अचा काम करना चाहिए

मैंने और मधु ने उससे लगभग एक साथ पूछा- ये क्या है?
रश्मि- आज से अगले 10 दिन तक तुम और मधु एक बीवी और पति की तरह रहोगे. आज से तुम मधु के पति हो और मधु तुम्हारी बीवी. ताकि जो तुम्हारा बच्चा हो, वो एक सम्मान के साथ हो ना कि उसे समाज एक नाजायज बच्चा बोले.

इतना सुनने के बाद मधु रोने लगी, तो मैंने उसके करीब जाकर उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसे अपने सीने से चिपका लिया.

मैं- मधु अब से तुम भी मेरी बीवी हो और जितना हक़ रश्मि का है, उतना ही तुम्हारा है. रश्मि की बात सही है, जो बच्चा होना चाहिए, वो प्यार की निशानी होनी चाहिए ना कि सिर्फ सेक्स का फल.
मधु- राज जी ऐसे न बात कीजिये, मुझे आपसे प्यार हो रहा है और मेरा प्यार आपके लिए इतना गहरा है कि दुनिया में कोई किसी को इतना प्यार नहीं कर पाएगा.
रश्मि- मधु, तुम राज को जितना चाहे प्यार कर सकती हो, तुम्हारा हक़ है तुम उसके बच्चे की माँ बनने वाली हो. हर औरत का हक़ होता है कि वो जिसके बच्चे की माँ बने, उससे सबसे ज्यादा प्यार करे.

इतना सुनने के बाद मेरे दिल में भी मधु के लिए प्यार आने लगा.

आपको सच बताऊं तो पता नहीं क्या हो रहा था मुझे, मुझे मधु में अपना प्यार अपना सुख चैन सब नजर आ रहा था. ऐसा लग रहा था कि मैं अब मधु से कभी जुदा न होऊं.
मधु ने भी मुझे अपनी बांहों में कस कर भींच लिया और अपना चेहरा मेरी छाती में छिपा लिया.

हम तीनों ने रात का खाना खाया और जब सोने की बारी आई, तो रश्मि ने बोला कि मैं अपने रूम में सोने जा रही हूँ और मैं आप दोनों को सुबह तक डिस्टर्ब नहीं करूंगी.

मुझे कुछ काम करना था, तो मैं लैपटॉप पर कुछ काम करने लगा. रात के 10 बज गए थे. मधु मेरे रूम में एक सुहागन की तरह मेरी प्रतीक्षा कर रही थी.

मैं कमरे में अन्दर गया, तो देखा मेरा रूम एक सुहागरात की तरह सजा हुआ था और मधु भी एक साड़ी में दुल्हन की तरह मेरा वेट कर रही थी.

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मैं- मधु तुम ठीक हो न?
मधु- हाँ जी में बहुत खुश भी हूँ. रश्मि बहुत लकी है कि आप उनके पति हो. काश …
मैं- क्या हुआ … रुक क्यों गयी? पूरा बोलो?
मधु- जी कुछ नहीं.

मैं मधु के पास जाकर उसके हाथ को अपने हाथ में लेकर बोला- अब बताओ क्या बोल रही थी?
मधु- काश आप मेरे पति होते, मैं आपको जीवन भर बहुत प्यार करती. आपसे कभी दूर न होती, पता नहीं जब से मैंने आपको देखा है, आपका नशा मुझ पर हो गया है. मैं अब आपसे दूर नहीं होना चाहती.
इतना कहने के बाद मधु मुझसे लिपट गयी और रोने लगी.

मैंने मधु के चेहरे को उठाया और उसे रोता देख कर उसके होंठों को चूमने लगा. करीब 10 मिनट तक मैंने उसके होंठों का रसपान किया. इसके बाद मैं मधु को अपने आलिंगन में लेकर चूमने लगा.

मैंने मधु की साड़ी को उतार दिया और उसके मम्मों को दबाने लगा. मैंने मधु के हर हिस्से को अच्छी तरह किस किया और मधु की चूचियों को चूसने लगा.

मधु ने मुझसे मेरे सारे कपड़े निकालने को बोला, तो मैंने कपड़े उतार दिए.

जब मैंने अपना लंड उसके सामने निकाला, तो मधु उसे देख कर और पागल हो गयी. वो बोली- ओह्ह माय गॉड … ये तो बहुत लंबा और मोटा है. आई लव दिस डिक …

उसने आगे बढ़ कर मेरे लंड को चूम लिया. मैंने अब मधु के सारे कपड़े निकाल दिए. उसके चूचे एकदम दूध की तरह चमक रहे थे.

मैं मधु की दोनों टांगों को चूमने लगा और जब मैंने उसकी जाँघों को किस किया, तो मधु की आवाज मदहोश हो गयी.

मैंने मधु की चुत को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगा. मैं और मधु 69 में आ गए थे.

मधु से अब रुका नहीं जा रहा था. उसने मुझसे कहा- राज, प्लीज़ अब मेरी चुत में अपना लंड डाल दो.

मैंने मधु की चुत पर अपना लंड रखा और एक झटके में अन्दर डाल दिया.
मधु- आह … मर गई … राज मैं मर गयी..

मैंने हल्के हल्के से उसकी चुदाई शुरू की. मधु की आवाजें जोर से निकल रही थीं, जिन्हें दूसरे रूम में मेरी बीवी आराम से सुन सकती थी.
मैं मधु को ऐसे ही चोदता रहा. मधु लगातार कराहती रही और मेरे लंड से अपनी चूत को भोसड़ा बनवाती रही. उसकी कसी हुई चूत से मुझे ऐसे लग रहा था, जैसे राहुल के पास लंड नाम की चीज ही न हो.

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काफी लम्बी चुदाई के बाद मैं मधु की चुत में झड़ गया. मेरा सारा वीर्य मधु की चुत में बच्चेदानी तक टकरा रहा था.

हमने रात में दो बार और चुदाई की. सुबह 10 बजे रश्मि ने दरवाजा खोला, तो मेरी बांहों में मेरी प्यारी नई बीवी मधु एकदम नंगी सो रही थी.

रश्मि मेरे पास आई और मेरे गाल पर एक किस करके चली गयी.

मेरी आंखें खुलीं, तो मधु को नंगी देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. मैंने मधु के होंठों को चूमा. इस चुम्बन से मधु उठ गई और मुझे उसने उठ कर एक किस किया.
वो बोली- आई लव यू राज माय डियर हसबैंड.
वह मेरे लंड को चूसने लगी.

मैंने मधु की चुत पर अपना लंड लगाया और चोदने लगा. मैं चित्त लेट गया था, मधु मेरे ऊपर चढ़ कर लंड चूत में ले रही थी.

मधु की मादक कराहें सुबह से ही कमरे को मदहोशी में डुबोने लगी थीं- अहआहआ … उईई. … फक मी फास्ट … उम्म्ह… अहह… हय… याह… मजा आ रहा है.
वो जोर जोर से आवाज निकल रही थी.

कुछ दस मिनट बाद मधु ने मुझसे बोला कि मैं झड़ने वाली हूँ. तुम भी मेरे साथ ही झड़ जाओ.

फिर मैं और मधु एक साथ झड़ गए. मधु मुझसे लिपट गयी और मुझसे बोलने लगी- मुझे कभी अपने से दूर नहीं करना.

इस तरह मैंने मधु को चोद चोद कर 10 दिन में प्रेग्नेंट कर दिया. वो बहुत खुश थी.

अब आगे क्या हुआ, मैं ये जल्द ही आपको एक अलग चुदाई की कहानी में लिखूंगा.

आप मुझे [email protected] पर लिख सकते हैं. अगर कोई भी महिला मित्र अपने सेक्स से सम्बंधित कोई भी समस्या का समाधान चाहती हो, तो मुझे लिख सकती है. मैं प्रोफेशन से एक डॉक्टर हूँ, तो मुझे आप खुल कर लिख सकती हैं.
धन्यवाद

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