बीवी की अनोखी दास्तान part 2

शालिनी ने धीरे से अपनी चूत को पोंछ डाला और बोली- “मैंने कल रात करीब चार-पाँच बार उठकर अपनी चूत को साफ़ किया है। बाबी ने कल रात की एक चुदाई से अपने लौड़े का माल तुम्हारे माल से करीब तीन-चार गुना ज्यादा मेरी चूत में डाला है और वो अभी तक निकल रहा है…”

हम लोग सुबह-सुबह झील के किनारे गये और एक दरी बिछाकर उसपे लेट गये। बाबी हमारे बीच घूम फिर रहा था और बारबार शालिनी की तरफ़ घूर रहा था। शालिनी बाबी के सिर पर हाथ फिरा कर बोली- “हाय, तूने कल बहुत मज़ा दिया…”

बाबी ने जल्दी से अपने नथुने शालिनी की चूत पर रख दिये लेकिन शालिनी ने अपने चूतड़ हिलाकर अपनी चूत बाबी के नथुने से अलग कर दी। शालिनी ने अपने सारे कपड़े उतार दिये थे लेकिन अपनी चड्डी पहन रखी थी और मैंने सिर्फ़ एक जाँघिया पहन रखा था।

मैं शालिनी से बोला- “क्यों ना हम अपने सारे कपड़े उतार दें क्योंकी यह सुनसान प्राइवेट सी जगह है और आस-पास कभी कोई आता-जाता भी नहीं है…” कल बाबी से चुदाई के बाद मुझे शालिनी का रिएक्शन देखना था।

शालिनी मेरा कहना मान गयी और पूरी तरह नंगी हो गयी। शालिनी को नंगी देखकर बाबी के कान खड़े हो गये और वो शालिनी की चूत की तरफ़ देखने लगा।

मैंने शालिनी से पूछा- “क्या बाबी को भगा दिया जाये?”

तो शालिनी बोली- “नहीं कल रात बाबी ने मुझे ना तो काटा और ना ही कोई नुकसान पहुँचाया, बस मेरी चूत को जमकर चोदा…”

मैं मज़ाक में शालिनी से बोला- “काश… मेरा भी लण्ड बाबी के जैसा मोटा और लम्बा होता…”

शालिनी बोली- “नहीं तुम्हारा लण्ड बहुत बड़ा है लेकिन कुत्ते का लण्ड तो कुत्ते का ही है…”

मैं शालिनी से बोला- “शायद तुम पहली या आखिरी औरत नहीं हो जिसकी चूत कुत्ते के लण्ड से चुदी हो…”

और कहानिया   शालू की मुलायम चुत को चूसा

शालिनी बोली- “मैं मैगज़ीन और किताबों में पढ़ चुकी हूँ कि औरतें कुत्ते से चुदवाना पसंद करती हैं…”

मुझे शालिनी की बात सुनकर बहुत ताज्जुब हुआ और सोचने लगा कि शालिनी ऐसा क्यों कह रही है। हम लोग लेटे हुए बात कर रहे थे।

बाबी बारबार शालिनी के पास आ रहा था और अपना नथुना शालिनी की चूत के पास ला रहा था, लेकिन शालिनी बार-बार उसको हटा रही थी। बाबी का लण्ड अब खड़ा होने लगा था और वो फूलकर लटक रहा था। बाबी का मोटा खड़ा लण्ड देखकर शालिनी अपने होंठ चाट रही थी। अब तक धूप काफ़ी निकल आयी थी और मुझको गरमी लग रही थी।

इसलिए मैं शालिनी से बोला- “मैं घर के अंदर जाता हूँ, क्या तुम भी आना चाहती हो?”

शालिनी बोली- “नहीं मैं बाहर ही रहूँगी…”

मैंने फिर पूछा- “क्या मैं बाबी के लेकर जाऊँ?”

तो शालिनी बोली- “नहीं रहने दो। इसको बाहर ही रहने दो…”

मैं एक पेड़ के पीछे जाकर छाँव में बैठ गया और सोने की तैयारी करने लगा। शालिनी मुझको मुड़-मुड़कर देख रही थी। मैं समझ गया वो मुझको सोते देखना चाहती है। इसलिए मैं आँख बंद करके सो गया।

करीब पाँच मिनट के बाद उसने मेरा नाम पुकारा लेकिन मैं चुप रहा और सोने का बहाना करता रहा। फिर शालिनी भी एक पेड़ के नीचे जाकर लेट गयी और अपने सैंडल से बाबी का लण्ड, जो कि अभी तक पूरा खड़ा नहीं हुआ था, छूने लगी। बाबी अब शालिनी के और पास गया। शालिनी ने तब बाबी को और पास खींच लिया और उसका लण्ड अपने हाथ से पकड़कर हिलाने लगी। सिर्फ़ दो मिनट के बाद बाबी का लण्ड खड़ा हो गया और चूत में घुसने के लिए तैयार हो गया।

बाबी जल्दी से शालिनी के ऊपर चढ़ गया। शालिनी चित्त लेटी हुई थी।

मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि शालिनी कैसे चित्त लेटकर बाबी से चुदवायेगी।

और कहानिया   दिन की शुरुवात हुई चुदाई से

शालिनी ने बाबी को अपने और ऊपर खींच लिया। अब बाबी का खड़ा लण्ड शालिनी की चूची के ऊपर था। शालिनी ने बाबी को और ऊपर खींचा। अब बाबी का लण्ड ठीक शालिनी के मुँह के ऊपर था। शालिनी ने अपनी जीभ निकालकर धीरे से बाबी के मोटे खड़े लण्ड को चाटा। अब शालिनी ने धीरे से बाबी का लण्ड अपने मुँह के अंदर लिया और उसको जोर-जोर से बड़े मज़े से चूसने लगी और साथ-साथ अपने एक हाथ से अपनी चूत में उँगली डालकर अंदर-बाहर कर रही थी।

थोड़ी देर बाद शालिनी ने अपने मुँह से बाबी का लण्ड निकाला और बाबी का लण्ड अपनी चूची पर रगड़ने लगी और दूसरे हाथ से उसके गोल-गोल गोटे सहलाने लगी। बाबी ने बड़ी जोर से एक बार अपनी कमर हिलाई और शालिनी की चूची, मुँह और चेहरे पे झड़ने लगा। शालिनी धीरे से अपनी जीभ निकालकर अपने मुँह और चेहरे पर गिरा बाबी का माल चाटने लगी।

मुझे यह देखकर बड़ी हैरानी हुई क्योंकी आज तक शालिनी ने इतने जोश और इच्छा से कभी मेरा लण्ड मुँह में लेकर नहीं चूसा था, लेकिन आज वो बाबी का लण्ड बड़े मजे से चूस रही थी। अब शालिनी धीरे से नीचे सरक कर अपनी चिकनी चूत बाबी के मुँह के पास ले गयी।

बाबी अब शालिनी की गाण्ड से लेकर उसकी चूत की घुंडी तक चाटने लगा। बाबी के चूत चाटने से शालिनी झड़ गयी और बड़ी हसरत भरी निगाहों से बाबी के लण्ड की तरफ़ देखने लगी। सिर्फ़ दो-तीन मिनट के बाद ही बाबी का लण्ड फिर से खड़ा होने लगा और अब मुझको समझ में आने लगा कि शालिनी बाबी को एक बार झड़ा लेना चाहती थी जिससे कि बाबी खूब देर तक शालिनी की चूत की अपने लण्ड से चुदाई कर सके।

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

shares