बारिश मे भाभी संग मस्ती

हेलो दोस्ती मई आपका दोस्त ज़ीहाँ फिर से हाज़िर हू अपना एक और एक्षपिरेँसे लेकर. अब ज़्यादा बोर ना करते हुए मई आपको सीधा इस किससे के बारे मे बताता हू.

ये लास्ट मंत की बात है हुमारी सिटी मे बारिश भूत तेज हो र्ही थी लेकिन एक मॉर्निंग बारिश नही हुई और हल्की सी धूप निकली तो हुमारे मकान के बगल मे जो मुस्कान भाभी रहती है उन्होने च्चत पे अपने कपड़े सूखने के लिए डाल दिए.

मई आपको मुस्कान भाभी के बारे मे बता डू की उनकी आगे 35 होगी रंग गोरा है लंबे बाल है फिगर 34-30-36 होगा. एकद्ूम मस्त समान ल्गती है जिसे मोहल्ले का हर मर्द छोड़ना चाहता है. भाभी के पति पोलीस मे है तो कोई ज़्यादा कुछ नही कर सकता बस इमगीन करके ही खुश हो सकता है.

तो अब स्टोरी पे आते है भाभी ने कपड़े सूखा दिए च्चत पे और नीचे चली गयी मई च्चत पे अपनी एक्सर्साइज़ करने मे बिज़ी हो गया. इतने मे अचानक बारिश स्टार्ट हो गयी. तो भाभी जल्दी से उपेर आई और कपड़े उतरने ल्गी.

बारिश तेज हुई तो जल्दबाज़ी मे उनकी ब्रा और पनटी जो हुमारी च्चत की साइड डाली थी वो लेजना भूल गयी. मैने भी मोके का फयडा उठाए हुए वो उतरी और इमॅजिन किया की कैसे ये ब्रा और पनटी उसकी भूत और बूब्स पे लगे रहते है. फिर मई वेसए ही हाफ न्यूड (मई ओन्ली शॉर्ट्स मे था उपेर कुछ नही पहना था.) च्चत के रास्ते से नीचे गया उनके मकान मे.

तो भाभी कमरे मे झुक लार कुछ डुंड रही थी. झुकने की वजह से भाभी की गांद मेरी तरफ थी जो गाउन मे क्लियर चमक रही थी.

ये देख कर ही मेरे लंड पूरा टन गया और शॉर्ट्स मे तंबू बन गया. मई इस नज़ारे मे इतना खो गया की मुझे पता ही नही चला कब भाभी मुझे घुरे जा र्ही थी. उनकी आवाज़ से मेरा ध्यान टूटा.

भाभी- कुछ काम था?

मई- आरीईए…. नही भाभी वो आपके कपड़े…….(इतना बोलने पे मुझे ध्यान आया मेरे लंड का और मैने उन्ही के सामने उसे ठीक की).

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भाभी- क्या?

मई- आप च्चत से कपड़े लाना भूल गयी थी तो मई ले आया. ( इतना बोलकर मैने ब्रा और पनटी उनके सामने कर दी).

भाभी नज़र झुकते हुए.

ऊऊहह…… तभी मई काब्से डुंड रही थी इन्हे मिल ही नही रही थी. थॅंक योउ तूने केरी टेन्षन कम कर दी मई तो सोच रही थी की खा चली गयी अब मई क्या पहनुगी?

मई- मतलब अभी अपने नही पहनी हुई क्या?

भाभी- (घूरते हुए) क्या?

मई- जो मैने अभी लाकर दी आपको?

भाभी- तुझे बड़ा इंटेरेस्ट है जानने मे?

मई- नही! मैने तो एसए ही पूछ लिया. वेसए चाहो तो बता दो?

भाभी- अक्चा चल ये बता सुनना चाहेगा या देखना?

इतना बोलकर वो मेरे करीब आ गयी. मैने भी मोका पकड़ा और उसकी कमर मे हाथ डालकर उसे खुद से चिपका लिया और उसके होंटो पे अपने होंठ रख कर किस करने शुरू कर दिया. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

मई- उूउउम्म्म्मह………….. लाजवाब है तुम्हारे होंठ.

भाभी- गजब! आप से सीधा तुम.

मई- हा तो अभी तो तुम ही हुआ है थोड़ी देर बाद तो भूत कुछ होगा.

भाभी- बड़ी आग लगी है तेरे समान मे चल दिखा मुझे कितनी गर्मी है तेरे मे.?

मई- गर्मी भी दिखौँगा और बारिश भी करूँगा पहले मुझे मज़ा लेने दे.

और मैने फिर अपने दोनो हाथो को उसके बड़े बड़े बोबो पे रख कर मसलना शुरू लार दिया. एकद्ूम रयी की तरह सॉफ्ट सॉफ्ट थे उसके बोबे. उसकी सिसकारिया शुरू हो गयी. आआहह……. ऊऊहह….. आराम से करना…….

मई तो भूखे शेर की तरह टूट प्डा. मैने देर ना करते हुए उसकी गाउन को उतार दिया और उसे नंगा कर दिया. नंगी होने पे एकद्ूम संगमरमर की मूर्त लग र्ही थी वो. उसने भी एक ही झटके मे मेरा शॉर्ट खोल दिया और मैने ताने हुए लोड को देख कर बोली.

भाभी- तेरा लंड तो बड़ा सॉलिड है इससे तो मेरी छूट मे खूब खुदाई होगी.

मई- खुदाई भी होगी और भराई भी.

भाभी- क्या मतलब?

मई- लोड मूह मे लेकर मज़े कर.

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उसने झट से मेरे लोड को एक बार मे ही गले तक उतार लिया क्या मस्त लोड चूस रही थी यार वो मई तो उसके चूसने मे ही फ्री हो गया उसके मूह मे उसने मेरा सारा पानी निगल लिया.

भाभी- मस्त टेस्ट है तेरे पानी का तो उउउम्म्म्महााआ…………… चल अब मुझे मज़ा दे तू.

अब उसने अपने पेर खोले और मई अपना मूह उसकी छूट पे र्ख क्या मस्त स्मेल आ र्ही थी उसकी छूट से मई तो जेसे जन्नत मे था. मैने जेसे ही अपनी जीभ उसकी छूट मे डाली वो च्चटपटा गयी.

मैने उसकी छूट को खाना चाटना शुरू किया और वो मेरा सिर अपनी छूट मे दबाने लगी. थोड़ी देर बाद उसकी सिसकारिया तेज होने लगी आआहह……. ऊऊऊहह……. ईईसस्सस्स…… आअहह….. म्‍म्म्ममह…… मजाआाअ…….. एयेए राआा हीई….. चाट और चाट.. और इतना बोलते बोलते उसने अपनी छूट से फव्वारा निकल दिया जो सीधा मेरे मूह मे था नमकीन नमकीन पानी.

भाभी- अब मत तडपा और डाल दे अपना लंड मेरी छूट मे.

मई- एक शर्त पे.

भाभी- बोल मुझे सब मंजूर है तेरे लंड के लिए तो पेसे चाहिए वो भी दे दूँगी बस इस लोड से फाड़ दे मेरी छूट.

मई- पेसे नही तेरी गांद भी चाहिए मुझे.

भाभी- (तोड़ा सोचने के बाद) हा ठीक है लेकिन गांद पहली बार चूड़ेगी तो आराम से करना.

मई- तेरा लोग गांद नही मरता क्या?

भाभी- उसके लंड से छूट ही शांत नही हो पति गांद का नंबर खा से आएगा. उसकी मा छुड़ाने दे तू लंड डाल ना.

मैने उसकी टाँगे छोड़ी की और अपना लंड उसकी छूट पे रगड़ने लगा उसको मदहोशी चाड़ने लगी उसकी सिसकारिया फिर से शुरू हो गयी जो मेरे लोड को और भी ज़्यादा खड़ा कर र्ही थी. आअहह…… ऊऊहह….. मई टेरिइइ रंडी हुउऊउ….. फ़ाआद दे मेरिइई छुउुउत्तत्त…

मैने भी अपना लंड उसकी छूट मे डालना शुरू किया तो लंड का टोपा घुसा तब तक तो उसे कुछ नही हुआ लेकिन जेसे ही बाकी का लोड्‍ा एक झटके मे उतरा उसकी छूट मे उसकी आँखे बाहर आ गयी वो चिल्लाने लगी.

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