बस में भाभी से मजे लिए

हेलो दोस्तों नमस्ते कैसे हो आप सब. उम्मीद अच्छे ही होंगे. मेरा नाम विजय है! ये मेरी कहानी है जिसका नाम है अनजान के साथ सेक्स!

मैं सहारनपुर UP का रहने वाला हु! इंजीनियरिंग की पढाई करता हु और साथ ही साथ छोटा मोटा काम कर लेता हु! आज आपको अपनी सबसे अलग नई स्टोरी बताने जा रहा!

उस से पहले में आपको बता दू में देखने में गोरा हु हलाकि फिट नहीं पर एवरेज बॉडी है हाइट ५.८” और मेरा पेनिस साइज तो आपको क्या बताऊ. बता क कोई फायदा नहीं क्यूंकि यह जो स्टोरी है पढ़ने क बाद ही आप को पता चल जायेगा. चलो अपनी स्टोरी पर आता हु!

बात यह है की दो दिन पहले ही में अम्बाला गया हुआ था कुछ काम क सील सिले में तोह मुझे रात हो गयी! फिर सोचा घर भी पहुंचना हैं मैं जल्दी से जो काम था निम्ता का रेलवे स्टेशन पहुंच गया ! वंहा काउंटर पर पूछा की भाई सर सहारनपुर क लिए ट्रैन कितने बजे है? तोह सर ने बताया १० बजे एक्सप्रेस है आपको ३ ऑवर वेट करना पड़ेगा! मैंने थैंक्स कहा और वह बहार रेलवे स्टेशन क भर बेथ गया! फिर मैंने सोचा क्यों न रोडवेज बस स्टैंड पर पता किया जाये!

मैं वह एक रिक्शा से बस स्टैंड पंहुचा. रिक्शा वाले भाई को १५ रस दिए और चल दिया! अंदर पहुंचते ही पहली ही बस सहारनपुर को जाने वाली थी! मैंने कंडक्टर से पूछा भाई साहब यह सहारनपुर जाएगी? तोह उन्होंने कहा है बेथ जाओ बस ३० मं बाद चलते हैं अभी ड्राइवर खाना खाने लग रहा है!

मैंने कहा इतस ओके उनको खाना खाने दो. मैं बस में पीछे की सीट पर बेथ गया! दिए धीरे बस भरने लगी. कुछ ही देर में एक भाभी आयी सायद ३५ आगे होंगी उनकी. मेरी सीट पर मेरे अलावा कोई नहीं बैठा था पर वह एक आगे की सीट पर बेथ गयी. मैंने देखा जिस सीट पर वह बैठी वह एक कला सा आदमी बीड़ी पि रहा जिस से वह बहुत परेशां हो रही थी!

और कहानिया   चूत का रास्पान और खुला हुआ आसमान

जैसे ही उन्होंने पीछे देखा मैंने अपनी सीट की तरफ इशारा किया. वो खुश हो गयी और वह से उठ क मेरी बगल की सीट पर बेथ गयी और स्माइल करके थैंक्स बोलै! मुझे बहुत अच्छा लगा. फिर बस चल दी. आपको पता होगा रात को बस क अंदर की लाइट नहीं जलाते क्यूंकि सामने बस क ड्राइवर को प्रॉब्लम होती है भट. आती जाती गाड़िया देखने में. सो अंदर की लाइट बंद कर दी. कंडक्टर आया

मैंने टिकट ले लिया और उस भाबी ने भी, कंडक्टर क जाने क बाद मैंने भाबी से पूछा की भाबी आप सहारनपुर जा रही हो तो उसने हां में सर हिलाया!

मैं दिल में बहुत खुश हो रहा था की पूरी रात बाते करते जायेंगे. ऐसे १५ मं बेथ रहे. फिर उनको नींद आने लगी तो उन्होंने अपना सर आगे रख लिया! सड़क पर थोड़े गड्ढे थे तो बार बार उनका सर आगे रोड पर लग रहा था! मैंने कहा भाबी अगर आपको कोई परेशानी हो रही हो तो आप मेरे कंधे पर सर रख क सो सकती हो! उनको आईडिया अच्छा लगा सो उन्होंने मेरे कंधे पर सर रख लिया और सो गयी!

मैंने उनकी पथ क ऊपर से हाथ कर पकड़ क रख कभी वह गिर न जाये! वो नींद में थी कब उनका हाथ मेरे लंड की पोजीशन पर आ गया मुझे पता नहीं चला! हाथ लगते ही मेरा लंड खड़ा हो गया, मैं उनका हाथ बार बार हटाता वह भाबी वही रख देती!

मैंने धीरे से उनका हाथ थोड़ा अलग किया, पर फिर दुबारा वही रख दिया उन्होंने !मुझे पता चल चूका था भाबी जाएगी हुई है, मैंने भाबी की पेट पर हाथ फेरना सुरु किया! बहुत मुलायम पेट था धीरे धीरे हाथ उनकी चूचियों पर ले आया! गोल मटोल रास से भरे दूध मुहाः. मैं डर भी बहुत रहा था!

भाभी को भी मजा आ रहा था भाभी सीधी हुई इधर उधर देखा पहले फिर मेरे कान में बोलै जीन्स की जीप खोलो! मैंने धीरे से जीप खोल दी फिर भाभी ने ६ इंच का मेरा लंड भहर निकला और धीरे से बोलै बहुत मस्त भाभी है तम्हारा! तो वो मुठ मरने लगी मैं बहुत मजे से बेथ था ! भाभी की सलवार क अंदर हाथ दाल की चूत सहलाने लगा भाभी ने अपना सूट ऊपर किया! मैं जान गया था भाभी क्या चाहती है, मैंने भाभी क बूब्स को जुक क अपने मुँह में ले लिया और उनको चूसने लगा!

भाभी शर्मा गए और मुझे मना करने लगी तो मेने भाभी को बोलै ही भाभी अब तो मेने देख ही लिया! भाभी ने अपने दोनों हाथ से मेरा सर पकड़ कर बूब्स पर मेरा मुँह दबा दिया अब में भी जोर से चूस रहा था !

चूसते चूसते मेने अपना हाथ भाभी क पैर की तरफ बढ़ा दिया! पर भाभी ने मुझे रोका कहा रुको फिर उन्होंने अपना सर जुक क मेरे लंड पर रखा और लंड चूसने लगी!

मैं तो जन्नत में था इधर उनकी पीठ सेहला रहा था और सब तो आगे बैठे थे फिर भी देख रहा था की कोई हम देख न रहा हो! भाभी मेरे लंड को बहुत प्यार से चूस रही था चाट रही तह. लग भाग ७ मं क आस पास भाभी ने मेरा लंड चूसा!

फिर इतने में सहारनपुर आने वाला था, हमने कपडे ठीक किये! भाभी ने अपने पर्स से ५०० का नोट निकला और मुझे देते हुए कहा की मुझे आपका नाम नहीं पता मैंने एक दम कहा भाबी मेरा नाम विजय है! फिर भाभी ने कहा यह तम्हारी म्हणत है. मैंने कहा किस बात की म्हणत!

भाबी तो उन्होंने कहा की तुम बूब्स बहुत अछि तहरा से चूसते हो न और एक स्माइल दी! मैंने भाभी को वह ५०० रख दिए और कहा भाबी यह आपकी कमाई क पैसे है मैं नहीं ले सकता! मुझे माफ़ करना अपने बहुत म्हणत से पैसे कमाए होंगे मेरा कोई हक़ नहीं १ हर में आपसे ५०० रख लू!

भाबी क आँखों में आंसू थे मैंने आंसू पूछे इतने में बस स्टैंड आ गया! भाबी ने मुझे हग किया! हम बस से बहार आये घंटा घर पर कॉफ़ी पि नंबर एक दूसरे को दिए !

मेरी जिंदगी में १स्ट टाइम ऐसा हुआ और खुद सोचा अचे इंसानो की कमी नहीं दुनिया में. भले ही भाभी क साथ मस्ती की पर भाभी ने कॉफ़ी पिटे हुए एक बात कही जो में आपसे शेयर करना चाहता हु!

भाभी ने कहा ”कुछ इंसान दो पल की मुलाकात में ही ऐसी छाप छोड़ जाते है की भुलाये नहीं भूल सकती! अजनबी दोस्त हो जाते है और अपने पराये! तुमने मुझे दिल से बहुत हैप्पी किया विजय हमेशा याद रखना खुश रहना और खुशिया बाटना ही जिंदगी हैं! अगर इस पर महारत हासिल कर ली तो तम्हे दुनिया जितने से कोई नहीं रोक सकता बस दिल में भलाई सब क लिए रखना”.

दोस्तों लाइन्स बहुत छोटी है यह पर अगर समझो तो बहुत सबक दे जाती है! भाभी ने एक मुलाकात में इतनी इन्स्पिरिंग लाइन्स कही में उनका बहुत शुक्रगुज़ार हु!

Leave a Reply

Your email address will not be published.