भाभी आप क्या चीज़ हो 1

मैंने कहा- आज तक तो मुझसे नहीं शरमाती थी, कब से शरम आने लगी?

वो बोली- बात ही कुछ ऐसी है।

मैंने कहा- बताओ ना?

वो कहने लगी- तेरा लण्ड देख कर मैं सोचती हूँ कि काश तेरे भैया का भी ऐसा होता तो आज मेरी कोख सूनी ना रहती। मुझे उनसे मज़ा भी नहीं मिल पाता।

मैंने कहा- इसमें मैं क्या कर सकता हूँ।

वो बोली- अगर मैं तुझसे एक बात कहूँ तो तू बुरा तो नहीं मानेगा क्योंकि वो बात कुछ ठीक नहीं है और मुझे ऐसा करना भी नहीं चाहिये।

मैंने कहा- तुम मेरे लिये इतना सब कुछ करती हो, क्या मैं तुम्हारे कुछ भी नहीं कर सकता। तुम बताओ तो सही?

वो बोली- इतने साल मैंने केवल तुझे पल-पोस कर कर बड़ा करने में गुजार दिये और कभी मां बनने के बारे में सोचा ही नहीं।

मैंने कहा- तुम बताओ तो सही कि मुझे क्या करना है?

भाभी बोली- मुझे शरम आती है।

मैंने कहा- जब मैं शरमाता था तब तो तुम मुझ पर गुस्सा होती थी। अब तुम शरमा रही हो तो मुझे क्या करना चाहिये, बताओ।

मेरी बात सुनकर वो हंस पड़ी और बोली- मैं मां बनना चाहती हूँ और साथ ही साथ मैं चुदाई का मज़ा भी लेना चाहती हूँ। अगर तेरा कोई दोस्त हो और उसका लण्ड तेरे जैसा हो तो…
इतना कह कर वो चुप हो गई।

मैंने कहा- मैं समझ गया भाभी, लेकिन अगर भैया को पता चल गया तो?

वो बोली- वो क्या कर लेंगे। तू तो जानता ही है कि मैं जब उन्हें घूर कर देखती हूँ तो वो चुप हो जाते हैं। वो मेरी हर सही या गलत बात को मान भी लेते हैं। वो ऐसा क्यों करते हैं मैं आज तुझे बताती हूँ। तेरे भैया का लण्ड बहुत छोटा है। उनका लण्ड ठीक उतना ही बड़ा है जितना 13 साल के उमर में तेरा था। उनका चुदाई का काम भी बड़ी मुश्किल से 2 मिनट में ही खत्म हो जाता है। इसीलिये वो मुझसे डरते हैं।

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मैंने कहा- अब मैं समझा कि वो तुमसे इतना डरते क्यों हैं।
भाभी ने कहा- मुझे तेरे भैया से कोई डर नहीं है।
मैंने कहा- आस पास के लोग क्या कहेंगे।

वो बोली- मैं यहाँ थोड़े ही चुदवाऊँगी। तेरे दोस्त के पास ही चलूंगी और तू मेरे साथ चलेगा।
मैंने कहा- मेरा एक दोस्त है, शिव। वो अकेले ही रहता है। मैं उससे बात कर लूँ, फिर तुम्हें उसके पास ले चलूँगा।
भाभी ने कहा- मुझे तेरे जैसा लण्ड भी चाहिये।

अब मैं भाभी से ज्यादा शरमाता भी नहीं था। मैंने तुरन्त ही अपनी लुंगी उतार दी और कहा- फिर मेरे लण्ड से ही काम चला लो। इधर उधर जाने कि क्या जरूरत है।

भाभी ने मेरे लण्ड पर अपने हाथ से हल्की सी चपत लगाते हुये कहा- तू इसे अपने पास ही रख। यह मेरे लिये पुराना हो चुका है। मुझे नया लण्ड चाहिये।

मैंने कहा- मैंने एक बार शिव का लण्ड देखा था। उसका मुझसे ज्यादा लम्बा और मोटा है।

वो बोली- फिर ठीक है। तू उस से बात कर ले लेकिन वो किसी से कहेगा तो नहीं?

मैंने कहा- नहीं वो किसी से नहीं कहेगा। फिर एक महीने के बाद ही वो अपने घर भी जाने वाला है। उसके बाद वो यहाँ वापस नहीं आयेगा। उसका घर तो यहाँ से 200 किलोमीटर दूर है।

भाभी ने कहा- फिर ठीक है।

मैं शिव के पास चला गया। मैंने शिव से बात की तो वो बहुत खुश हो गया।

एक घण्टे में मैं घर वापस आ गया।

भाभी बड़ी बेसब्री से मेरा इन्तजार कर रही थी, जैसे ही मैं घर के अन्दर पहुँचा तो वो बोली- काम हो गया?

मैंने कहा- हाँ, वो तैयार है।
भाभी ने पूछा- कब चलना है?
मैंने कहा- जब तुम चाहो।

भाभी बहुत ज्यादा जोश में आ चुकी थी और बोली- अभी चलूं?
मैंने कहा- चलो।

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दोपहर के 11 बज रहे थे। भाभी ने भैया को फोन कर के बता दिया कि वो अपनी एक सहेली के यहाँ जा रही हैं, शाम के 5 बजे तक वापस आयेगी।

मैं भाभी को लेकर शिव के पास आ गया।

शिव भाभी को देख कर मुसकुराने लगा तो भाभी भी मुसकुरा दी।

शिव ने कहा- यहीं या कमरे में?
भाभी ने कहा- नहीं कमरे में।

भाभी ने मुझसे कहा- तू यहीं बैठ कर टीवी देख।

मैंने कहा- जब मुझे लाईव शूटिंग देखने का मौका मिल रहा है तो फ़िल्म क्यों देखूँ। मैं तुम्हारे साथ ही चलता हूँ।

वो बोली- मारूंगी अभी।
मैंने कहा- अच्छा बाबा जाओ।

मैंने टीवी पर एक फ़िल्म लगा दी और फ़िल्म देखने लगा।

भाभी शिव के साथ कमरे में चली गयी।

5 मिनट बाद ही कमरे से भाभी की चीखने और चिल्लाने की आवाजें आने लगी।

मैं समझ गया कि अन्दर क्या हो रहा है। शिव का लण्ड 10′ लम्बा और बहुत ही मोटा था। बहुत देर तक भाभी की चीखने और चिल्लाने की आवाज़ आती रही फिर धीरे धीरे उनकी आवाज़ आनी कम हो गई।

थोड़ी देर बाद ही भाभी की आहें और सिसकारियाँ सुनाई देने लगी।
15 मिनट के बाद शिव लुंगी पहने हुये पसीने से लथपथ कमरे से बाहर आया और बोला- जा, तुझे तेरी भाभी बुला रही हैं।

मैं कमरे के अन्दर गया तो भाभी बेड पर एकदम नंगी पड़ी हुई थी, केवल एक छोटे से कपड़े से उनकी चूत ढकी हुई थी।
उनके बाल बिखरे हुये थे, वो पसीने से एकदम लथपथ थी और उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थी।

उन्होंने अपने पैरों को मोड़ कर फैला रखा था।
मैंने पूछा- क्या है?
वो बोली- मेरे पास आ।

मैं उनके पास जा कर बैठ गया तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- तूने तो मुझे फंसा ही दिया।

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