बेडरूम में अंजान लड़का ता लेकिन मुझे सिर्फ़ चुदाई से मतलब

दोस्तो, मैं फेहमीना एक बार फिर आप सबके सामने अपनी नई कहानी लेकर हाज़िर हूँ.

मैं जानती हूँ बहुत दिनों बाद मैं अपनी कहानी लिख रही हूँ और मेरे सभी प्रशंसक बेसब्री से मेरी कहानी का इंतजार करते हैं. तो मैं सबसे माफ़ी मांगती हूँ इतने दिन बाद आने के लिये!

दोस्तो, वैसे तो आप सभी मुझे अच्छी तरह से जानते हैं. मगर फिर भी अपने नए पाठकों को लिए मैं अपना परिचय दोबारा दे देती हूँ.
मेरा नाम फेहमीना इक़बाल है. मैं 27 साल ही एक खूबसूरत लड़की हूँ. मैं जयपुर से हूँ मगर अभी नॉएडा में रहती हूँ. नीली आंखें मेरी कातिल जवानी की सबसे बड़ी पहचान है. मेरा फिगर 34-28-34 है. बाल मेरे कूल्हों तक आते हैं.
कुल मिलकर आप मुझे एक कातिल हसीना समझ सकते हैं।

अब कहानी पर आते हैं. तो दोस्तो ये कहानी अभी नए साल वाले दिन की है. उस वक़्त तक मैं अपने सभी यारों, बॉयफ्रैंड्स से ब्रेकअप कर चुकी थी. कुल मिलाकर मैं सिंगल थी तो ऐसा कुछ ख़ास नए साल का प्रोग्राम नहीं बनाया था. बस घर पर रहकर ही एन्जॉय करने का सोचा था.

30 दिसंबर तक मेरा यही प्लान था क्यूंकि आयेशा (मेरी छोटी बहन) और साहिल (मेरा छोटा भाई) दोनों ने आने से मना कर दिया था. तो मैंने भी सोचा कि अगर मेरी कोई फ्रेंड फ्री होगी तो उसे घर बुला लूंगी.

मगर सब अपनी सेटिंग के साथ बिजी थी. मैं घर पर रहकर बोर ही हो रही थी. बहुत दिनों से किसी से चुदाई भी नहीं करवाई थी तो मैंने सोचा कि आज मैं अकेली भी हूँ टाइम पास के लिए कोई तो चाहिए. तो मैंने सोचा कि चलो कहीं घूम कर आती हूँ, अगर कोई मुर्गा हाथ लग गया तो उसे ही अपनी रात रंगीन करवा लूंगी.

यह बात 31 दिसंबर की थी. ऑफिस के बाद मैं सीधे घर गयी और वहां अच्छे से तैयार हुई. मैंने ब्लैक जीन्स वाइट शर्ट और ब्लू ब्लेजर डाला हुआ था. बालों को खुला ही रखा था. कुल मिला कर मैं माल लग रही थी.

मैं नॉएडा में रहती हूँ तो वहां से मैंने कनाट प्लेस जाने का सोचा. अब जो लोग कनाट प्लेस गए ही वो लोग जानते ही होंगे कि हमेशा कनाट प्लेस में कितनी हरियाली रहती है. वहां मस्त मस्त लड़कियों के साथ मस्त मस्त लड़के भी आते हैं.

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तो मैंने मेट्रो पकड़ी और मैं कनाट प्लेस के लिए निकल गयी. वहां पहुंचकर मैंने देखा कि साला सब लोग जोड़ी बनाकर घूम रहे थे और मैं चूतिया की तरह अकेली घूम रही थी. हालाँकि मैं भी यहाँ कोई मुर्गा फंसाने ही आयी थी और मुझे उसी मुर्गे की तलाश भी थी.

थोड़ी देर घूमते हुए मुझे एक कार दिखी. वो कार मुझसे बस 5 मीटर की दूरी पर ही रुकी. उसमें से दो बहुत ही हैंडसम लड़के निकलते हुए दिखाई दिए.

तभी उनमें से एक लड़के ने पास खड़ी लड़की को हग किया तो मैं समझ गयी की ये बंदी उसकी गर्लफ्रेंड है. तभी दूसरे लड़के ने उस लड़की से कुछ पूछा मगर मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया.
तो मैं थोड़ा पास जाकर उनकी बात सुनने लगी. तो मुझे समझ आया कि वो लड़का उस लड़की से अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ रहा है.
उस लड़की ने कहा कि वो किसी और के साथ डेट पर चली गयी है और वो तुमसे ब्रेकअप कर रही है.

यह सुनकर मेरी हंसी छुट गयी. मैंने सोचा के बेचारे का चूतिया कट गया. मगर उस लड़के की तरफ देखा तो वो बहुत मायूस सा हो गया, जैसे अभी रो पड़ेगा. तभी उस लड़की और उसके दोस्त ने उसे समझाया. मगर वो लड़का सीधे कार में बैठ गया और अपने दोस्त से बोला- मैं घर जा रहा हूँ, तू मेट्रो से वापस आ जाना. या फिर जब फ्री हो जाये तो मुझे कॉल कर देना.

इस पर उन दोनों ने उस लड़के को रोकने की कोशिश की. मगर वो वहां से निकल गया. मुझे उस लड़के के लिए बुरा फील हो रहा था.
हालाँकि ये सब दिल्ली कैपिटल रीजन में बहुत नार्मल है मगर फिर भी उस लड़के पर अब मुझे तरस आ रहा था.

इससे पहले मैं कुछ सोचती वो अपनी कार लेकर वहां से निकल गया. फिर मैंने सोचा चलो अब किसी को तो पकड़ा जाये. मगर मुझे वहां ऐसा कोई दिख ही नहीं रहा था जिसके साथ मैं मज़े कर सकूँ.

मैंने तुरंत स्टीव को कॉल किया मगर उसका फोन नहीं मिला. मैंने उसे व्ट्सअप काल की तो मिल गयी, उसने फोन उठा लिया. वो बोला कि वो अपने देश वापस आ चुका है. मतलब अब वो इंडिया में नहीं रहता.
मैंने उसे टिम के बारे में पूछा तो वो बोला- टिम और मैं दोनों साथ आ गए हैं.

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ये सुनकर मैं मायूस हो गयी और फ़ोन कट कर दिया. मैं ये सोच ही रही थी कि मैंने देखा वो लड़का वापस वहीं आ गया और वो कार से उतरकर किसी को ढूंढने लगा. मगर उसे वो मिल नहीं रहा था.
मुझे लगा कि शायद वो अपने दोस्त को ढूंढ रहा था. मगर उसका दोस्त और उसकी बंदी वहां से निकल गए थे.

फिर मैंने सोचा कि ये सही मौका है, इसे ही पटा लेती हूँ, अच्छा खासा लड़का है.
तभी मैंने एक आईडिया लगाया. मैंने एक फेक कॉल पर बात करनी शुरू कर दी.

मैं ऐसे बात कर रही थी जैसे मेरे बॉयफ्रेंड में मुझे धोखा दे दिया हो. और ये बात मैं उस लड़के के पास जाकर कर रही थी जिससे उसे सब ठीक से सुनाई दे सके.
थोड़ी देर बात करने के बाद मैंने गुस्से में फ़ोन कट कर दिया और वही बैठकर रोने का नाटक शुरू कर दिया.

मेरे प्लान के मुताबिक वो लड़का मेरे पास आया और मुझसे बोला- मिस, आप ठीक तो हैं?
तो मैंने अपना चेहरा ऊपर किया और उसे बोली- प्लीज मुझे अकेला छोड़ दो. मुझे किसी से कोई बात नहीं करनी!

इस पर वो लड़का बोला- देखिये, वैसे तो मैं आपको नहीं जानता. मगर अब आप मेरे सामने ऐसे रो रही हैं तो मैं आपको ऐसे अकेला छोड़ कर तो नहीं जाऊंगा.
और यह बोलकर वो वहीं बैठ गया.

तभी उसने एक दो बार और पूछा. फिर मैंने सोचा कि ज्यादा नाटक करना ठीक नहीं है अब मेन प्लान पर आती हूँ.

मैंने उसके कंधे पर सर रख दिया और रोना शुरू कर दिया और रोते हुए उसे सारी झूठी कहानी बता दी. जिसे सुनकर वो बोला- आज मेरे साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है. मेरी गर्लफ्रेंड ने भी मुझे छोड़ दिया.
और मैंने अनजान बनते हुए उसकी तरफ देखा तो वो भी ऐसा हो गया जैसे अभी रो देगा.
मगर उसने अपने आंसू पर कण्ट्रोल रखा और अपनी कहानी बताने लगा.

थोड़ी देर बात करने के बात हम दोनों में दोस्ती हो गयी. फिर वो बोला- चलो दोनों का ब्रेकअप सेलिब्रेट करते हैं.
मैंने उसे पूछा- कैसे?
तो वो बोला- चलो कहीं चलकर दारू पीते हैं.
मैं स्माइल करने लगी और उसके साथ जाने को तैयार हो गयी.

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