बगलवाली भाभी को हुआ मेरी लुंड से प्यार

मैंने सोचा कि मैं उन्हें रोने देता हूं क्योंकि रोने से उनका दर्द निकल जाएगा. उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा मैंने किसी का कभी कुछ बुरा नहीं किया तो मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? और वहां मुझे पकड़ कर रोने लगी.

उनके इस सवाल का मेरे पास कोई जवाब नहीं था. मैंने आइस क्यूब ली और उनके गाल पर लगाने लगा भाभी के आंसू रुक नहीं रहे थे और रोने की वजह से उनका आंख भी लाल हो गए थे. मैंने अपने हाथों से उनके आंसू पोछते हुए कहा अब बस करो आप और रोयेंगी तो तबीयत खराब हो जाएगी. उन्होंने मुझे देखा और कहा तुम्हें उससे क्या? तबियत मेरी खराब होगी. मैं तो ऐसे ही मर जाना चाहती हूं. इस बात पर मैंने उन्हें डांटा और बोला चुप हो जाओ भाभी वरना.

वह चिल्ला कर बोली “वरना वरना क्या? तुम हो कौन मुझ पर चिल्लाने वाले, वैसे भी मैं किसी के लिए कुछ मायने नहीं रखती, कोई मुझसे प्यार नहीं करता. मैंने उनकी आंखों में आंखें डाल कर कहा आप मेरी दोस्त है, मेरे लिए आप इंपॉर्टेंस रखती हे. भाभी और मैं बहुत पास बैठे थे और वह मुझे एक टक देखे जा रही थी. पूरे रूम में एक अजीब सी शांति थी. तभी अचानक पता नहीं क्या हुआ? वह मेरी तरफ बढ़ी और मेरे लिप्स को किस करने लगी. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआं मेरे लिए यह सब नया था. मेरे दिल की धड़कन तेज होने लगी मुझे कुछ फिल नहीं हो रहा था.

तभी मुझे किस कर रही थी और मैं पुतले की तरह बेजान था. अभी थोड़ी देर में मुझे होश आया मैंने उससे कहा भाभी आप यह क्या कर रही हैं? यह गलत है आप शादीशुदा हैं आपकी एक बेटी है. ऐसा कह कर मैं जाने लगा. तभी पीछे से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली.

प्लीज मत जाओ मैं जानती हूं यह गलत है पता नहीं क्यों मुझे यह सही लग रहा है. मैंने कभी सच्चे प्यार का एहसास नहीं किया पर तुम पास हो तो लग रहा है कि यह दिल हमेशा से तुम्हे ही चाहता था. आज प्लीज मेरे प्यार के लिए नहीं तो दोस्ती के लिए रुक जाओ इतना कहकर वह मेरे सामने आ गई और मेरी हाथ को पकड़कर अपने कमर पर रख दिया और बोली

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मैंने कभी सच्चे प्यार का एहसास नहीं किया शादी के बाद सिर्फ एक इंसान के लिए हवस का का भोग बनी हूं. आज मुझसे मेरा प्यार मत छीनो ऐसा कहकर वह मुझे किस करने लगी उनकी बातों का असर मुझ पर भी हुआ और जाने अनजाने में मैं भी उनका साथ देने लगा.

मैं पहली बार किसी को किस कर रहा था. मैं उनके नरम नरम होंठों को महसूस करने लगा हम दोनों ने एक दूसरे को कस के पकड़ लिया था और दूसरे को जबरदस्त किस कर रहे थे. मैं कभी उसके जीभ का स्वाद ले रहा था तो कभी वह मेरी जीभ का स्वाद ले रही थी. हमने एक दूसरे को लगातार 15 मिनट तक किस किया होगा.

उसके बाद सभी ने मुझे सोफे पर गिरा दिया और मुझे मुझ पर चढ़ गई और मेरे कान और गर्दन पर पागलों की तरह किस करने लगी. मैं भी अपने हाथों को उनकी चिकनी पतली कमर पर चलाने लगा और एक हाथ से उनके छोटे प्यारे ब्रेस्ट को ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा. उनकी गर्म सांसों ने मुझे पागल बना दिया था. तभी भाभी ने मेरे शर्ट को एक झटके में खोल दिया और मेरे बनियान को फाड़कर मेरे चेस्ट को चूमने लगी. मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था

मैं उनके बालों में हाथ फेरने लगा और उनकी रेशमी बालों को खोल दिया अब मुझ में भी एक जोश सी आ गयी थी. मेरा दिन घोड़े की तेजी से दौड़ रहा था. उपर से भाभी की मीठी खुशबू और गरम सांसो ने मेरे अंदर एक उबाल सा पैदा कर दिया था. मैंने भाभी को उनके बालों से पकड़कर खींचा और अब मैं उनको पागलों की तरह किस करने लगा उनके गाल, गर्दन, सर सब कुछ और हर जगह मैंने किस की.

ओके हल्की हल्की सिसकियां लेने लगी. मेरे कानों में उनकी आः अह्ह्ह हहह म्मम्म उम्म्म्म ओह्ह्ह्ह एस येस्स्स्स अह्ह्ह्ह आम्म्म उम्म्म्म ओह्ह्ह्ह हल्की आवाजें आ रही थी. मैंने उन्हें गोदी में उठाया और ले जाकर उन को बेड पर पटक दिया और उन पर टूट पड़ा. मैंने उनकी साड़ी निकाल कर फेंक दी मेरे सामने सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी. मेरी नजर उसकी चिकनी कमर पर पड़ी और क्या बताऊं दोस्तों? उसके जैसी कमर किसी की नहीं होगी एकदम स्लिम, गोरी और नर्म और उस पर उस की बेली बटन यह सब देख कर मुझ से रहा नहीं गया.

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मैंने सीधा उसके कमर को चूमना शुरू कर दिया, अब स्वर्णा की आवाजें भी बढ़ने लगी थी. भाभी के कमर को जितने तेजी से चुम रहा था उतने ही तेजी से कमरे में स्वर्णा की आवाजे भी बढ़ रही थी. वह मेरे एक हाथ से अपनी चूची को उसकी ब्लाउज के उपर से ही दबा रही थी. और दुसरे हाथ से मेरे बालो में अपना हाथ फेर रही थी. मेरा एक हाथ भी बहोत जोर से स्वर्णा की चूची को दबा रहा था और दूसरा उसके पेटीकोट के उपर से उनकी चूत को सहला रहा था.

चिकनी कमर को चुमते चुमते मैं नीचे पहुंचा. मैं अपने हाथों से भाभी की चूत की गर्मी महसूस कर सकता था. मैं जोर-जोर से उनकी चूत मसलने लगा वह जोर जोर से चिल्लाने लगी प्लीज अहह्ह्ह हहह अम्मम्म प्लीज़ धीरे आह्ह्ह्ह उम्म्मम्म अगग्ग्ग हह्ह्ह्ह करो अनू अह्ह्ह्ह अम्मम्म इआईइ अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ऊम्म्मम्म प्लीज अनु. मैंने पटक से भाभी के ब्लाउज को खोज दीया और उसकी चुचियो में अपना मुंह डाल दिया और जोर जोर से ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूसने लगा. फिर मैंने उसकी ब्रा भी गुस्से में फाड़ दी. और चुचियां को चूसने लगा.

तभी मेरे मुंह में दूध आया यह देखकर स्वर्णा हंसने लगी मुझे और गुस्सा आया और मैंने दूध चूसने लगा बीच बीच में उसकी चुचियो को जोर से काट देता वह जोर से चिल्लाती मत कर अह्ह्ह अम्म्म उम्म्म्म ओह्ह्ह आह्ह्ह य्रस्स्स्स येस्स अह्ह्ह्ह ऐम्म्म्म ओह्ह्ह्ह आह पिलो ऊऊओ मेराआआ और मेरे सर को अपनी चुचियों पर दबाने लगे उनका दूसरा हाथ ट्राउजर के अंदर मेरे लंड से खेल रहा था.

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