बरसात की रात में मा को रगड़ रगड़ के चोद

हेलो ड्के के रीडर्स देसीकाहानी पे आप सब का स्वागत है. ये कहानी मेरे और मेरी मा के बीच हुई ज़बरदस्त चुदाई के बारे में है. तो देर ना करते हुए सीधा स्टोरी पे आते है.

मेरा नाम है सागर और मैं देल्ही का रहने वाला हूँ. मेरी उमर 22 साल है और मैं मेरे मम्मी और पापा के साथ रहता हूँ. ये मेरे साथ हुई एक सॅकी घटना है.

मैने इसी साल अपनी इंजिनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है और अभी मैं देल्ही में ही एक नौकरी की तलाश कर रा हूँ. मेरे पापा मर्चेंट नेवी में है और साल के 9 महीने घर से बाहर ही रहते है.

कहानी शुरू करने से पहले मैं अपनी मम्मी का तोड़ा डिस्क्रिप्षन दे डून. मेरी मा का नाम रवीना है और वो 45 साल की एक गड्राई हुई हाउसवाइफ है. उनके बूब्स और गांद बहोट बड़े बड़े है उनका रंग तोड़ा सावला है. उनका फिगर लगभग 44-36-40 का है और वो घर पे ज़्यादातर सारी पहनती है.

उनकी कमर एकद्ूम लचीली है और जब वो गांद मटका कर चलती है तो क्या कहर लगती है. मेरे लिए बहोट मुश्किल कर देती अपने खड़े लंड को संभालना. उनका फेस बहोट क्यूट है और उनखी आँखें बिल्कुल नशीली. वो बहोट खुले विचारो वाली है.

वो घर पे अक्सर सारी पहनती है बिल्कुल सेक्सी तरीके से. उनकी नाभि और कमर हुमेशा सॉफ नज़र आते है सारी में, और वो ब्लाउस भी डिज़ाइनर वाली पहनती है, एकद्ूम टाइट और डीप कट. उनका क्लीवेज का मैं बहोट बड़ा दीवाना हूँ. मैं हुमेशा किसी ना किसी बहाने उनकी गांद और बूब्स को टच करता रहता हूँ. वो कुछ नही कहती क्यूंकी वो मुझे अभी भी मासूम समझती है.

ये घटना बस कुछ ही हफ़्तो पिछले की है. बरसात का मौसम था और पापा घर से बाहर थे आस यूषुयल. मैं और मम्मी शाम के लगभग 4 बजे बाल्कनी में बैठ के छाई पी रहे थे और ठंडी ठंडी हवा खा रहे थे.

मैं – मम्मी चलो ना आज माल घूम आते है.

मा – बेटा कितने काले बदल है देख. ज़रूर बारिश होगी आज, हम भीग जाएँगे.

मैं – कुछ नही होगा मम्मी. बारिश शुरू होने से पहले हम वापस आ जाएँगे.

मम्मी फिर भी ना ना कर र्ही थी, पर मैने उन्हे प्लीज़ बोलके माना ही लिया लास्ट में.

मैं अपने कमरे में गया और जल्दी से तैयार हो गया, और फिर मम्मी के कमरे में बिना नॉक किए ही घुस गया. अंदर घुसते ही नज़ारा देखके मैं डांग रह गया. मम्मी बस एक ब्लू कलर की नेट वाली बॅकलेस ब्लाउस और पेटिकोट में थी, और कान में बालियां लगा र्ही थी मिरर के सामने.

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मैने कहा “वाह मम्मी आप आज बहोट खूबसूरत लग र्ही हो” और उनके पीछे जाकर एकद्ूम घिसके खड़ा हो गया और उनकी सिल्की बालों से खेलने लगा.
मम्मी – तू भी ना कुछ भी बोलता है. मैं अब और खूबसूरत कहाँ, उमर हो गयी है मेरी अब तो.

मैं – मों आप आज भी आपकी आधी उमर की लड़कियों को मॅट दे डोगी, इतनी हॉट हो आप.

मा – छत हट बदमाश, जब देखो तब बेकार की बातें करता है. अब बाहर जाके वेट कर और मुझे तैयार होने दे.

मैं निकालने से पहले मम्मी के कमर में हाथ फिरा दिया और उनके गाल पे एक किस कर लिया. मम्मी ने एक कातिल सी स्माइल दी.

5 मीं में वो एक मॅचिंग नेट वाली ब्लू सारी में तैयार होके आ गयी. मैने बिके निकली और हम दोनो माल की तरफ चल दिए. रास्ते में काफ़ी स्पीडब्र्ेआकेर्स थे तो मैने मा से कहा चिपक के बैठने के लिए, ताकि मुझे बॅलेन्स रखने में आसानी हो. इससे मुझे पूरे रास्ते मा के विशाल सॉफ्ट-सॉफ्ट बूब्स अपनी पीठ पे महसूस होते रहे और मेरा लंड खड़ा हो गया.

हम माल पहुचे और एक ब्रॅंडेड कपड़ो की दुकान में गये. मा ने मेरे लिए कुछ टशहिरतस और जीन्स ली, और अपने लिए कुछ सरीस. वो मुझे थोड़े सिंपल डिज़ाइन दिखती तो मैं बोलता की मुझे पसंद नही, बस सेक्सी वाले ट्रॅन्स्परेंट डिज़ाइन्स को ही मैने हन कहा, तो मम्मी ने वही ले लिए 3-4.

उसके बाद मम्मी लाइनाये सेक्षन में गयी, और मैं भी उनके पीछे पीछे गया और बिलिंग काउंटर पे खड़ा हो गया. मम्मी अपने लिए ब्रा और पनटी सेलेक्ट कर र्ही थी, और मैं बस उन्हे ही देख रा था. कुछ देर बाद काउंटर वाली लड़की ने कहा –

लड़की – सिर लगता है आप मा’आम से बहोट ज़्यादा प्यार करते है.

उसकी ये बात से मुझे पता चला की वो मुझे और मा को कपल समझ रही थी. मैने भी उससे सुधारने के बदले उससे कहा – हन बहोट. जान है वो मेरी.

लड़की – सिर हुमारे यहाँ कपल्स के लिए कुछ एग्ज़ाइटिंग गिफ्ट्स है. क्या आप उनमे से कुछ लेना चाहेंगे?

मैं – शुवर, दिखाइए.

वो टू पेर्स हॅंडकफ्स ले आई और एक बोर्ड ग़मे. वो देख के मैं बोला – अर्रे बोर्ड गेम्स कपल्स का गिफ्ट कैसे हुआ?

लड़की – सिर ये एक स्पेशल रोमॅन्स वाला बोर्ड ग़मे है ख़ास कर के कपल्स के लिए. काफ़ी हद तक बिज़्नेस जैसा, लेकिन सेक्सी वाला.

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मुझे ये सुनकर एग्ज़ाइटिंग लगा, तो मैने मा के वापस आने के पहले ही वो हॅंडकफ्स और वो ग़मे अलग से पॅक करवा लिए.

मों के आने के बाद हुँने बाहर एक रेस्टोरेंट में खाना खाया और बिके पे निकल लिए वहाँ से. हम बस आधे रास्ते ही आए थे की अचानक से ज़ोरो की बारिश शुरू हो गयी. मैने मा से कहा कहीं दुकान पे बिके रोक देता हूँ ताकि बारिश से बच सके.

लकिन मा ने कहा – रहने दे बेटा, ये बारिश पता नही कब रुकेगी. अब इतना रास्ता आ ही गये है तो सीधे घर ही चलते है.

मैने बिके स्पीड से भगाई और हम जैसे तैसे घर पह्ोछ गये. हम दोनो पूरी तरह से भीग चुके थे. मम्मी की नेट वाली सारी बिल्कुल ट्रॅन्स्परेंट हो गयी थी और उनके बदन से चिपक गयी थी.

क्या क़यामत लग र्ही थी दोस्तो मेरी मा. मेरा मॅन कर रा था की उनको वहीं पे पटक के छोड़ डून. पर मैने जैसे तैसे खुदको रोका, क्यूंकी रात अभी पूरी बाकी थी.

हम दोनो फ्रेश हो गये, और फिर मैने मा से कहा जो नये कपड़े लिए थे उन्हे ट्राइ करके मुझे दिखाने को. मम्मी भी नये कपड़े पहन ने के लिए बहोट एग्ज़ाइटेड थी और तुरंत अपने रूम में चली गयी तैयार होने.

जब 10 मिनिट बाद मम्मी बाहर आई, मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी. उन्होने एक रेड कलर की ट्रॅन्स्परेंट डीप कट ब्लाउस पहना हुआ था ब्लॅक कलर की नेट वाली सारी के साथ. ब्लाउस बिल्कुल बॅकलेस थी और उसमे से उनकी काली पॅडेड ब्रा सॉफ सॉफ दिख रही थी. उन्होने बालो का जुड़ा बनाया हुआ था और नाक में नोस रिंग भी डाली थी.

मेरा तो उनको देखते ही तुरंत पंत में तंबू बन गया, जिसे उन्होने भी नोटीस कर लिया.

मा – कैसी लग रही हूँ बेटा

मैं – ओह मी गोद मों, आप बहोट ही ज़्यादा हॉट लग रही हो, एकद्ूम सेक्स बॉम्ब लग हो आप.

मा – शैतान, मा को सेक्स बॉम्ब बोलता है! (कहके तोड़ा मुस्कुरा दी और शर्मा गयी).

मैं – मों कुछ और भी लाया हूँ आज, ख़ास हुमारे लिए.

मों – क्या? मुझे भी दिखा..

मैं वो बोर्ड ग़मे निकल के लाया और मों और मैं सोफे पर बैठ गये खेलने. उनको क्या पता था की आज की रात कितनी रंगीन होने वाली है.