भाई ने मुझे रंडी बनके चोदा

तो मैंने ख़ुश होकर कहा कि क्यों.. वो क्या लड़की नहीं है या उसके पास चूत नहीं है। तो वो बोले दोनों है लेकिन वो मेरी बहन है। फिर मैंने कहा कि तुम मेरे बताये हुए तरीको पर काम करो.. वो भी तुम्हे मिल जायेगी। तो उसने कहा कि वो कैसे? फिर मैंने कहा कि वो भी जवान लड़की है उसकी भी चूत में खुजली होती है और वो कहीं बाहर जाकर चूत मरवायेगी इससे तो अच्छा है तुम घर में ही उसकी चूत मार लो। तो उन्होंने कहा कि मुझे बहुत डर लगता है.. फिर मैंने कहा कि आज से ही शुरुआत कर लो। तो उसने कहा कि वो कैसे? में बोली कि वो अभी क्या कर रही है तो वो बोले कि शायद सो रही है.. तो मैंने कहा कि जाकर देखो.. अगर सोई है तो धीरे से एक लिप किस देना और देखना कि उसका क्या विरोध होता है। फिर मैंने अपना पी.सी साईड में किया और आँखे बंद करके लेट गयी और करीब 5 मिनट के बाद भैया मेरे रूम में आये तो वो धीरे-धीरे मेरे बेड की तरफ बड़ने लगे और मेरे पास आकर मुझे गौर से देखा कि में सो रही हूँ या नहीं? फिर बहुत डरते हुए.. धीरे से मेरे होंठ चूसने लगे।

तो फिर मैंने भी अपने होंठ उनके मुँह में डाल दिए और उन्होंने घबराकर अपना मुँह दूर कर लिया और रूम से बाहर चले गये.. तभी में तुरंत उठी और अपना पी.सी स्टार्ट किया तो वो फिर से ऑनलाइन थे। मैंने पूछा क्या हुआ? तो उन्होंने कहा कि उसने भी अपने होंठ मेरे मुहं में डाल दिए। तो मैंने कहा कि बस फिर क्या तुम्हारा काम बन गया। उसे भी लंड चाहिये और तुम्हे चूत.. आग दोनों तरफ बराबर लगी है और अब इसका फायदा उठाओ और आगे बड़ो.. तो उन्होंने पूछा कि वो कैसे? फिर मैंने कहा कि वापस उसके पास जाओ और इस बार बिल्कुल भी डरना मत और होंठ भी छोड़ना मत और उसे चूसते हुए धीरे-धीरे उसके बूब्स दबाना.. वो कुछ ना बोले तो धीरे से उसकी निप्पल भी दबाना और चूसना। फिर इसका तुम कमाल देखना.. वो खुद तुम्हे अपनी चूत चोदने को बोलेगी। तभी भैया बोले कि अगर वो पहले ही जाग गयी और गुस्सा हो गयी तो क्या होगा? फिर मैंने कहा कि अगर उसे जगना होता तो वो अपनी होंठ तुम्हारे मुँह में नहीं देती और में भैया को उकसा रही थी कि वो पहले अपनी तरफ से करे.. क्योंकि मेरी चूत सेक्स के बिना जल रही थी लेकिन में खुद भैया को चोदने के लिए नहीं बोल सकती थी।

और कहानिया   मौसी की चुत वह क्या चुत थी

फिर मैंने अपना पी.सी बंद किया और नाईट ड्रेस पहन कर सो गयी। मेरे मन में गुदगुदी हो रही थी कि आज मेरी चूत की सील खुलने वाली है और वो भी अपने भाई के साथ। फिर 10 मिनट के बाद भैया वापस मेरे रूम में आये और इस बार वो पूरी तैयारी के साथ आये थे और वो मेरे पास आकर बैठे और मुझे प्यार से देखने लगे और धीरे-धीरे मेरे गालों को सहलाने लगे। में चुपचाप लेटी रही और मज़ा लेने लगी और मेरी चूत से रस निकलने लगा.. भैया ने धीरे से मेरे होठों को चूमा और फिर मेरी जीभ को चूसने लगे तो मुझसे रहा नहीं गया और में भी थोड़ा और खेलना चाहती थी। तो मैंने अपनी तरफ से कुछ हलचल नहीं की.. भैया की हिम्मत बढ़ गयी और वो मेरी जीभ से खेलते हुए मेरे बूब्स को भी दबाने लगे और धीरे-धीरे मेरे बूब्स टाईट होने लगे। निप्पल भी अंगूर के दाने की तरह फूलने लगे और में चाहती थी भैया इन्हे ज़ोर से मसल दे।

फिर भैया ने मेरे होंठ को छोड़कर मेरे टॉप को ऊपर किया और एक निप्पल को चूसने लगे और अब में उनको कामुक लगने लगी.. मैंने अपनी आँखे खोल दी और भैया को देखने लगी। तो मुझे जगा देखकर वो बहुत डर गये और बोले कि सॉरी। फिर मैंने पूछा कि किस बात के लिए? तो वो बोले कि में बहक गया था.. तो मैंने प्यार से कहा कि कोई बात नहीं.. लेकिन अब इसे पूरा तो कीजिये। तभी वो मेरी यह बात सुनकर बहुत चकित हो गये और बोले कि क्या मतलब? तो मैंने धीरे से उनके मुँह में अपना एक बूब्स दे दिया और बोली कि भैया अपनी इच्छा पूरी कीजिये और साथ में मुझे भी संतुष्ट कीजिये। तो वो बूब्स चूसते हुए बोले कि लेकिन मेरी एक शर्त है? तो मैंने कहा कि वो क्या? तो वो बोले कि मुझे सेक्स करते समय में गालियां बहुत पसंद है तो तुम भी गाली देकर सेक्स करोगी और आज के बाद मेरी बीवी बनकर रहोगी.. तो मैंने कहा कि मुझे मंजूर है बहनचोद राजा और वो बहुत खुश हो गये और मुझे अपनी गोद में उठा लिया। फिर में खड़ी हो गयी तो पहले उन्होंने मुझे नंगी कर दिया और लाईट जला दी और मुझे बहुत शर्म आ रही थी तो वो बोले कि रंडी तू मेरी अब बीवी है शरमा क्यों रही है अभी तो में तेरी चूत पिऊंगा और गांड में लंड भी डालूँगा।

और कहानिया   दीदी की कामुकता और चुदाई की तड़प

फिर मैंने कहा कि चूतिये.. कुछ भी कर ले आज की रात तेरे नाम है और गौर से मेरी चूत को देखने लगे। फिर उन्होंने अपना मुँह मेरी चूत पर रख दिया और उनकी जीभ धीरे-धीरे मेरी चूत के अंदर जा रही थी। में पागलों की तरह आगे पीछे होने लगी और फिर मुझे पेशाब आने लगा।

फिर मैंने कहा कि भोसड़ी के मेरा पेशाब निकल रहा है क्या तू पियेगा? तो वो ख़ुशी से बोले कि कुतिया आज तो में तेरा कुछ भी पी लूँगा और मैंने अपने दोनों पैर फैलाकर उनका मुँह अपनी चूत पर लगा लिया और ज़ोर से पेशाब करने लगी। वो मेरा पेशाब पीकर खुश हो गये और बोले कि आज तुमने मुझे खुश कर दिया.. बोल क्या चाहिए? तो मैंने कहा कि अभी तो तेरा लंड लेना बाकी है जान.. में उनका लंड चूसने लगी.. तभी थोड़ी देर में वो गर्म होकर बोले कि इसे मुँह में ही रखेगी या चूत में भी डलवायेगी? में जल्दी से बेड पर लेट गयी और उन्होंने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी गोरी चूत के मुँह पर रखा और धीरे धीरे अंदर डालने लगे। तभी मुझे मेरी चूत पर बहुत ज़ोर का दर्द महसूस हुआ और मैंने कहा कि थोड़ा धीरे.. लेकिन उन्होंने तो जैसे इसका मतलब उल्टा समझा और वो बोले कि रंडी ये ले और उन्होंने एक बार में ही पूरा का पूरा 8 इंच लम्बे लंड को मेरी चूत के अंदर कर दिया और फिर मेरी आँखो के सामने सतरंगी तारे नाचने लगे। अब मेरी चूत फट चुकी थी और उसमे से खून निकलने लगा।

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published.