कैसे में पोलीस इनस्पेक्टर से रखैल बन्नी

आज मे आपके लिए लाया हूँ एक नयी स्टोरी जो आप शायद बहुत पसंद करेंगे, ये स्टोरी एक पोलीस वुमन की है, जो 35 यियर्ज़ की है.

तो चलिए जानते है क्या क्या होता है उसके साथ, उसी की ज़ुबानी…..

मेरा नाम नेहा राणा है, मे राजस्थान के एक छ्होटे से टाउन दौसा से हूँ, मेरी शादी 20 की आगे मे ही कर दी गयी थी, मे उस वक़्त पढ़ाई कर रही थी प्र छ्होटे टाउन्स मे ऐसा ही होता है वाह्न गर्ल्स की कोई नही सुनता. मेरी शादी देल्ही मे हुई ओर मेरे पति दीपक राणा बहुत ही अच्छे आदमी थे, वो गवर्नमेंट जॉब मे थे तो उन्होने हमारे बेटे निहाल के पैदा होने के बाद मूज़े पढ़ाई के लिए मोटीवेट किया.

निहाल की परवरिश मे उन्होने मेरा पूरा साथ दिया, ओर 5 साल की मेहनत के बाद मेरी जॉब देल्ही पोलीस मे लग गयी, उस वक़्त मे 26 साल की थी.

मे दिखने मे बहुत सनडर थी, हिगत पर्सनॅलिटी भी बहुत अट्रॅक्टिव थी मेरी, बहुत से पोलीस वालो ने तो मूज़े शादी के लिए प्रपोज़ तक किया ओर जब मे उन्हे बताती की मे ऑलरेडी मॅरीड हू तो वो बहुत जेलस होते.

इसी तरह 9 यियर्ज़ निकल गये, मेरी लाइफ बहुत अच्छी चल रही थी, मेरे पति बहुत अकचे इंसान थे आंड मुजसे बहुत प्यार करते थे, मेरा बेटा अब 14 का हो गया था ओर पढ़ाई मे भी बहुत अच्छा था, मेरी जॉब भी बहुत अच्छी चल रही थी, ओर फिर मेरी ज़िंदगी मे आया वो तूफान जिसने सब कुछ बदल कर रख दिया.

ये सब 6 महीने पहले शुरू हुआ.

मेरा बेटा अपनी कॉलोनी के ही कुछ बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने पास के ही एक ग्राउंड मे जाता था, एक दिन खेलते वक़्त उसने एक शॉट मारा जिससे ग्राउंड के बाहर खड़ी एक ऑडी कार का शीशा टूट गया, वो कार एक बहुत ही अमीर आदमी की थी.

उस वक़्त वो कार उनका बेटा जिसका नाम आदित्या सिन्हा था लेकर वाह्न किसी काम से आया हुआ था, उसने जब पूछताछ की तो जब उससे पता चला की शॉट मेरे बेटे ने मारा है तो उसने मेरे बेटे को बहुत बुरी तरह मारा.

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ह्यूम जेसे ही ये बात पता चली हम तुरंत ही उसका पता लगाकर उसके घर पहुँच गये, मे उससे अरेस्ट करना चाहती थी, लेकिन दीपक सिर्फ़ मिस्टर. राजेश सिन्हा उसके फादर से उसकी कंप्लेंट करना चाहते थे, जब हम वाह्न पहुँचे तो आदित्या घर पे नही था.

मिस्टर. सिन्हा बहुत ही शरीफ आदमी थे, वो हुंसे अच्छे से मिले, वो मूज़े समझने लगे.

सिन्हा : देखिए मेडम, अपने बेटे की तरफ से मे आपसे माफी माँगता हू, वो तोड़ा बिगड़ा हुआ है, अगर आपने उससे अरेस्ट किया तो मेरी बहुत बदनामी होगी. (वो तोड़ा रिक्वेस्ट करते हुए बोले).

दीपक : नही भाई साहब माफी की कोई ज़रूरत नही, अगर आप कहे तो मे आपका नुकसान भी भर दूँगा लेकिन उससे निहाल को मारना नही छाईए था.

मे : देखिए ना सिर, मेरे बेटे की नोस पे भी चोट लगी है. (मेने निहाल की तरफ इशारा करते हुए कहा)

सिन्हा : नही नही मूज़े कोई पैसे नही छाईए ओर आप बिल्कुल बेफिकर रहे, मे अपने बेटे की अच्छे से खबर लूँगा.

वो कह ही रहे थे की आदित्या आ गया. उससे देखते ही मिस्टर. सिन्हा उसपर चिल्लाने लगे.

सिन्हा : ये क्या किया तूने, तुज़मे कुछ अकल है या नही, कितना छ्होटा बच्चा है, तूने इसपर हाथ केसे उठाया? क्या यही सिखाया है मेने टुजे, अगर नुकसान हुआ भी था तो हम इसके पेरेंट्स से बात करते, ये मेडम पोलीस मे है, अब ये टुजे अरेस्ट कर ले तो! चल सॉरी बोल मेडम को अभी तुरंत.

इतना सुनते ही आदित्या मूज़े घूर्ने लगा, लेकिन चुपचाप मेरे पास आया ओर मूज़े सॉरी बोला पर उसकी नज़रे मेरी वर्दी पे मेरी चेस्ट की तरफ थी, कुछ सेकेंड्स के बाद उसने निहाल को भी सॉरी बोला.

सिन्हा : आज से तेरी सारी अश् बंद, अब से तू कोई भी कार मुजसे पूछे बिना नही लेगा ओर साथ ही तेरा पॉकेट मनी भी अब आधी. (सिन्हा जी फिर गुस्से मे बोले)

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आदित्या वाह्न से गुस्से मे चला गया ओर हम भी उन्हे शुक्रिया अदा करके चले आए.

कुछ दीनो के बाद मे मार्केट मे थी तभी अचानक आदित्या वहाँ आ गया, मेने उससे देखते ही पहचान लिया, वो मेरे पास आया ओर बोला

आदित्या : मेरी बहुत बेइज़्ज़ती करवाई है तुमने, इसका बदला मे ज़रूर लूँगा तुम लोगो से.

मे : अच्छा क्या कर लेगा तू, लगता है तेरे पापा ने अच्छे से समझाया नही, मे लोक्कूप मे अच्छे से समझौँगी अगर कोई भी उल्टी सीधी हरक़त की तो.

इतना सुन के वो स्माइल देता हुआ चला गया.

आदित्या लगभग 25 साल का हॅंडसम लड़का था ओर पैसे की वजह से घमंडी भी था, मूज़े उसकी वॉर्निंग सीरियस्ली लेनी छाईए थी.

एक दिन ह्यूम एक पार्टी मे जाना था, हम लोग शाम 7 बजे निकले ओला बुक कर के. वाह्न से हम करीब 12 बजे लौटे. हम जब अपने घर पहुँचे तो देखा की हमारे घर का लॉक टूटा हुआ है, मूज़े लगा कोई चोर है पहले मे अंदर गयी, पीछे से दीपक निहाल के साथ अंदर आए, अंदर पूरा अंधेरा था.

तभी किसी ने दीपक ओर निहाल को ज़ोर से मारा, दोनो बेहोश हो गये. मेने जैसे ही लाइट ओं की वो दोनो ज़मीन पेर पड़े थे ओर सामने आदित्या खड़ा था, मे गुस्से मे उसकी तरफ उससे मारने भागी लेकिन उसने अपने रुमाल मे शायद क्लॉरोफॉर्म लगा रखा था, उसने मेरे मूह पर लगा दिया ओर मे भी बेहोश हो गयी.

जब मूज़े होश आया तो मे बेड पर बँधी पड़ी थी ओर मेरे मूह पर टेप था, ओर दीपक ओर निहाल सामने चेर्स पर, उनके मूह पेर टेप लगा था, मेरे पास आदित्या बैठा था, वो पूरी तय्यरी से आया था. वो बोला

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