ये कहकर चाचा ने एक झटका दिया।

चाचा के लंड का टोपा मेरी मम्मी की चूत के अंदर चला गया। चाचा ने मेरी मम्मी के दोनों घुटनो को पकड़ा और फिर से एक और झटका दिया, मेरी मम्मी के मुहं से चीख निकल पड़ी। तभी मैंने देखा कि चाचा का लंड मेरी मम्मी की चूत में समा गया था। मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था, चाचा थोड़ी देर तक ऐसे रुके रहे फिर जब मेरी मम्मी का दर्द कम हुआ तो चाचा ने अपनी कमर हिलाना शुरू किया। उनका आधा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था।

मेरी मम्मी ने अपने हाथों को पीछे करके बेड को पकड़ रखा था और आआआआअ सस्स्स्सस्स औहह ओफफफफफफफ्फ़ औहह ओईईईईईईई माआआ माआअ ओफफफफफफफफफ्फ़ आआआआअ सस्स्स्सस्स कर रही थी। मम्मी की ऐसी आवाज़ो से चाचा की वासना बढ़ती जा रही थी।

मेरी मम्मी ने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला लिया था और चूतड़ उठा उठा कर चाचा का साथ दे रही थी। चाचा धीरे धीरे मेरी मम्मी की चुदाई कर रहे थे। उन्होंने मेरी मम्मी से कहा वाह भाभी मज़ा आ गया, तेरी चूत में बहुत मज़ा है इधर चाचा के हर झटके पर मेरी मम्मी के बूब्स आगे पीछे हो रहे थे। अब चाचा ने मेरी मम्मी के घुटनों पर से हाथ हटा लिया ओर आगे की तरफ हो गये और अपना हाथ बेड पर रख दिया।

फिर से एक और ज़ोर का झटका दिया चाचा का पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत में समा गया। अब चाचा फिर से अपना लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर करने लगे। मम्मी धीरे धीरे पीछे होने लगी और चाचा चुदाई करते हुए आगे की तरफ बड़ने लगे। फिर चाचा मेरी मम्मी के ऊपर लेट गये और मेरी मम्मी को जकड़ लिया और मेरी मम्मी को चोदने लगे। मेरी मम्मी ने अपनी दोनों टाँगे फैला कर चाचा की पीठ पर रख रखी थी और सिसकारियां ले रही थी।

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ऐसे ही चाचा कुछ देर तक मेरी मम्मी की चुदाई करते रहे, फिर चाचा ने एक ज़ोर का झटका दिया और मेरी मम्मी के ऊपर लेट गये में समझ गया चाचा का वीर्य निकल गया है। मेरी मम्मी और चाचा दोनों ही पसीने से लथपत हो चुके थे। चाचा मेरी मम्मी के होंठो पर किस कर रहे थे और अपनी कमर धीरे धीरे हिला रहे थे। फिर चाचा मेरी मम्मी के ऊपर से हट गये। मम्मी वहीं बेड पर लेटी हुई थी।

मैंने देखा कि चाचा ने अपना कंडोम निकाला और खिड़की से बाहर फेंक दिया। फिर चाचा अपना लंड धोने बाथरूम मे चले गये।

तभी में जाकर कंडोम देखने लगा। मैंने अपनी लाइफ में पहली बार कॉंडम देखा था। उस कॉंडम में चाचा का वीर्य भरा हुआ था, तभी में फिर खिड़की के पास जाकर देखने लगा। चाचा अभी तक बाथरूम से आए नहीं थे। मैंने देखा कि मेरी मम्मी बहुत खुश नज़र आ रही थी और तेज़ तेज़ साँसे ले रही थी।

तभी चाचा बाथरूम से आ गये और आकर मेरी मम्मी के पास मे लेट गये। चाचा ने मेरी मम्मी के होंठो पर किस किया और मेरी मम्मी से पूछा क्यों भाभी मज़ा आया ना? मम्मी ने कहा हाँ। चाचा ने मेरी मम्मी से पूछा क्या भाई साहाब (मेरे पापा) आपकी ऐसी ही चुदाई करते है? तो मम्मी ने कहा नहीं वो तो ऑफीस के काम में बिज़ी रहते है। आज बहुत दिनो बाद ऐसा मज़ा आया है। फिर मेरी मम्मी चाचा से चिपक गई और दोनों एक दूसरे को किस करने लगे।

मम्मी ने चाचा से कहा बहुत देर हो गई है, अब मुझे घर जाना चाहिए नहीं तो सब ग़लत समझेंगे। चाचा ने कहा अरे भाभी थोड़ी देर और रुक जाओ ना कोई कुछ भी नहीं समझेगा। आपकी सास (मेरी दादी) तो वैसे भी बूड़ी हो गई है, वो क्या समझेंगी और बच्चा आपका बेटा उसे क्या पता की उसकी माँ मेरा बिस्तर गरम कर रही है। ये कहकर चाचा मेरी मम्मी को किस करने लगे और अपना हाथ पीछे ले जाते हुए मेरी मम्मी कि चूतड़ को मसलने लगे।

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