18 उम्र की श्वेता की वर्जिन चुत को बजाय

हैल्लो दोस्तों, कैसे हो आप सब? में इस साईट का रेग्युलर रीडर हूँ, मेरा नाम गणेश है और में थाने मुंबई का रहने वाला हूँ, हाईट 5 फुट 10 इंच, स्लिम फिट बॉडी, लंड साईज 6 इंच और मेरी उम्र 23 साल है, में स्टॉक ब्रोकर एजेंट हूँ। दोस्तों यह स्टोरी एक साल पुरानी होगी, जब मेरे 12वीं क्लास के एग्जॉम को 1 महिना बाकी था। हमारे घर के बगल में एक फेमिली रहती थी, लेकिन उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपना रूम शिफ्ट किया था। उनके एक बेटी श्वेता और लड़का अमोल था। अमोल 9वीं क्लास में था और श्वेता 12वीं क्लास में थी। अब 12वी के एग्जॉम के 2 महीने पहले अंकल ने मुझे श्वेता को अकाउंट पढ़ाने के लिए कहा तो मैंने उस काम के लिए उन्हें हाँ कर थी, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं थी और श्वेता को भी कोई प्रोब्लम नहीं थी, क्योंकि हम एक दूसरे को काफ़ी अच्छी तरह से पहचानते थे।

अब में श्वेता को रोजाना अकाउंट पढ़ाने जाता था, उसकी एक फ्रेंड थी अश्विनी और वो भी वहाँ पर पढ़ने आती थी। वो दोनों काफ़ी अच्छी लड़कियां थी, लेकिन मेरे मन में उन दोनों के लिए कोई गलत सोच नहीं थी। अब वो दोनों खूब जी लगाकर पढ़ रही थी, जो में उनको पढ़ाता था वो लोग झट से याद कर लेते थे, उन दोनों ने काफ़ी हद तक अपनी कवर कर लिया था। अब एग्जॉम को सिर्फ़ एक महीना बाकी और बाद में अश्विनी का आना बंद हो गया, उसके घरवालों ने उस पर रोक डाल दी थी, लेकिन मैंने श्वेता को पढ़ाना जारी रखा। अब एग्जॉम के 1 महीने पहले श्वेता की नानी का स्वर्गवास हो गया और वो सब लोग अपने गावं चले गये। मुझे यह बात श्वेता ने कॉल करके बता दी थी अब हमारी पढाई बंद हो चुकी थी।

फिर कुछ 2 दिन के बाद मुझे श्वेता का कॉल आया और कहा कि में घर आ चुकी हूँ तुम मुझे पढ़ाने शाम को मेरे घर आ जाना, तो मैंने हाँ कहा और फोन रख दिया। फिर में उस दिन उसके घर गया और डोर बेल बजाई तो सामने श्वेता थी और घर में कोई नहीं था। फिर मैंने उससे पूछा कि अंकल और आंटी कहाँ है? तब उसने कहा कि मम्मी पापा 10 से 12 दिनों के लिए गावं में ही है और मुझसे कहा कि पापा ने कॉल करने को कहा है। फिर मैंने अपने मोबाईल से अंकल को कॉल किया, तो अंकल बोले कि हम लोग 12 दिन तक नहीं आ सकते तो तुम श्वेता को पढ़ा कर अपने घर ले जाना और खाना खिला देना, वैसे उनकी और हमारी फेमिली के बहुत अच्छे रिलेशन थे, तो मैंने हाँ कहकर कॉल काट दिया।

और कहानिया   दोस्त की ख़ूबसूरत बीवी के सात यादगार लम्हे

अब में उनके हॉल में बैठा था, तभी मुझे श्वेता ने अपने बेडरूम में बुलाया और अब हम लोग रोजाना बेडरूम में ही पढाई करते थे। अब 2 दिन हो गये थे। फिर में तीसरे दिन जब श्वेता के घर गया और डोर बेल बजाई और श्वेता ने डोर ओपन किया तो ओह माई गॉड वो क्या लग रही थी? अब में अंदर गया और उससे कहा कि श्वेता तुम आज बहुत कमाल की लग रही हो। उसने पर्पल कलर का टॉप और ब्लेक कलर की टाईट शॉर्ट पहनी थी। दोस्तों मैंने अभी तक श्वेता का पूरी तरह से आपके सामने परिचय नहीं किया है। दोस्तों श्वेता दिखने में एकदम हरी भरी थी, रंग गोरा, साईज़ 38-30-38 की होगी। दोस्तों मेरे मन में आज तक श्वेता के लिए कुछ नहीं था, लेकिन आज जो उसने अपना रूप दिखाया तो में उसका दीवाना हो गया था।

अब उस दिन हम पढ़ रहे थे, लेकिन मेरा ध्यान अक्सर उसके बूब्स पर जा रहा था, कितनी भी कोशिश करके में अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। फिर मैंने तुरंत पढ़ाई बंद कर दी और श्वेता से बातचीत करने लगा। तभी मैंने उससे कहा कि तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है? तो पहले तो उसने ना कहा, लेकिन मैंने उससे सच निकाल लिया, तो वो बोली हाँ एक लड़का है। तभी मैंने उसे सेक्स की तरफ खींच लिया, मगर अभी तक उनमें कुछ नहीं हुआ था सिर्फ़ किसिंग हुई थी और वो भी सिर्फ़ सिनेमा हॉल में ही। फिर मुझे हँसी आ गयी, लेकिन मेरा पूरा ध्यान उसके बूब्स पर ही था। अब पढ़ाई करते वक़्त मैंने उसकी क्लेवेज भी देख ली थी, क्या क्लेवेज थी उसकी? बाप रे बूब्स तो कमाल के थे। अब में सोच रहा था कि इसका बॉयफ्रेंड तो बहुत ही लकी होगा, अब इतने में मेरा लंड टाईट हो गया था और जो उसने भी नोटीस कर लिया था, अब उस दिन तो ज़्यादा कुछ नहीं हुआ।

और कहानिया   मेरी दीदी के सात चुदाई का सुख पाया फिर से

फिर अगले दिन में उसके घर गया और अब श्वेता ने कल के जैसे ही कपड़े पहने हुए थे। अब में थोड़ा समझ गया था कि मुझे ग्रीन सिग्नल मिल रहा है, लेकिन डर भी लग रहा था कि कहीं कुछ ग़लत ना हो जाए। फिर कुछ 20 मिनट के बाद में लगातार श्वेता के बूब्स को देख रहा था और मुझे अपना ध्यान भी नहीं था। तभी अचानक श्वेता हंस पड़ी और में ऐसे बर्ताव करने लगा कि जैसे मैंने कुछ किया ही नहीं। अब श्वेता उठकर किचन में गयी और हमारे लिए जूस लेकर आई, लेकिन आते समय उसका पैर उसके पैर में अटक गया और पूरा जूस मेरे ऊपर गिर गया। फिर मैंने जाकर उसे उठा लिया और सोफे पर बैठा दिया। अब वो मुझे सॉरी कहने लगी और बार-बार सॉरी कहने लगी। फिर उसने अपने ही रुमाल से मेरा मुँह साफ करना चालू किया, उूउउफफफफफफ्फ़ यारो उसकी बॉडी की क्या स्मेल थी? आज तक श्वेता मेरे इतने करीब कभी नहीं आई थी, अब हम दोनों सोफे पर बैठे थे और वो मेरा मुँह साफ़ कर रही थी।

अब उसकी गर्म-गर्म साँसे मेरे चेहरे पर आ रही थी, तो अब मुझसे रहा नहीं गया और फिर मैंने झट से मेरा हाथ उसकी कमर पर रख दिया और उसे अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया। अब उसके बूब्स मेरी छाती को टच कर रहे थे, लेकिन श्वेता मुझसे दूर होना चाहती थी। फिर मैंने झट से उसके गालों पर किस कर लिया और उसने कहा कि ये तुम क्या कर रहे हो? तो मैंने कुछ नहीं कहा और उसे जाने दिया। अब में साफ़ होकर वापस उसको पढ़ाने लगा और बीच में उससे कहा कि जो तुम्हारे बॉयफ्रेंड ने अभी तक नहीं दिया है वो में दे सकता हूँ। फिर उसने मुझे इग्नोर किया और मैंने झट से उसका हाथ पकड़ लिया, अब वो मना कर रही थी और प्लीज प्लीज बोल रही थी। फिर मैंने कहा ठीक है। फिर उस दिन रात को श्वेता का मैसेज आया कि..

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

shares