बहेन को चोड्नीकी मेरी इचा पूरा हुआ

मेरा नाम राज है, मेरी उमरा अभी 21 साल है और मई राजस्थान में रहता हूँ. ह्मारा घर गस्व में है और मैं जोधपुर में जॉब करता हूँ. जब मेरी पूजा बहन 16 साल की हुई तभी से मेरे विचार उसके बदलने लगे क्या करू उसका फिगर ही एसा था. हम गाव तलब में सभी साथ नहाते थे तब कभी कभी उसे भीगे हुए देखकर मेरा खड़ा हो जाता था. मैं कभी कभी तो सोचता की बस पकड़ लू पर मैं डरता था. बात 1 महीने पहले की उसे एग्ज़ॅम के लिए जाईपुर आना था मैं खुद ही उसे लेने जाने वाला था. अब मीना सोच लिया की वो यहाँ से चुड़े बिना नही जाएगी. मीना ऑफीस से 10 दिन की छुट्टी ली और बिके से उसे लेने चला गया. अगले दिन हम सुबह रबाना हुए. उसने सलवार सूट पहना हुआ था. मुझे एसा लग रहा था जैसे मैं अपनी गिरल्फर्िएद को ले जेया रहा हूँ. हम 2 बजे जोधपुर पहुचे. मैं किराए के एक छोटे से मकान में अकेला रहता हूँ. शाम को उसने खाना बनाया. कल उसकी एग्ज़ॅम थी मैने उससे कहा की सो जाओ हम कल एग्ज़ॅम के बाद से शाहर घूमेंगे. अब मैं उसे छोड़ने का प्लान बना रहा था तो मैने उससे पूछा की डिस्को चले क्या तो उसने तुरंत हन कर दी तो मैने उससे कहाँ की वहाँ सिर्फ़ कपल ही जेया सकते हैं तो वो तोड़ा दुखी हो गयइ फिर मैने उससे कहा क्यों न हम गफ़-ब्फ बन के चले तो उसने थोड़ी देर सोचने के बाद हन कर दी और कहा की जब तक मैं हूँ हम दोनो गर्लफ्रेंड और बाय्फ्रेंड हैं. अब अगले दिन सुबह मैं उसके लिए ड्रेस लेने चला क्योंकि मैं उसे सर्प्राइज़ देना चाहता था. शाम मैने उसे तैयार होने को कहा और उसे ड्रेस दी ड्रेस देखकर वो खुश हो गई. वो उसे पहनने बातरूम में चली गयी थोड़ी देर बाद वो बाहर आई मेरा मान तो कर रहा था अभी छोड़ डून लेकिन मैं कंट्रोल कर रहा था. क्योंकि की उसने अंदर कुछ नही पहना था तो उसके पूरे शरीर के शेप सॉफ दिख रही थी हम डिस्को पहुँचे और 9 बजे बाद हम वापस चलने लगे तो रास्ते में बारिश चालू हो गयइ जिससे हम पूरी तरह भीग गये. अब यहाँ से कच्चा रास्ता चालू होता था जहाँ कम रात को कम लोग आते जाते थे. हम एक पार्क के पास रुके और बारिश रुकने का इंतज़ार करने लगे वो पूरी तरह भीग अब ड्रेस के अंदर से उसका शरीर पूती तरह दिख रहा मुझे कंट्रोल करना मुश्किल हो रा था बारिश और बढ़ने लगी तो हम वॉल के उपर से पार्क अंदर चले गये जाहन एक चता सा बरामदा था जिसमे बेंच लगी हुई थी अब उसके ध्यान अपने निपल्स पे गया जो कब से ड्रेस के अंदर से मुझे देख रहे थे वो हाथ उन्हे छुपाने लगी अब शरम से उसके गाल थोड़े लाल हो गये बारिश रुकने पर हम घर पहुँचे.

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अंदर घुटे ही मैने दरवाजा बंद किया और कस कर उसे पकड़ लिया वो छुड़ाने की कर रही थी लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था मैने बेड पर लिटा और उसके शरीर को चूमने लगा थोड़ी देर बाद उसने छुड़ाने की कोशिश बंद कर दी अब मैने दोनो कपड़े उतार दिए वो उल्टी लेती थी मैने उससे लंड चूसने को कहा तो उसने घुस्से से माना कर दिया तो मैने कहा की अगर तुम नही चुसोगी तो मैं गांद मारूँगा तो फिर उसने कहा जो करना है कर लो लेकिन मैं कुछ नहीं करूँगी तो मैने अपने लंड पर थूक लगा एक बार उसकी गांद में डाल दिया मेरा मोटा लंड जाते ही वो चिल्ला उठी मैंने अपना लंड तुरंत बाहर निकाला उसकी गांद फॅट चुकी थी थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तब बोली तुमने पहले क्यूँ नही बताया की तुम्हारा लंड इतना बड़ा है मैं तुमसे कभी का छुड़वा लेती तो मैने पूछा क्या तुम पहले छुड़वा चुकी हो तो उसने कहा की काफ़ी बस्र लेकिन इतना बड़ा लंड कभी नही देखा अब वो मेरा लंड चूस रही बिल्कुल सन्नी लीयोन की तरह मैं जिसे सारीफ़ समझता था वो तो पूरी तरह से एक्सपीरियेन्स थी 10 मिनिट चूसने के बाद वो मेरे घोड़े की सवारी करने लगी और दोनो हाथों से अपने चूचों को दबा रही जो उसके हस्तों में नही समा रहे थे अब मैने उसके हाथों को पकड़ लिया तो उसकी चूचे उछालने लगे पूरे घर में सिर्फ़ ठप-ठप और आ-आ की आवाज़ थी एसा लग रहा था जैसे मेरी सारी विश पूरी हो गई हो. उसके बाद से तब तक वो याहहन से नही गई तब तक मैने उसे कपड़े पहनने नही दिया उसे कई बार छोड़ा लेकिन भूख नही मिटी. तब उसने कहा की अब से हम हमेशा के लिए ब्फ-गफ़. अपने प्रमोशन के लिए उसे बॉस से चुडवाया. बॉस से मुझ से कहा उन्होने असी चीज़ ज़िंदगी में नही देखी.

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