उदास मर्द को कुश किया भाभी ने

अगले दिन मुझे अपने काम पर जल्दी जाना था तो मैं उस दिन जल्दी ही काम पर निकल गया था। मैं जब अपने घर लौटा तो मैंने देखा हमारी कॉलोनी में एक नया परिवार रहने के लिए आया है मेरा उनसे परिचय हो गया था। वह लोग हमारे पड़ोस में ही रहने के लिए आए थे मैं जब सरिता भाभी से मिला तो मुझे उनसे बात करने मे अच्छा लगता उनसे मैंने काफी देर तक बात की लेकिन मुझे नहीं पता था कि सरिता भाभी की नियत कुछ ठीक नहीं है वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार हो जाएंगी अब वह हमारे घर पर आने लगी थी। एक दिन उन्होंने मुझे कहा आज कहीं साथ में घूमने चलते हैं मैंने उन्हें कहा आज नही क्योंकि कविता उस दिन घर पर नहीं थी वह बच्चों को लेकर मायके गई हुई थी। सरिता भाभी को बहुत अच्छा मौका मिल गया था वह मेरे साथ बैठी हुई थी जब उन्होंने अपने हाथ को मेरे कंधे पर रखा तो मैं समझ गया वह क्या चाहती है वह अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी। मैंने उनको प्यार करना शुरू कर दिया सरिता भाभी को मैने अपनी बाहों में समा लिया मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उनके  होठों को चूम रहा था जिस से उनके अंदर की गर्मी बाहर की तरफ आने लगी थी मुझे एहसास होने लगा था वह भी अब तड़पने लगी है मैंने जब उनको अपनी बाहों में लिया तो वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था मैंने उनके नरम होंठों को दोबारा से चूमना शुरू किया जब मै उनके होठों को चूम रहा था तो वह अब तड़पने लगी थी। वह मेरे होंठो को काटने लगी अब वह बिस्तर पर लेट चुकी थी मैं उनके ऊपर से लेटा हुआ था। मैंने अब कावेरी भाभी के कपड़ों को धीरे धीरे उतारना शुरू किया उनके गोरे बदन से मैंने कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे। जब मैने उनके कपडे उतारे तो वह मेरे सामने नग्न अवस्था में थी उनके नंगे गोरे बदन को देखकर मेरा लंड तन कर खड़ा होने लगा था। जब मैंने उनको नंगा देखा तो मै उनके गोरे बदन को महसूस करना चाहता था। मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया अब मुझे अच्छा लगने लगा वह खुश हो गई थी। मैं जब उनके स्तनों को दबाता तो उनको मजा आता और मै उनके स्तनो को अपने मुंह में लेकर चूसता वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो जाती अब वह मुझे कहती मुझे बहुत मजा आ रहा है।

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उनके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढने लगी थी और मेरे अंदर की आग भी कहीं ना कहीं अब पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने अपने लंड को बाहर निकालाते हुए उसे हिलना शुरू कर दिया उन्होने मेरे लंड को हाथो मे लिया और अब वह जिस प्रकार से मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मेरे लंड को उनको अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आ रहा था अब हम दोनों पूरे तरीके से उत्तेजित हो चुके थे। हम दोनों की उत्तेजना बढ़ने लगी थी मैंने उनको कहा मैं आपकी चूत को चाटकर अपना बनाना चाहता हूं। वह अब अपने पैरों को खोलने लगी मैंने देखा उनकी चूत से बहुत पानी बाहर निकल रहा है मैं अब उनकी चूत को बड़े अच्छे से चाटने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

मैं जब उनकी चूत को चाट रहा था तो मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी मैंने अपने लंड पर थूक लगाकर भाभी की चूत मै मैंने अपने लंड को घुसाया तो वह चिल्लाई मैंने अब भाभी को बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे मुझे बहुत मज़ा आने लगा था वह बहुत ही उत्तेजित हो गई थी और मेरे अंदर की आग अब बढ चुकी थी। भाभी के अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी उनकी चूत से पानी बाहर आने लगा था मेरे अंदर की गर्मी को वह अब बढ़ाने लगी थी। मेरे लंड और उनकी चूत की चिकनाई बढने लगी मै अब मजे मे था और हम दोनो की रगडन से जो गर्मी पैदा हो रही थी वह एक अलग ही माहौल बना रही थी जिससे कि हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत तड़पने लगे थे। मेरा लंड अब उनकी चूत की गर्मी को ज्यादा देर तक झेल नहीं पाया और मैंने अपने माल को उनकी चूत में गिराने के बारे मे सोच लिया था। जैसे ही मैंने अपने माल को उनकी चूत के अंदर गिराया तो वह खुश हो गई। मुझे भाभी को चोदकर मजा आ गया था और वह भी बडी खुश थी।

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