एक रात अनजान मर्द के सात

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम परी है, मेरी उम्र 35 साल है मैं कोलकाता में एक कॉलेज में प्रफ़ेसर हूँ, मेरी शादी हो गयी है पर सिर्फ़ कोर्ट में, सामाजिक शादी नहि हुई तो मैं कुँवारी लड़की की तरह ही रहती हूँ।।
इसी कारण मर्द मुझे गंदी नज़रों से देखते हैं और कभी कभी शादी का प्रपोज़ल भी आता है।
मेरा रंग गोरा है, इस देश में और क्या चाहिए आप औरत हो और गोरा रंग है, मर्द आपके और जर्रोर आकर्षित होंगे।

मेरे पति की जॉब अलग अलग सहर में रहती है कभी कभर ए आते हैं। तब सेक्स होता है, वरना ज़्यादा कुछ नहीं।

मैं एक अच्छे घर की लड़की हूँ, और समाज में प्रतिस्था है, बहुत लोग मुझे जानते है। पर मुझे जिंदेगी के मज़े लेने का भी इच्छा है।

एक दिन मुझे एक वेब्सायट के बारे में पता चला जहाँ लोग अफ़्फ़ायर करते हैं। शादी शूडा औरतें भी मज़ा लेने के लिए वहाँ नए लोगों से मिलते हैं और अच्छा लगे तो वो सब……. मैंने ऐसे ही एकदिन उसपे अपना एक अकाउंट बना दिया नक़ली नाम से और अपनी पिक्चर भी नहीं डाली।।।।
अकाउंट बनाने के बाद मुझसे बातें करने के लिए बहुत मेस्सेजेस आने लगे, पर ज़्यादातर 5मीन बात करने के बाद ही गंदा बोलना सुरु करे देते थे, जो मुझे एकदम पसंद नही था।
उसमें एक दिन अजय नाम से एक आदमी ने चैट करना चालू किया, हम बातें करते रहे लगभग 1 घंटा फिर भी उसने कुछ भी गंदा नहीं बोला, उसने बताया कि उसकी उम्र 32 है और वो गवर्न्मंट जॉब करता है। उसने मुझसे मेरी एक तस्वीर माँगी। मैंने देने से मना कर दिया।

अजय – आप अगर कोई तस्वीर भी ना भेजो तो कैसे मालूम चलेगा की आप सच में औरत हो। आपकी पहचान कैसे पता चलेगी?

मैंने अपने चहेरे पे रूमाल बांधा और उसे विडीओ कॉल किया, अजय ने तुरंत उठाया, मैंने रात को नाइटसूट पहना था, उसने सिर्फ़ एक टी शर्ट। अजय मेरे जैन पहचन का नहीं था।

मैं – अब यक़ीन हुआ की मैं औरत हूँ, तुम नहि समझोगे एक लड़की किसी अनजान आदमी को तस्वीर नहि भेज सकती।

अजय – मैं समझता हूँ, पर अपने यह रूमाल तो हटाओ चहेरे से!!!

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मैं – अगर मिलेंगे तो देख लेने उस दिन आज रहने दो।

अजय – आपको थोरा ही देख के मेरा मन और वो भर गया…. आपसे मिलेने के लिए उत्सुक हूँ।

मैं – फिर ठीक है शनिवार को मिलते है कोफ़ी शोप में शाम 7 बजे।

अजय – आपका फ़ोन नम?

मैं – उस दिन ही मिलेगा।

शनिवार हुई मैं तो मैं कोफ़ी शोप में गयी अजय के नाम से टेबल बुक था, मैंने देखा अजय वहाँ पे बैठा था।
वो मुझे पेचनता नहीं था पर मैं उसे पहचन गयी और वो ग़ज़ब का हॉट दिख रहा था, ज़्यादा लम्बा नहीं पर दिखने में बहुत सुंदर और शांत!

मैं- हेलो अजय! मैं परीमिता, पहचना मुझे?

अजय – अपने तो आज से पहले कभी चेरा ही नहि दिखाया तो कैसे पहचानता। पर आपकी आवाज़ पहचान गया। आप बहुत ही सुंदर हो, बिस्वास नहि हो रहा आप यहाँ मेरे साथ हो।

हमने कोफ़ी मँगायी और बातें करने लगे उसकी नज़रें मेरे स्तनो से हट नहि रही थी। उसने अपना ID कार्ड दिखाया और मैंने भी ताकी हमें एक दूसरे पर बिस्वास हो जाए।

मैं – देखो अजय यह जस्ट ऐसे ही हम मिल रहे है इसे तुम इससे ज़्यादा कुछ मत समझना और बाद में मुझे परेशान नहि करना।

अजय – आपका हुकुम सर आँखों पर, आपको देखके मेरे आँखें भँवरा गयी है, यहाँ से कही और चलते है।

मैं – कहाँ?
अजय – जहाँ आप बोलो, वो मैं अप्पे छोरता हूँ।
मैं – मेरी बहुत रेस्पेक्ट है, ऐसे वैसे कहीं जा नहि सकती कोई स्टूडेंट मुझे देख लेगा तो मुसकिल है।

अजय – बुरा ना मानो तो एक बात बोलूँ, कोई अच्छा सा रूम बुक करते हैं, एक दो घंटे के लिए।

मैं – तुम्हारे इरादे ठीक नहीं लगते, तुम क्या हर किसी लड़की को ऐसे रूम में ले जाते हो????

अजय – सच बोलता हूँ अपनी गर्ल्फ़्रेंड को अलावा आप.. मैं भी अच्छा आदमी हूँ, ग़लत काम नहीं करता।

मैं – ठीक है, पर 2घंटे के लिए नहीं पूरी रात के लिए बुक करो, रात 11 बजे घर नहीं जा सकती, वैसे कोई है नहीं घर में फिर भी। नहीं तो आज रहने दो।

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अजय – चलते हैं किसी5 स्टार होटेल, आपकी सेफ़्टी बनी रहेगी।

हम 5 स्टार होटेल पहुँचें और चेक इन किया, खाना मँगवाया और खाया।

मैं – बोली मुझे टाइम दो पति से बात कर लूँ।

उसने भी अपने गर्ल्फ़्रेंड से बात की फ़ोन पे।

रात हो गयी तो उसने बोला की हम सिर्फ़ बातें करेंगे या कुछ और?

मैं – सिर्फ़ बातें करना होता तो यहाँ क्यूँ अति इतना रिस्क लेके?

अजय – तो अपना सलवार से डुप्पत तो हटाइए!!! और कितना ढक के रखेंगी? उस दिन भी नहीं दिखाया!

मैं- पहले नहा के आओ!!!

अजय नहाने चला गया मैंने अपने बाल खोल लिए और दुपट्टा हटा लिया, और अपने क़मीज़ के दो बटन खोल लिए।

अजय नहा के बाहर निकला सिर्फ़ एक टाउल पहन के, उसका सरिर बहुत ही सुंदर था, देख के लगता था जिम जाता है। मैं उसे देखती रही।

वो मेर बग़ल में बैठ गया और और मुझे गर्दन से पक्कड के किस करने लगा। मैं भी उसका साथ देने लगी किस करने में… उसने सीधा अपना हाथ मेरे स्तन पे रख दिया और सलवर के ऊपर से सहलाने लगा।
मैंने बोले 5 मीन रुको मैं फ़्रेश होके आती हूँ।

मैंने अपना सलवर उसके सामने ही उतार दिया और अपना पजामा भी, मैं सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में इसके सामने खरी थी…. मुझे शर्म भी आ रही थी इसलिए जल्दी बाथरूम में घुस गयी, नहाया और अपने छुत के बाल साफ़ किए, अपना ब्रा और पाँति खोल के सिर्फ़ एक टाउल पहन के निलकी।।। मैंने अपना पैंटी उसके और फेंकी वो उसे सूँगने लगा।

अजय – आप तो काम कपड़ों में मस्त दिखती हो, इधर तो आइए आपको प्यार तो करूँ!!!

मैं उसके पास गयी, और उसे किस करने लगी, वो मेरे गर्दन पे और बूब्ज़ के ऊपर ही किस कर राह था, मैं उसका सरिर पूरी तरह से खा रही थी। मुझे उसका लंड देखना था इसीलिए मैंने उसका टाउल हटा दिया।।
टाउल हटाते ही मुझे उसका काला मोटा लंड दिखने लगा।
अजय — कैसा लगा मेरा लंड? आपके पति से बड़ा है या छोटा? आप खेलो मेरे लंड से!

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