भाबी को चोद विस्पर के बहाने

ही दोस्तो आप सब को मेरा नमस्कार ओर सभी प्याससी छूटो को मेरे लॅंड का सलाम ये एक हादसा है जो मैं आप सबके साथ शेर कर रहा हूँ मुझे सेक्स करना ओर कहानी पड़ना भूत अक्चा लगता हैं मैं इस साइट की हर कहानी पड़ता हूँ तो दोस्तो कहानी पे आता हूँ मेरा नाम सम हैं मेरे आगे 28 हैं हयदेराबाद का रहेने वाला हूँ फेर ओर तोड़ा हॅंडसम भी हूँ मेरे लंड का साइज़ 5.5 इंच हैं ओर मुझे शादी शुदा औरते की चुदाई करना भूत पसंद हैं मेरा एक दोस्त हैं जिस का नाम निक हैं बदला हुआ ऊस्की शादी हुए करीब 4 साल हुए हैं ओर 2.5 साल की एक बाची भी हैं पेर मेरे दोस्त का अपना शॉप हैं वो बूससिनेस मैं इतना बिज़ी रहता हैं की कोई भी काम हो तो मुझे कहता हैं जैसे कभी बेबी को ड्र के पास ले जाना यह बहबी को कभी शूपिंग ले जाना हम सब लोग वीक मैं सिर्फ़ सनडे को नाइट शो मोविए देखने जाते थे एवेरी सनडे कुनकी उस दिन शॉप क्लोज़ रहता हैं इस तारा मैं भाबी से क्लोज़ हो गया ओं को जब भी टाइम मिलता वो मुझे कॅल करती थे या किसी ना किसी बहाने बाहर जाना हैं खे खार मुझे बुला लेती ओर मेरे दोस्त की फॅमिली को भी कोई ऐतराज़ नही होता कुनकी मैं भी उनकी कसता का था अंकल ओर आंटी को भी कभी काम पड़ता तो वो मुझे बुला लेते कभी कभी अंकल को तो मसाज पार्लर भी लेके जाता मैं ईसतरा मैं उनकी फॅमिली के करीब था एक दिन बेबी को लेके ड्र के पास गये तो वाहा काफ़ी बीड़ थी तो बभी के साथ ऐसे ही यहा वाहा की बात कर रा था बभी एक दूं खूबसूरत थी हिएगत पेरसोनैल्ती ज़बार्दुस्त थी फिगर का अंदाज़ा तो सही नही बता पवँगा आप को कुनकी ओतना पर्फेक्ट नही हूँ मैं वाहा बीड़ रहने कारण मैं भाबी के बगल मैं ही खड़ा था तो मेरा हाथ भाबी के बॅक पे लगाया तो मेरे मान मे एहे से उनके लिए गंदी सूच शुरू हुई तब मैं बार बार बॅक पे हाथ लगा रहा था भाभी ने ये बॅयात नोटीस कर लिए उस्दीन तो कुछ भी नही कहा भाबी ने मूज़े पर भाबी ने कल शुभा मुझे स्मस किया ओर लिखा रात को नींद कैसी आई सम मैं कुछ समाज नही पाया ओर इम्मद भाबी को कॉल किया मैने कहा बहबी इस स्मस का मतलब नही समाज पाया तो उनोणे कहा अक्चा कल जो तुमने मेरे बॅक पर हाथ लगाया था ऊस के लिए एसा स्मस बेजा था रात मैं कितने बार बातरूम गेयते मैं कहा बहबी वैसे तो रोज ही मुउट मार लेता हूँ आप को कवहब मैं नागा करके तो बहबी ने कहा तुम तो बड़े छुपे रुस्तूम हो वैसे भी तुमारे भैया मुझे काम ही समय दे पाते हैं मुझे आब तो मेरे इस छुउट की प्यास भुजा ने वाला कोई तो मिला वैसे भी तुम पर सबका भरोसा भी हैं ओर किसी को शाक भी नही होगा मेरे ज़रूरत को तुम पूरा करना तुमहर्हे ज़रूरत तो को मैं इसी का नाम तो ज़िंदगी हैं सम इसी तरहा हम फोन पे काफ़ी क्लोज़ हो गये थे पर ह्यूम एक दूं खुला सेक्स करने का मौका नही मिल रहा था.

और कहानिया   रानी की असली कहानी भाग 4

जबही बाहर जाते कार मैं चुचि चूसना छूट मैं उंगली डालना लीप तो लीप किस करना चलता था आब बर्दस्त नही हो रहा था दोनो से एक दिन वो समय आहा गया जब हम दोनो खूब छोड़ ने वेल थे एक सुहभा भाभी का स्मस आया की अब इंतेज़ार कटम हो गया मम्मी दादी 4 दिन के लिए मुंबई जेया रहे हैं रिलेटिव्स मैं कोई गुजर गया हैं बेबी भी स्कूल चली जयगी भैया शॉप को घर पे कोई भी नही रहेगा आफ्टरनून तक तुम ठीक 11. 30 को आजा ओ मैं तो बोहुत कुश हो रहा था मॅन ही मान की आज तो छूट चाट उ न गा शीआड़ दल कर मुझे छूट चाटना भूत अक्चा लगता हैं वो भी भाबी की जो गुलाबी कलर की हो गी ठीक 11 ओ क्लॉक मुझे भाभी की कॉल आई ओर भाभी ने कहा आ ते आते एक व्हीसपेरोर कुछ मेडिसेनए ले के आओ मैं ये सुन कर एक दूं तुंदा पद गया मैने विस्पर ओर मेडिसेनए लिया ओर चला गया डोर की बेल मारी भाभी ने डोर ओपन किया अंदर गया मेरा मूड तो करब हो चुका था कुनकी भाभी ने विस्पर जो माँगाया ता भाबी ने कहा क्या हुआ आज तो चेरे पे रोहणक होनी छाईए पर तुम तो डल हो गये हो क्यूँ मैने कहा आप ने पॅड्स जो माँगाया तो कुछ हो गा या नही तब भाबी ने कहा अरे वो चिंता मॅट करो मैने तो तूमे सर्प्राइज़ देने के लिए मननगया था ये सुन कर फिर से बदन मैं एक आजीब से चिंगारी जाग उठी रूम गया भाभी ने त शर्ट ओर 3\4 पहना हुआ था मेरा तो लॅंड एक दूं टन के कड़ा था मैने कुशी भाभी को पीछे से पकड़ कर गर्दन पे चूम ने लगा ओर एक हाथ नएचए 3\4 के आंदार दल कर छूट के बालो से खेल रहा था इस तारा भाभी को गरम किया उसके बाद लीप तो लीप किस ज़ोर से लिया एक डूस मीं क्या टेस्ट था आहा ओर भाभी ने आपना हाथ मेरे पंत के आंदार दल के मेर लंड को हिला रही थी मैं आब ही भाबी की त शर्ट उतार दी क्या बूब्स थे एक दूं गोरे गोरे ओर उसे पे काले निपल चाट चाट कर लाल कर दिया भाबी ने भी मुझे एक दूं नंगा कर दिया था अब भाभी मेरे लंड को देकर कह राहिती इसने तो मुझे भूत तडपया आज इसे चूडोंगी नही ओर अपने मु मे लेकर चूस रही थी जैसे लोलीपोप चूस रही थी मैं तो तंग था दोस्तो ऐसा मज़्ज़ा भूत दीनो के बाद आरा था मैं ज़द गया पूरा वीर्या भाभी ने प्यार से चाट लिया ओर कहने लगी चूतिया तेरा भैया तो मुझे ऐसा सुख ही नही देता आब तू आगेया हैं आ मेरे छूट की चिंता डोर हो गयी मैने भी अब भाभी 3\4 उतार दिया ब्लॅक कलर की पनटी थी उसे भी उतरा हैइए क्या गांद थी ओर क्या गुलाबी कलर छूट वो भी एक दूं नीट न क्लीन तुमारे लिए ही तो क्लीन की हैं मैं अब अपने सब से पसंद आइडा कम पे लग गया छूट छत ने क्या मज़्ज़े आ राय थे उप्पर से भाभी की हा हू आवाज़ बदन मैं हुलचूल मचा रही थी 10 मीं के बाद मैं अपने लंड को तेल लगाया ओर छूट मैं ढेरे ढेरे लंड को गुस्या एक अजेब सा माज़ा आरा था दोस्तो अंदर बाहर करते समय वो आवाज़ तो ओर बदन मैं जोश पेड़ा कर रही थी ऐसा एक शॉर्ट कहताम हुआ हम दो बार ज़द चुके थे मैने थोड़ी देर उसकी गांद को चटा ज़बार्दुस्त थी गोरे गोरे चुटूड़े गोल गोल जैसे इसको हमेशा छत था रहूं फिर मेरे बटीरी चार्ज हो गयी थी अब उसको घोड़ी की शॉर्ट मैं लेना चटा था मैने कुशी को कहा तुम बेड को पकड़ लो ओर गांद को उपर उठाओ मैं तुम्हे पीछे से छोड़ना चटा हूँ उसने वैसी ही किया ओर मैने अपना लंड को पीछे से डाला ओर ज़ोर ज़ोर दहके लगाया एयेए एयेए ऊओ ऊऊ ओर ज़ोर से सम ओर ज़ोर से क्या माज़ा आ रहा सम काश तुम मेरे पति होते सम ऐसा हम दोनो जब भी मौका मिलता है तभी छुड़ा थे हैं करीब 4 साल हो गये हैं आज भी ये सिलसिला जारी हैं तो दोस्तो एहे मेरे ज़िंदगी की एक सुहाना सा सफ़र हैं आप को कैसा लगा

और कहानिया   बीवी की अनोखी दास्तान part 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

shares